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गणतंत्र दिवस परेड: ट्रैफिक, मौसम, सिक्योरिटी, आकर्षण के केंद्र... काम की सारी बातें यहां जानें

दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए विस्तृत बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है, जिसके तहत नई दिल्ली क्षेत्र में लगभग 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. गणतंत्र दिवस परेड के दिन दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? ट्रैफिक को लेकर क्या व्यवस्था की गई है? परेड के मुख्य आकर्षण क्या होंगे? जानिए इस रिपोर्ट में.

गणतंत्र दिवस परेड: ट्रैफिक, मौसम, सिक्योरिटी, आकर्षण के केंद्र... काम की सारी बातें यहां जानें
Republic Day Parade: गणतंत्र दिवस परेड से जुड़ी सभी अहम जानकारियां, जानिए यहां.
  • गणतंत्र दिवस परेड की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है. इसके लिए दिल्ली में खास तैयारी की गई है.
  • दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिसमें भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई है.
  • इस बार परेड में ब्रह्मोस, आकाश हथियार प्रणाली, सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर, भैरव लाइट कमांडो बटालियन शामिल होंगी.
नई दिल्ली:

Republic Day Parade 2026: हर साल गणतंत्र दिवस एक साझा राष्ट्रीय गौरव के रूप में मनाया जाता है. इस दिन समारोह, रंग और सामूहिक यादें एक साथ मिल जाती हैं. राजधानी से लेकर देश के दूर-दराज के इलाकों में यह दिन ध्वजारोहण करके और सशस्त्र बलों और स्कूली बच्चों की परेड के आयोजनों से मनाया जाता है, जिससे इस दिन के महत्व का एक साझा एहसास जगता है. इन परेडों में सबसे भव्य और महत्वपूर्ण परेड नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित की जाती है, जो देश की सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति की एक बहुरंगी तस्वीर दिखाती है.

शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने से होगी शुरुआत

दिन की शुरुआत राष्ट्रीय स्मारक पर प्रधानमंत्री द्वारा शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होती है, जिससे मुख्य समारोह से पहले राष्ट्रीय गौरव का माहौल बनता है. कर्तव्य पथ पर, भारत के राष्ट्रपति के आने के साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होती है. राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी के साथ परेड की शुरुआत होती है. 

सेना, नौसेना और वायु सेना की मार्चिंग टुकड़ियां और अन्य वर्दीधारी सेवा बल, औपचारिक रूप से परेड करते हुए कर्तव्य पथ से गुजरते हैं, जो उनके अनुशासन और तालमेल को दिखाता है और इस भव्य दृश्य को और भी शानदार बनाता है.

26 जनवरी के लिए दिल्ली का ट्रैफिक अपडेट

  • गणतंत्र दिवस परेड को लेकर दिल्ली पुलिस ने रूट डायवर्जन जारी किया है. जिसके अनुसार भारी वाहनों की एंट्री पर रोक है. परेड को लेकर मेट्रो भी कल सुबह 3 बजे से चलेगी.
  • गणतंत्र दिवस परेड सुबह 10:30 बजे विजय चौक से शुरू होकर कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, तिलक मार्ग और बहादुर शाह जफर मार्ग से होते हुए लाल किले पर समाप्त होगी.
  • परेड के पूरे मार्ग पर सुबह से ही सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा. विजय चौक, इंडिया गेट सी-हेक्सागन और तिलक मार्ग जैसे प्रमुख हिस्से पूरी तरह बंद रहेंगे.
  • दिल्ली में भारी और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर 25 जनवरी की रात से ही रोक लगा दी गई है, जो 26 जनवरी को कार्यक्रम संपन्न होने तक जारी रहेगी.
  • परेड मार्ग और आसपास की सड़कों पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, मेट्रो सेवाएं सुबह 3 बजे से शुरू रहेंगी, लेकिन कुछ स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट नियंत्रित रह सकता है.
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यूरोपीय परिषद और आयोग के अध्यक्ष मुख्य अतिथि

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगे. कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह का थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष' है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह की अगुवाई करेंगी, जो सुबह 10:30 बजे शुरू होगा और लगभग 90 मिनट तक चलेगा.

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26 जनवरी के दिन दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 26 जनवरी को दिल्ली का मौसम साफ रहेगा. आकाश में हल्के बादल छाए रहेंगे. सुबह के समय में हल्के धुंध छाया रह सकता है. दिन में धूप निकलेगी, लेकिन पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और हाल ही में दिल्ली में हुई बारिश के कारण हवा में ठंडी रहेगी. कनकनी वाली ठंड महसूस होगी. कुल मिलाकर मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान की मानें तो गणतंत्र दिवस के परेड में मौसम को कोई खलल नहीं डालेगा. 

