देश भर में गर्मी अब सामान्य मौसम नहीं, बल्कि आफत बनती जा रही है. एक तरफ पारा 45-46 डिग्री के पार पहुंच रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली कटौती लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर रही है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में अगले कई दिनों तक भीषण हीटवेव का अलर्ट जारी किया है.
दिल्ली-NCR में ‘टॉर्चर हीट' का दौर
IMD के मुताबिक दिल्ली-NCR में 23 से 28 मई तक लगातार हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी. तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. 24 से 27 मई के बीच गर्मी अपने चरम पर होगी, जब तेज लू और गर्म हवाएं हालात और बिगाड़ेंगी. बारिश और तेज हवाओं से मिली एक दिन की राहत के बाद गर्मी ने फिर पलटवार किया है. राहत की बात यह भी नहीं है कि रातें भी ठंडी हों, न्यूनतम तापमान 28-31°C के बीच रहने से लोगों को रात में भी सुकून नहीं मिल रहा है.
बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
गर्मी के बीच बिजली संकट हालात को और गंभीर बना रहा है. बीती शाम गुरुग्राम में ट्रांसफॉर्मर फेल होने से बड़ा पावर कट हुआ, जिससे मेट्रो सेवा तक प्रभावित हो गईं. कई राज्यों में अनियमित बिजली कटौती के कारण लोग न दिन में चैन पा रहे हैं, न रात में. गर्मी और उमस के बीच बिना बिजली रहना लोगों के लिए किसी सजा जैसा हो गया है.

अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर के पास भीषण गर्मी के बीच एक व्यक्ति सड़क पर पंखा लेकर चल रहा है.
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जानलेवा बनती गर्मी
इतना ही नहीं ओडिशा में तो हीटवेव अब जानलेवा हो चुकी है. यहां 45°C के पार तापमान के बीच 3 लोगों की हीटस्ट्रोक से मौत की पुष्टि हुई है. वहीं महाराष्ट्र में 226 हीट स्ट्रोक के मामले सामने आए हैं और 6 संदिग्ध मौतों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. डॉक्टरों के मुताबिक हीट एक्सॉशन से लेकर हीट स्ट्रोक तक की स्थिति बेहद खतरनाक होती है, जिसमें शरीर का तापमान 104°F से ऊपर पहुंचकर जान तक ले सकता है.
दोपहर में ‘कर्फ्यू जैसे हालात'
देश के कई हिस्सों में दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं. बाजारों में सन्नाटा छा जाता है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. ओडिशा और मध्य भारत के कई शहरों में लोग कह रहे हैं कि आसमान से आग बरस रही है.
रात में भी चैन नहीं
इस बार संकट सिर्फ दिन की गर्मी तक सीमित नहीं है. रात में भी तापमान 30°C के आसपास बना हुआ है, जिससे शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिल रहा. विशेषज्ञों के मुताबिक यह ‘वार्म नाइट्स' हीटवेव को और खतरनाक बना रही हैं और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा रही हैं.
मानसून करीब, लेकिन राहत अभी दूर
इस बीच IMD ने राहत की उम्मीद भी जताई है. दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है. हालांकि उत्तर भारत में मानसून पहुंचने में अभी समय लगेगा, ऐसे में फिलहाल लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा.
प्रशासन अलर्ट मोड में
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्मी, हीटवेव और त्योहारों को लेकर अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक बुलाने का फैसला किया है. कई राज्यों में अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है.
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क्यों हो रही इतनी खतरनाक गर्मी?
विशेषज्ञों के मुताबिक अब हीटवेव सिर्फ तापमान की वजह से नहीं, बल्कि कई फैक्टर्स के मेल से खतरनाक बन रही है-
- बढ़ती नमी (Humidity)
- लगातार गर्म रातें
- शहरी ‘Heat Island' प्रभाव
- सूखी मिट्टी और जल संकट
इन सबका असर मिलकर शरीर की कूलिंग क्षमता को कमजोर कर देता है.
पानी और बिजली पर बढ़ता दबाव
भीषण गर्मी का असर सिर्फ लोगों की सेहत पर नहीं, बल्कि जरूरी संसाधनों पर भी साफ दिख रहा है. कई शहरों में पानी की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है. वहीं बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है, जिससे बार-बार ट्रिपिंग और पावर कट की समस्या सामने आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में जल संकट भी गहरा सकता है.
अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज
गर्मी के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और हीट एक्सॉशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि खासकर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा खतरे में हैं. कई अस्पतालों ने हीट स्ट्रोक को लेकर अलग वार्ड और तैयारियां भी शुरू कर दी हैं.
सबसे ज्यादा खतरे में ये लोग
विशेषज्ञों के मुताबिक खेतों में काम करने वाले किसान, दिहाड़ी मजदूर, डिलीवरी बॉय और ट्रैफिक पुलिस जैसे लोग सबसे ज्यादा जोखिम झेल रहे हैं, क्योंकि उन्हें लंबे समय तक धूप में काम करना पड़ता है. ऐसे लोगों में हीट स्ट्रोक तेजी से जानलेवा रूप ले सकता है.
शहर बन रहे ‘हीट ट्रैप'
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बड़े शहर अब ‘हीट आइलैंड' में बदल रहे हैं. कंक्रीट की इमारतें, कम हरियाली और एयर कंडीशनर से निकलने वाली गर्म हवा शहरों का तापमान और बढ़ा रही है. यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में रात का तापमान ज्यादा बना रहता है.
राहत कब मिलेगी?
हालांकि मानसून केरल के करीब पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर भारत में इसके पहुंचने में अभी वक्त है. ऐसे में अगले कई दिनों तक लोगों को 45 डिग्री के आसपास की झुलसाती गर्मी झेलनी पड़ेगी. मौसम विभाग का साफ कहना है कि फिलहाल हीटवेव से राहत की कोई जल्दी उम्मीद नहीं है.
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