नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की गीता गोपीनाथ ने कहा कि इजराइल-गाजा युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर हो सकता है, खासकर जब से यह ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया भर के कई देश मुद्रास्फीति से लड़ रहे हैं. शनिवार को एनडीटीवी से खास बातचीत में आईएमएफ के प्रथम उप प्रबंध निदेशक ने कहा कि अगर युद्ध एक क्षेत्रीय संघर्ष बन जाता है और इसमें अधिक देशों की भागीदारी देखी जाती है, तो इसका तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है, जिससे मुद्रास्फीति में वृद्धि होगी. साथ ही विश्व का GDP भी प्रभावित हो सकता है.
गोपीनाथ ने कहा, "यह देखना वास्तव में हृदयविदारक है कि नागरिकों की जान के नुकसान के संदर्भ में वहां क्या हो रहा है. यह भयानक है. दुनिया के बाकी हिस्सों में आर्थिक परिणामों के संदर्भ में, बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि समय के साथ यह संघर्ष कैसे बदलता है." इसलिए यदि यह एक क्षेत्रीय संघर्ष बन जाता है, तो इसके महत्वपूर्ण परिणाम हो सकते हैं. अगर मुझे किसी एक की ओर इशारा करना हो, तो यह तेल की कीमतों पर प्रभाव होगा."
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गीता गोपीनाथ ने कहा, "हमारा अनुमान है कि यदि आपके पास तेल की कीमतों में 10% की वृद्धि है, तो इससे विश्व सकल घरेलू उत्पाद में 0.15 प्रतिशत अंक की कमी आती है और मुद्रास्फीति 0.4 प्रतिशत अंक बढ़ जाती है, और यह देखते हुए कि दुनिया भर के कई देश अभी भी मुद्रास्फीति को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, वह इससे उनकी चुनौतियां बढ़ेंगी."
'तेल की कीमतों में वृद्धि और मुद्रास्फीति पर इसका प्रभाव'
गोपीनाथ ने बताया कि युद्ध से प्रवासन संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं और क्षेत्र में पर्यटन प्रभावित हो सकता है. मुझे लगता है कि इस समय यह जानना जल्दबाजी होगी कि क्या हो सकता है. लेकिन हम घटनाओं पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं. अपने पहले के बिंदु पर लौटते हुए, आईएमएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तेल की कीमतों में वृद्धि और मुद्रास्फीति पर इसका प्रभाव युद्ध के आर्थिक नतीजों के संदर्भ में मुख्य चिंताएं बनी रहेंगी.
'...कीमतों के खिलाफ लड़ाई जीतना कठिन हो सकता...'
उन्होंने कहा, "हम ईंधन की कीमतों में अस्थिरता को लेकर चिंतित हैं. हमने देखा है कि यूरोप में एक विशेष गैस पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण गैस की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. बड़ी चिंता यह है कि देश मुद्रास्फीति से लड़ रहे हैं. कई देशों में सकल मुद्रास्फीति नीचे आ रही थी. यदि यह ऐसे माहौल में फिर से बढ़ती है जहां कुछ समय के लिए उच्च मुद्रास्फीति रही है, तो इससे मुद्रास्फीति की उम्मीदें बढ़ सकती हैं और केंद्रीय बैंकों के लिए बढ़ती कीमतों के खिलाफ लड़ाई जीतना कठिन हो सकता है."
युद्ध का ये आठवां दिन
इजरायल और हमास युद्ध (Israel Hamas War) का ये आठवां दिन है. इजरायल ने बीते कुछ दिनों में गाजा पट्टी और खासकर हमास के आतंकी ठिकानों पर अपने हमले की तीव्रता को बढ़ा दिया है. वहीं, गाजा के अधिकारियों के अनुसार बीते कुछ दिनों में इजारयल के हमले में फिलिस्तीन के 1500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. और बड़ी संख्या में घायल हुए हैं.
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