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इस बार के गणतंत्र दिवस परेड के आकर्षण क्या होंगे?

इस बार के गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ब्रह्मोस और आकाश हथियार प्रणालियां, गहन मारक क्षमता वाला ‘सूर्यास्त्र' रॉकेट लॉन्चर प्रणाली और अर्जुन युद्धक टैंक मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे. अधिकारियों ने बताया कि इस परेड में पहली बार नवगठित ‘भैरव लाइट कमांडो' बटालियन और शक्तिबन रेजिमेंट, ज़ांस्कर पोनी और बैक्ट्रियन ऊंट हिस्सा शामिल होंगे.

  • एक और नई पहल के तहत 61 कैवेलरी के घुड़सवार दस्ते के जवान युद्धक साजो-सामान में नजर आएंगे, जबकि स्वदेशी प्लेटफॉर्म समेत सेना की प्रमुख परिसंपत्तियां जवानों के साथ ‘चरणबद्ध युद्ध संरचना' में कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ेंगी.
  • सेना की 61वीं घुड़सवार रेजिमेंट पारंपरिक रूप से औपचारिक परेड में सशस्त्र बलों की अग्रणी टुकड़ी रही है, जो औपचारिक वर्दी और आकर्षक टोपी पहने सदस्यों के लिए जानी जाती रही है.

अधिकारियों ने बताया कि भारत सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा, जिसमें नवगठित इकाइयां और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल शामिल हैं.

जानिए गणतंत्र दिवस परेड का शेड्यूल

समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाने से होगी जहां वह शहीदों को पूरे राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्पचक्र अर्पित करेंगे.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथियों के ‘पारंपरिक बग्गी' में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की संभावना है. राष्ट्रपति मुर्मू के साथ उनके अंगरक्षक भी होंगे जो उन्हें सुरक्षा प्रदान करेंगे.

करीब 100 सांस्कृतिक कलाकार परेड की शुरुआत करेंगे, जिसका विषय ‘विविधता में एकता' होगा. यह परेड संगीतमय वाद्यों का भव्य प्रदर्शन होगी जो देश की एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेगी. 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के ध्वज फॉर्मेशन में चार एमआई-17 चार हेलीकॉप्टर पुष्प वर्षा करेंगे.

इसके बाद परेड की शुरुआत होगी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सलामी लेंगी. परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली एरिया करेंगे, जो दूसरे पीढ़ी के अधिकारी हैं.

सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों के विजेता भी होंगे शामिल

सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों के गौरवशाली विजेता भी इसमें शामिल होंगे. इस दल में परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर संजय कुमार शामिल होंगे. अशोक चक्र विजेता मेजर जनरल सी. ए. पिथावालिया (सेवानिवृत्त) और कर्नल डी. श्रीराम कुमार भी दल का हिस्सा होंगे.

यूरोपीय संघ की सैन्य टुकड़ी भी परेड में होगी शामिल

परेड में यूरोपीय संघ (ईयू) की एक छोटी सैन्य टुकड़ी भी शामिल होगी. पहली बार, परेड में भारतीय सेना का चरणबद्ध 'बैटल ऐरे फॉर्मेट' प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें हवाई घटक भी शामिल होगा. इसमें एक उच्च गतिशीलता वाला टोही वाहन और भारत का पहला स्वदेश निर्मित बख्तरबंद हल्का विशेष वाहन शामिल होगा.

  • अधिकारियों ने बताया कि हवाई सहायता स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और इसका सशस्त्र संस्करण, रुद्र, प्रहार फॉर्मेशन में प्रदान करेंगे. ये युद्धक्षेत्र की रणनीति का प्रदर्शन करेंगे.
  • इसके बाद, सलामी मंच के सामने से टी-90 भीष्म और मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन अपाचे एएच-64ई और आसमान में प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर गुजरेंगे.

अन्य मेकनाइज्ड कॉलम में बीएमपी-दो इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल के साथ नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) एमके-2 शामिल होंगे. सेना के तीनों अंगों की एक झांकी में मई की शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल होंगे. यह परेड का प्रमुख आकर्षण रहने की संभावना है.

यह झांकी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के प्रति निर्णायक प्रतिक्रिया देने के संकल्प का प्रतिनिधित्व करेगी. भारतीय नौसेना की टुकड़ी 144 युवा अधिकारियों और जवानों की होगी, जिसका नेतृत्व कॉन्टीजेंट कमांडर के तौर पर लेफ्टिनेंट करन नाग्याल करेंगे, जबकि लेफ्टिनेंट पवन कुमार गांडी, लेफ्टिनेंट प्रीति कुमारी और लेफ्टिनेंट वरुण द्वेरेरिया प्लाटून कमांडर के तौर पर करेंगे.

