असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि युवा पीढ़ी को 'जेन Z' और 'जेन अल्फा' जैसी पश्चिमी अवधारणाओं के चश्मे से नहीं देखना चाहिए. उनका कहना था कि असम को युवाओं और विकास के मुद्दों पर अपना स्वतंत्र दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए. 80वें स्वतंत्रता दिवस पर खानापारा एग्रीकल्चरल एंड वेटेरिनरी फील्ड में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा, "मैं 'जेन Z' और 'जेन अल्फा' की अवधारणा में विश्वास नहीं करता. यह एक पश्चिमी सोच है. हमारे लिए छात्र 'जेन Z' या 'जेन अल्फा' नहीं, बल्कि हमारे अपने बेटे और बेटियां हैं."
CM ने घोषणा की कि युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने के लिए एक अलग विभाग बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार और अन्य अवसरों के लिए तैयार करना होगा. उन्होंने कहा कि असम को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए और राज्य के विकास के लिए एक अलग 'असम-दर्शन' विकसित किया जाना चाहिए. सरमा ने एक सैटेलाइट सिटी, आठ नए सब-डिस्ट्रिक्ट और 'खेल महारन' के एक नए संस्करण की भी घोषणा की. साथ ही उन्होंने बताया कि बच्चों को 50 गंभीर बीमारियों के लिए मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा.
'तो उसकी आधी तनख्वाह पहली पत्नी को दी जाएगी...'
बाल विवाह के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 11,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने बहुविवाह के प्रति सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि पहली पत्नी के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे. सरमा ने बताया कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपनी पहली पत्नी को छोड़ देता है, तो उसकी आधी तनख्वाह पहली पत्नी को दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि इसी तरह की व्यवस्था गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए भी कानून के जरिए लागू करने पर विचार किया जा रहा है.
भूमि अधिकारों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 राजस्व सर्किलों में तीन पीढ़ियों से रहने वाले लोगों को जमीन खरीदने की अनुमति दी जाएगी. उन्होंने इसे मूल समुदायों के भूमि अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. हालिया बाढ़ का उल्लेख करते हुए सरमा ने कहा कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और बहाली के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है. उन्होंने कहा, "हम सभी प्रभावित लोगों का पुनर्वास करेंगे. 10 सितंबर तक संपत्ति के नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी."
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार पूरा 'वंदे मातरम्' बजाए जाने का भी जिक्र किया और इसे ऐतिहासिक क्षण बताया. इसके अलावा उन्होंने राज्य के विभिन्न समुदायों और भाषाई समूहों से आगामी जनगणना में अपनी भाषा 'असमिया' दर्ज कराने की अपील की. उन्होंने कहा कि इससे राज्य की भाषाई पहचान और अधिक मजबूत होगी. सरमा ने कहा कि असम अब शासन के 'असम मॉडल' की ओर बढ़ रहा है, जिसमें विकास और तकनीक को राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक सोच के साथ जोड़ा गया है.
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