- डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बावजूद लेबनान में इजरायल अपने हमलों को रोकने की जगह बढ़ाए जा रहा है
- शुक्रवार को भी इजरायल की वायु सेना ने लेबनान की बेका घाटी में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए
- इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्लाह ने पहले सीजफायर तोड़ा है, कमांडर सहित 4 सैनिक मारे हैं
अमेरिका और ईरान की डील के बावजूद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बावजूद लेबनान में इजरायल अपने हमलों को रोकने की जगह बढ़ाए जा रहा है. रात के हमलों के बाद शुक्रवार, 19 जून को भी इजरायल की वायु सेना ने लेबनान की बेका घाटी में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए. इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्लाह ने सीजफायर तोड़ा है और दक्षिणी लेबनान में एक संदिग्ध ड्रोन हमले में उसके एक टैंक बटालियन कमांडर और तीन अन्य सैनिक मारे गए हैं. इससे पहले लेबनान ने बताया था कि रात में किए इजरायली हमलों में 16 लोग मारे गए थे.
इजरायली वायु सेना ने कहा, "वायु सेना ने कुछ समय पहले बेका घाटी में हिजबुल्लाह आतंकवादी संगठन के ठिकानों पर हमला किया. यह हमला हिजबुल्लाह द्वारा बार-बार सीजफायर का उल्लंघन करने के जवाब में किया गया है. हिजबुल्लाह लगातार इजरायली रक्षा बलों (IDF) के खिलाफ हमलों और आतंकवादी योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है."
इजरायल के सुरक्षा मंत्री की मांग- पूरा लेबनान जलना चाहिए
इन नए हमलों और जवाबी हमलों के बाद इजरायल की तरफ से बयान और भी सख्त हो गए हैं. इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "पूरा लेबनान जलना चाहिए."
एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में बेन गवीर ने लिखा, "हर इजरायली मां के आंसू के बदले एक हजार लेबनानी माताओं को रोना चाहिए. पूरा लेबनान जलना चाहिए. अमेरिकियों का पूरा सम्मान करते हुए भी, इजरायल को पूरी दुनिया को साफ कर देना चाहिए कि हमारे बेटों का खून और हमारे नागरिकों की सुरक्षा कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे छोड़ा जा सके. पूरा लेबनान जलना चाहिए. इजरायल के नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों की रक्षा करना हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है और यह जिम्मेदारी हर दूसरी बात से ऊपर है."
बेन गवीर ने कहा कि सिर्फ संयम बरतकर जीत हासिल नहीं की जा सकती और उन्होंने यही बात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी बताई है. उन्होंने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से निजी बैठकों में भी कहा है कि हर इजरायली मां के आंसू के बदले एक हजार लेबनानी माताओं को रोना चाहिए. अब यह आगे-पीछे का खेल बंद होना चाहिए. मिडिल ईस्ट में नपे-तुले जवाब और संयम से जीत नहीं मिलती. आपको पूरी ताकत से हमला करना पड़ता है. आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करना और कुचलना पड़ता है."
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत फिलहाल रुकी हुई है. सच्चाई यह है कि मिडिल ईस्ट की स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और ऐसा नहीं लगता कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में अपना सैन्य अभियान जल्द बंद करेगा. ईरान ने कहा है कि जब लेबनान में हिंसा रुकेगी तब अमेरिका से आगे की बात होगी.
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