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This Article is From Nov 28, 2025

कल्याण स्टेशन पर हाई-टेक फर्जीवाड़ा: बैंक मैनेजर और इंजीनियर पति गिरफ्तार, AC लोकल के फर्जी पास का बड़ा खुलासा

26 नवंबर को AC लोकल में टिकट जांच के दौरान TTI विशाल तुकाराम नवले को महिला द्वारा दिखाया गया डिजिटल पास संदिग्ध लगा. महिला ने अपना सीजन पास UTS ऐप दिखाने का दावा किया, लेकिन पास असल में गूगल क्रोम ब्राउजर में खुला हुआ था और उस पर QR कोड भी नहीं था, जो किसी भी असली डिजिटल पास का सबसे जरूरी हिस्सा होता है.

कल्याण स्टेशन पर हाई-टेक फर्जीवाड़ा: बैंक मैनेजर और इंजीनियर पति गिरफ्तार, AC लोकल के फर्जी पास का बड़ा खुलासा
  • कल्याण रेलवे स्टेशन पर एक महिला को हाईटेक नकली AC लोकल पास के साथ पकड़कर रेलवे पुलिस ने बड़ा खुलासा किया.
  • महिला एक्सिस बैंक में सेल्स मैनेजर है और लाखों की सैलरी के बावजूद फर्जी पास दिखाकर लोकल में सफर कर रही थी.
  • टिकट जांच के दौरान महिला द्वारा दिखाया गया डिजिटल पास असली नहीं था और QR कोड भी नहीं था.
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मुंबई लोकल में बिना टिकट या फर्जी पास का खेल नया नहीं है. लेकिन कल्याण रेलवे स्टेशन पर जो मामला सामने आया उसने अधिकारियों को हैरान कर दिया. यहां रेलवे पुलिस ने एक महिला को हाईटेक नकली AC लोकल पास के साथ पकड़ा और सबसे चौंकाने वाली बात यह कि महिला कोई आम यात्री नहीं, बल्कि एक निजी बैंक में अच्छे पद पर काम करती है.

गिरफ्तार महिला गुड़िया ओमकार शर्मा (28) एक्सिस बैंक में सेल्स मैनेजर है. लगभग एक लाख रुपये महीने की सैलरी होने के बावजूद वह कई महीनों से फर्जी पास दिखाकर AC लोकल में सफर कर रही थी. इस पूरी जालसाजी के पीछे उसका पति ओमकार आनंदी शर्मा (30) निकला, जो पेशे से इंजीनियर है.

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कैसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा?

26 नवंबर को AC लोकल में टिकट जांच के दौरान TTI विशाल तुकाराम नवले को महिला द्वारा दिखाया गया डिजिटल पास संदिग्ध लगा. महिला ने अपना सीजन पास UTS ऐप दिखाने का दावा किया, लेकिन पास असल में गूगल क्रोम ब्राउजर में खुला हुआ था और उस पर QR कोड भी नहीं था, जो किसी भी असली डिजिटल पास का सबसे जरूरी हिस्सा होता है.

पास नंबर की जांच कराने पर पता चला कि यह पास ओमकार शर्मा के नाम पर है और इसकी वैधता तो फरवरी 2025 में ही खत्म हो चुकी थी. आगे व्हॉट्सऐप डेटा की जांच में साफ हो गया कि पूरा पास ही नकली है.

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पूछताछ में खुलासा, 'पास मेरे पति ने बनाया'

जैसे ही महिला को डोम्बिवली स्टेशन पर उतारा गया और पूछताछ शुरू हुई, उसने तुरंत कबूल किया कि फर्जी पास उसके पति ने तैयार किया है. इसके बाद ओमकार शर्मा को भी हिरासत में लिया गया और उसने भी स्वीकार किया कि उसने यह पास कोडिंग, AI और ChatGPT जैसे टूल्स की मदद से तैयार किए.

सिर्फ पत्नी ही नहीं, कई और ‘क्लाइंट' भी

जांच में एक और बड़ी बात सामने आई कि ओमकार शर्मा सिर्फ पत्नी की मदद नहीं कर रहा था. उसके मोबाइल से 10 और फर्जी पास बरामद हुए, जो उसने अलग-अलग लोगों को भेज रखे थे. यानी मामला काफी बड़ा था और वह बाकायदा ‘पास जेनरेट' करने की एक चैनल चला रहा था.

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