- ओडिशा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों ने पार्टी लाइन तोड़कर क्रॉस वोटिंग की
- सोफिया फिरदौस ने कांग्रेस के BJD उम्मीदवार समर्थन के फैसले पर आपत्ति जताई थी
- सोफिया फिरदौस ओडिशा की बाराबती-कटक सीट से कांग्रेस विधायक हैं और ओडिया मुस्लिम समुदाय की पहली महिला विधायक हैं
ओडिशा की 4 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को वोटिंग हुई. इस चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी. जिन तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, उनमें रमेश जेना, दशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस शामिल हैं. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा सोफिया फिरदौस की है. सोफिया ने दो दिन पहले भी राज्यसभा चुनाव में बीजू जनता दल (BJD) के उम्मीदवार के समर्थन करने के पार्टी के फैसले पर सवाल उठाए थे. सोमवार को उन्होंने पार्टी लाइन से हटते हुए बीजेपी के समर्थन में वोट डाला है.
सोफिया ने दो दिन पहले कहा था, 'जब यह तय किया गया कि किस उम्मीदवार का समर्थन करना है तब हमसे न तो सलाह ली गई और न ही हमारी सहमति मांगी गई. कांग्रेस ने उम्मीदवार को अपना समर्थन तभी दिया, जब पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने अपने समर्थन की घोषणा कर दी थी.'

उन्होंने कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था, 'यह एक साझा उम्मीदवार कैसे हो सकता है? वह तो BJD का उम्मीदवरा है. अगर आज ओडिशा में कांग्रेस पार्टी की यह हालत है तो इसकी वजह BJD ही है. BJD ने हमेशा BJP का समर्थन किया है. यह BJP की 'B-टीम' रही है. BJD ने वक्फ बिल पर BJP का समर्थन किया था.' उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी आगे बढ़ते हुए सभी को साथ लेकर चलने की दिशा में काम नहीं कर रही है और इस वजह से हर कोई निराश महसूस कर रहा है.
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कौन हैं सोफिया फिरदौस?
23 अगस्त 1991 को जन्मीं सोफिया फिरदौस ओडिशा की बाराबती-कटक सीट से कांग्रेस विधायक हैं. वह ओडिया मुस्लिम समुदाय की पहली महिला विधायक हैं. इसके साथ ही वह एक मिलेनियल भी हैं जो ओडिशा की विधायक हैं. साल 1981 से 1996 के बीच पैदा होने वालों को 'मिलेनियल' कहा जाता है.

पिता की सीट से हैं विधायक
सोफिया का जन्म कटक में हुआ था. वह मोहम्मद मोकीम की बेटी हैं, जो बाराबती-कटक सीट से पूर्व विधायक रहे हैं. मोहम्मद मोकीम 2019 से 2024 तक विधायक थे. धोखाधड़ी के कई मामलों के कारण ओडिशा हाई कोर्ट ने उनकी विधायकी रद्द कर दी थी और उन्हें 2024 में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था. तब 2024 के चुनाव में कांग्रेस ने उनकी बेटी सोफिया फिरदौस को टिकट दिया था.
सोफिया ने कटक के सेंट जोसेफ गर्ल्स हाई स्कूल और रेवेनशॉ जूनियर कॉलेज से पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech की पढ़ाई की. 2022 में उन्होंने IIM, बेंगलुरु से एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम पूरा किया.
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राजनीति में आने से पहले क्या करती थीं सोफिया?
राजनीति में आने से पहले सोफिया एक जानी-मानी उद्यमी थीं. उन्होंने मेट्रो ग्रुप में डायरेक्टर के तौर पर काम किया, जहां उन्होंने रियल एस्टेट और एसेट डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभाई.
सोफिया ने कई बिजनेस और इंडस्ट्री संगठनों में भी अहम पदों पर काम किया. उन्होंने 2023 से 2025 तक CREDAI के भुवनेश्वर चैप्टर की प्रेसिडेंट के तौर पर काम किया और ऐसा करने वाली वह इस संगठन में किसी शहर या राज्य के चैप्टर की अगुवाई करने वाली पहली महिला बनीं.
वह 2019 से 2023 तक CREDAI में CWW ईस्ट जोन कोऑर्डिनेटर भी रहीं. इसके बाद वह कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CIIT) में इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) भुवनेश्वर की को-चेयर थीं.

8,000 वोटों से चुनाव जीती थीं सोफिया
सोफिया फिरदौस ने 2024 में राजनीति में कदम रखा और ओडिशा विधानसभा चुनावों में बाराबती-कटक सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा. उन्होंने बीजेपी के पूर्ण चंद्र महापात्र को 8,001 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी.
2024 के चुनाव में दाखिल हलफनामे में सोफिया ने अपने पास 5.24 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी थी. उन्होंने 2015 में ओडिशा के कारोबारी शेख मेराजुल हक से शादी की थी.
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