विज्ञापन

ऋषिकेश कुमार की मौत पर IIT दिल्ली की सफाई, कहा- इलाज और काउंसलिंग की दी गई थी सुविधा

IIT दिल्ली के MSc छात्र ऋषिकेश कुमार की आत्महत्या के मामले में संस्थान ने पहली बार अपना पक्ष रखा है. IIT प्रशासन के अनुसार, ऋषिकेश एक मेधावी छात्र थे, जिन्होंने जुलाई 2025 में MSc कोर्स में प्रवेश लिया था.

ऋषिकेश कुमार की मौत पर IIT दिल्ली की सफाई, कहा- इलाज और काउंसलिंग की दी गई थी सुविधा

IIT दिल्ली के MSc छात्र ऋषिकेश कुमार की आत्महत्या के मामले में संस्थान ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है. IIT प्रशासन के अनुसार, ऋषिकेश पढ़ाई में अच्छे छात्र थे और उन्होंने जुलाई 2025 में MSc कोर्स में दाखिला लिया था. हालांकि, होली के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी. उनके दोस्तों ने भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद उन्हें IIT की एंबुलेंस से संस्थान के अस्पताल ले जाया गया. वहां प्रारंभिक जांच के बाद मनोचिकित्सक की सलाह पर परिवार की सहमति से उन्हें करीब एक महीने तक एक अस्पताल में भर्ती रखा गया था.

संस्थान ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए ऋषिकेश ने जनवरी से मई तक चलने वाले दूसरे सेमेस्टर से नाम वापस लेने का अनुरोध किया था, जिसे मंजूरी दे दी गई थी. बाद में जुलाई में डॉक्टरों ने भी छात्र को परिवार की देखरेख में रहने की सलाह दी, जिसके आधार पर IIT ने दोबारा उनके अकादमिक विड्रॉल को स्वीकृति प्रदान की. IIT दिल्ली ने यह भी कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे छात्रों के लिए कैंपस में 15 काउंसलर तैनात हैं. इसके अलावा AIIMS और VIMHANS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं, ताकि जरूरतमंद छात्रों को बेहतर चिकित्सा सहायता मिल सके और इलाज का खर्च संस्थान वहन कर सके.

वहीं, छात्र की मौत के बाद IIT दिल्ली परिसर में विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी छात्र ऋषिकेश के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और संबंधित डीन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. बढ़ते विवाद के बीच IIT प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पूर्व डीजी अशोक कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है. इस समिति में दो छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है. संस्थान के अनुसार, समिति स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करेगी. इसके साथ ही एक बाहरी ओम्बड्सपर्सन नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है, जो संस्थान के भीतर लंबित या अनसुलझी शिकायतों की सुनवाई करेगा. IIT ने छात्रों से सुझाव भी मांगे हैं, ताकि परिसर को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगात्मक बनाया जा सके.

ये भी पढे़ं : दिल्ली से भागलपुर सिर्फ कुछ घंटों में! 120km/h की रफ्तार वाले बिहार के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे की पूरी डिटेल

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
IIT Delhi Student Suicide, IIT Delhi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com