हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक ऐसा अनोखा विवाह हुआ. जिसे शायद ही कोई भूल पाएगा. एक दूल्हा भारी हिमपात के बीच बारात लेकर निकला और बर्फ के बीच विवाह की रस्में निभाई गई. ये अनोखी शादी मंडी के सराज क्षेत्र में हुई. हिमपात से जब सड़कें बंद हो गई और अंधेरा छा गया, तब भी बुनालीधार के गितेश ठाकुर का हौसला नहीं डगमगाया. दुल्हन को लेने का जज्बा ऐसा था कि दूल्हा करीब 7 किलोमीटर बर्फीले और दुर्गम रास्तों को तय कर बारातियों सहित बैंचड़ी पहुंचा. जहां बर्फ के बीच विवाह की रस्में निभाई गई. बर्फ के बीच हुई ये शादी यादगार बन गई है. जो भी लोग इस शादी में शामिल हुए वो शायद ही इस विवाह को कभी भूल पाएंगे.
बुनालीधार निवासी गितेश ठाकुर का विवाह 24 जनवरी को बैंचड़ी की ऊषा ठाकुर के साथ तय था. इससे एक दिन पहले 23 जनवरी को सराज क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ, जिससे लगभग सभी संपर्क मार्ग बंद हो गए. क्षेत्र में ब्लैकआउट की स्थिति भी बनी रही. मुख्य सड़क बंद होने के कारण परिवार ने पैदल ही बारात ले जाने का निर्णय लिया. जहां पहले करीब 100 लोगों की बारात जानी थी, वहीं मौसम की मार के चलते केवल 20 के करीब ही रिश्तेदार बारात में शामिल हो सके. दूल्हा गितेश ठाकुर और उसके दोस्त सबसे आगे चलते हुए दो से ढाई फीट बर्फ से ढके ऊबड़-खाबड़ रास्तों से निकले. बारात दोपहर करीब सवा तीन बजे बुनालीधार से रवाना हुई और शाम करीब सात बजे बैंचड़ी पहुंची.
अंधेरे में हुआ विवाह
बिजली न होने के कारण अंधेरे में ही विवाह की रस्में पूरी की गईं. तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार सुबह दुल्हन को भी पैदल ही बुनालीधार लाया जाएगा. दूल्हे के पिता देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि हिमपात शुभ संकेत है और इससे शादी जैसे मांगलिक कार्य नहीं रुकते. इस हिमपात से क्षेत्र में बागबानी और कृषि कार्यों को भी लाभ मिलेगा.
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