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This Article is From Dec 11, 2025

बदल जाएगा भारत का इंश्योरेंस सेक्टर, बीमा क्षेत्र में 100% FDI को कल मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी

100% FDI से वैश्विक बीमा कंपनियों की भारत में भागीदारी बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धा से ग्राहकों को बेहतर उत्पाद और सेवाएं मिल सकती हैं. सरकार का दावा है कि इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और बीमा क्षेत्र की वित्तीय मजबूती बढ़ेगी.

बदल जाएगा भारत का इंश्योरेंस सेक्टर, बीमा क्षेत्र में 100% FDI को कल मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी
भारत सरकार बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने जा रही है.
  • भारत सरकार बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मंजूरी देने वाली है.
  • कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद शीतकालीन सत्र में बिल पेश किया जाएगा.
  • FDI सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के लिए संबंधित कानूनों में संशोधन प्रस्तावित है.
नई दिल्ली:

100% FDI in Insurance Sector: भारत का इंश्योरेंस सेक्टर बदल सकता है. सरकार बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेश निवेश (FDI) के प्रस्ताव को मंजूर करने वाली है. 100 फीसदी विदेशी निवेश मिलते ही भारत के बीमा क्षेत्र में कई बड़े विदेशी प्लेयर भी आ सकते हैं. हालांकि अब भी भारत में कई बड़े विदेशी प्लेयर बीमा क्षेत्र में काम कर रहे हैं. लेकिन उनकी सीमाएं सीमित है, अब 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की मंजूरी के बाद दुनिया के दूसरे देशों की कई बड़ी बीमा कंपनियां भारतीय मार्केट में उतर सकती है.

शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह में सदन में होगा पेश

मिली जानकारी के अनुसार पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक कल दोपहर एक बजे होगी. कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद अगले सप्ताह शीतकालीन सत्र में बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश से जुड़े बिल को लाया जाएगा. सरकार ने सत्र से पहले इसे एजेंडे में सूचीबद्ध किया है. दूसरी ओर अगला सप्ताह शीतकालीन सत्र का अंतिम सप्ताह है.

इस बिल के अनुसार बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रावधान होगा. इस कदम से बीमा उद्योग में बड़े पैमाने पर विदेशी पूंजी आएगी, जिससे क्षेत्र के विस्तार, आधुनिक तकनीक और बेहतर सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा.

संबंधित कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार

वित्त मंत्रालय ने इसके लिए संबंधित कानूनों—Insurance Act, 1938, IRDAI Act, 1999 और LIC Act, 1956—में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है. नए प्रावधानों के तहत विदेशी कंपनियां भारतीय बीमा कंपनियों में पूरी 100% हिस्सेदारी ले सकेंगी. हालांकि सरकार इस निवेश के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित कर सकती है, जिनमें प्रीमियम का निवेश भारत में ही रखने जैसी आवश्यकताएं शामिल हो सकती हैं.

बजट में वित्त मंत्री ने की थी घोषणा

इस साल बजट में वित्त मंत्री ने इस बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए कहा था कि बीमा क्षेत्र में अधिक पूंजी आने से देश में बीमा कवरेज का दायरा बढ़ेगा और “Insurance for All by 2047” के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी. 100% FDI से वैश्विक बीमा कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धा से ग्राहकों को बेहतर उत्पाद और सेवाएँ मिल सकती हैं. सरकार का दावा है कि इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और बीमा क्षेत्र की वित्तीय मजबूती बढ़ेगी.

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