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'हम ज़मींदार के बेटे...' कहकर बरसाए लात-घूंसे, गुरुग्राम में बीच सड़क पर युवकों ने रिटायर्ड कर्नल को पीटा

गुरुग्राम में मामूली सड़क दुर्घटना के बाद नशे में धुत युवकों ने रिटायर्ड कर्नल अनिल यादव को बेरहमी से पीटा और UPI से ₹30,000 वसूल लिए. पुलिस ने सभी पांच आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया है.

'हम ज़मींदार के बेटे...' कहकर बरसाए लात-घूंसे, गुरुग्राम में बीच सड़क पर युवकों ने रिटायर्ड कर्नल को पीटा
  • गुरुग्राम में एक हल्की सड़क टक्कर के बाद रिटायर्ड कर्नल अनिल यादव पर नशे में धुत युवकों ने हमला किया
  • हमलावरों ने फौज को ताना देते हुए कहा कि वे ज़मींदार के बेटे हैं और फौज से उनका कोई लेना-देना नहीं
  • कर्नल यादव को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, मोबाइल फोन और कार की चाबी भी छीन ली गई थी
गुरुग्राम:

गुरुग्राम की सड़कों पर एक हल्की-सी टक्कर ने अचानक एक ऐसा मोड़ ले लिया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. रिटायर्ड कर्नल अनिल यादव, जिन्होंने सीमाओं पर देश की रक्षा की, जब शहर की व्यस्त सड़क पर एक सामान्य हादसा सुलझाने की कोशिश कर रहे थे उन्हें यह अंदाज़ा नहीं था कि अगले कुछ ही मिनटों में वे नशे में धुत कुछ युवकों की बेरहमी शिकार बनने वाले हैं. सबसे ज्यादा चुभने वाली बात यह नहीं थी कि उन्हें पीटा गया बल्कि हमलावर युवकों ने गर्व से कहा कि फौज से कोई मतलब नहीं… हम ज़मींदार के बेटे हैं.

क्या है पूरा मामला? 

कर्नल यादव के मुताबिक, घटना तब हुई जब वे अपनी कार में घर लौट रहे थे. तभी सामने से आई एक कार अचानक उनकी लेन में घुस गई. उन्होंने तुरंत ब्रेक लगाया, लेकिन फिर भी हल्की टक्कर हो गई. वे गाड़ी से उतरकर क्षति का जायजा लेने और सामान्य बातचीत कर मामला सुलझाने ही वाले थे कि दूसरी कार से पांच–छह युवक बाहर निकले. बीयर की बोतलें हाथ में, और साफ तौर पर नशे की हालत में. स्थिति को बिगड़ता देख वे अपनी कार में लौट आए, लेकिन दरवाज़ा बंद करने से पहले ही हमलावरों ने उन्हें खींचकर बाहर निकाल लिया. कर्नल यादव बताते हैं कि उन्होंने तुरंत कहा कि “मैं मानता हूं कि हादसा हुआ है, नुकसान मैं भर दूंगा. मैं सेना का पूर्व अधिकारी हूं.”

"हम जमींदार के बेटे हैं"

लेकिन हमलावरों ने ताने मारते हुए जवाब दिया “हम भी ज़मींदार के बेटे हैं… फौज-वौज से हमें कोई मतलब नहीं.” इसके बाद हमलावरों ने उन पर लगातार हमला शुरू कर दिया उनका मोबाइल फोन, कार की चाबी और उनकी तांबे की पानी की बोतल छीन ली. उसी बोतल से उनके सिर पर हमला किया गया और उनका सिर गाड़ी से टकराया गया. गिरने के बाद उनके सीने और पसलियों पर लात मारी गई.

भीड़ बढ़ती देख आरोपी उन्हें पास खड़ी अपनी i20 कार में ठूंसकर ले जाने की कोशिश करने लगे. धमकी दी कि या तो वे पैसा दें या पिटाई जारी रहेगी. कर्नल यादव ने सूझ-बूझ दिखाते हुए उनसे कहा कि वे UPI से पैसे ट्रांसफर कर देंगे ताकि डिजिटल ट्रेल रहे. आखिरकार उन्होंने ₹30,000 ट्रांसफर कर अपनी जान बचाई.

सभी 5 आरोपी गिरफ्तार

हमले की सूचना किसी राहगीर ने पुलिस को दी. पुलिस के पहुंचने तक कर्नल यादव अस्पताल में भर्ती हो चुके थे. गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में पांचों आरोपियों पंकज , विकास,  निखिल , साहिल और अंकित को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें से तीन एक कंपनी में काम करते हैं, जबकि दो छात्र हैं. कर्नल यादव ने कहा कि सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि “आज की युवा पीढ़ी न बुज़ुर्गों का सम्मान करती है, न वर्दी वालों का.” उन्होंने चिंता जताई कि अगर ऐसे लोग एक सेना अधिकारी के साथ ऐसा व्यवहार कर सकते हैं, तो आम नागरिक खासकर सड़क पर अकेली महिलाओं की सुरक्षा कितनी खतरे में है.

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