नौसेना की झांकी में क्या-क्या होगा खास?

इसके बाद नौसेना की झांकी होगी, जो ‘मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना' विषय का जीवंत चित्रण करेगी. इस झांकी में पांचवीं शताब्दी ईस्वी की पारंपरिक नौका शामिल होगी, जिसे अब आईएनएसवी कौंडिन्य नाम दिया गया है. साथ ही अग्रणी स्वदेशी प्लेटफ़ॉर्म, जैसे विमान वाही पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि भी शामिल होंगे.

  • झांकी में आईएनएसवी तारिणी द्वारा ‘नाविका सागर परिक्रमा-दो' अभियान के दौरान अपनाये गए परिक्रमा मार्ग का भी चित्रण होगा. इसके अलावा, मुंबई में समुद्री कौशल सिखाने वाली गैर-सरकारी संस्था सी कैडेट्स कॉर्प्स के युवा कैडेट भी झांकी के साथ मार्च करेंगे.
  • भारतीय वायुसेना की टुकड़ी चार अधिकारियों और 144 एयरमेन का होगा. टुकड़ी कमांडर स्क्वाड्रन लीडर जगदेश कुमार होंगे, जबकि स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश सुपरन्यूमेररी अधिकारी के रूप में होंगे.
  • अधिकारियों ने बताया कि इस मार्चिंग दस्ते के साथ हवाई फ्लाई-पास्ट भी होगा, जिसमें दो राफेल, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान ‘स्पीयरहेड' फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे, जो “सिंदूर फॉर्मेशन” का प्रतीक होगा.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अपनी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल एलआर-एएसएचएम का प्रदर्शन करेगा. यह मिसाइल स्थिर और गतिशील लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है और विभिन्न प्रकार के पेलोड ले जाने के लिए डिजाइन की गई है.

17 राज्यों सहित कुल 30 झांकी कर्तव्य पथ होंगे प्रस्तुत

इस साल कुल 30 झांकी कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत होंगी. इसमें से 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होंगी. इस वर्ष लगभग 2,500 सांस्कृतिक कलाकार हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करेंगे. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के मोटरसाइकिल सवारों की संयुक्त टीम ‘डेयर डेविल्स' दर्शकों को रोमांचित करेगी.

राफेल, सुखोई, जैगुआर जैसे विमान दिखाएंगे करतब

हवाई फ्लाई-पास्ट में 29 विमान शामिल होंगे. इनमें 16 लड़ाकू विमान, चार परिवहन विमान और नौ हेलीकॉप्टर होंगे. इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और जैगुआर विमान शामिल हैं. साथ ही रणनीतिक विमान सी-130 और सी-295 और भारतीय नौसेना का पी-8आई विमान भी शामिल होगा. फॉर्मेशन में अर्जन, वज्रांग, वरुण और विजय शामिल होंगे.

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सुरक्षा में करीब 10 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए विस्तृत बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है, जिसके तहत नयी दिल्ली क्षेत्र में लगभग 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित स्मार्ट चश्मे तथा सीसीटीवी कैमरों सहित उन्नत निगरानी प्रौद्योगिकियों का सहारा लिया जा रहा है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी.

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) देवेश कुमार महाला ने बताया, “राष्ट्रीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं.” उन्होंने कहा, “सुरक्षा के लिए लगभग 10,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है. जांच चौकियां, बैरिकेड और अन्य मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू हैं. तैनाती योजनाओं, बिंदुवार ब्रीफिंग और आकस्मिक उपायों के बारे में सभी कर्मचारियों को समझाया गया है और पूर्वाभ्यास भी किए गए हैं.”

महाला के मुताबिक, उन्नत निगरानी तंत्र के तहत परेड मार्ग और आसपास के हिस्सों सहित पूरे नयी दिल्ली क्षेत्र में ‘वीडियो एनालिटिक्स' और ‘फेस रिकग्निशन सिस्टम' (एफआरएस) जैसी प्रोद्योगिकियों से लैस 3,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.

उन्होंने बताया कि लगभग 150 कर्मियों वाले 30 से अधिक नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे इन कैमरों से मिलने वाले ‘लाइव फीड' की निगरानी करेंगे. महाला के अनुसार, क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को एफआरएस और ‘वीडियो एनालिटिक्स' से लैस एआई चश्मे भी प्रदान किए जाएंगे.

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प्रभांशु रंजन
Chief Sub Editor
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