IIT दिल्ली में M.Sc फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि ये सुसाइड नहीं है और इसकी जांच होनी जरूरी है, साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये देने की मांग भी उठ रही है. इसी बीच IIT दिल्ली की तरफ से इस मामले की जांच के लिए एक एक्सटर्नल एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी. दिल्ली आईआईटी में पढ़ने वाले छात्रों की मांग के बाद संस्थान की तरफ से ये फैसला लिया गया है.
कमेटी में कौन-कौन शामिल है?
पारदर्शी जांच के लिए बनाई गई IIT दिल्ली की इस कमेटी में शिक्षाविद्, साइकोलॉजिस्ट और कानूनी मामलों के जानकार शामिल हैं, जो संस्थान की इंटरनल चीजों और काउंसलिंग सर्विसेज के साथ कैंपस के माहौल की समीक्षा करेंगे. फिलहाल इस कमेटी को लेकर छात्रों की तरफ से कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है, लेकिन उनकी यही मांग थी कि इस मामले की जांच कराई जाए और परिवार को मुआवजा दिया जाए.
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिन पहले 22 अगस्त को दिल्ली IIT में पढ़ाई करने वाले 21 साल के ऋषिकेश कुमार का शव हॉस्टल के कमरे में मिला था. छात्र ने कमरे में कोई सुसाइड नोट भी नहीं छोड़ा था, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी. ऋषिकेश कुमार IIT दिल्ली में M.Sc फिजिक्स के सेकेंड ईयर के छात्र थे और बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले थे.
सवाल उठा रहे हैं छात्र
छात्रों ने कैंपस में पढ़ाई से जुड़े तनाव और मेंटल हेल्थ को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि कैंपस में छात्रों को क्या परेशानी हो रही है और वो किस प्रेशर में हैं, इसका पता लगाना जरूरी है. वहीं आईआईटी दिल्ली की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि कमेटी की सिफारिशों के आधार पर छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे.
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