- गुरुग्राम में महिला बाइक राइडर का पीछा कर टक्कर मारने के आरोप में कल्याण बैंसला की तलाश पुलिस कर रही है
- पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के नाम एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भारतीय दंड संहिता के दो धाराएं शामिल हैं
- कल्याण बैंसला के वकील का आरोप है कि पीड़िता तेज गति से बाइक चला रही थी और स्टंट कर रही थी
गुरुग्राम में महिला बाइक राइडर का पीछा करने और टक्कर मारने के आरोपी कल्याण बैंसला के वकील का बयान आया है. इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के नाम एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच कर रही है. कल्याण बैंसला की भी तलाश हो रही है. इस बीच कल्याण बैंसला के वकील ने पीड़िता पर ही उकसाने के आरोप लगाए हैं. वकील नवीन बैसला ने कहा कि कल्याण बैंसला दिल्ली से पलवल के लिए आ रहे थे. इस दौरान 20 से 25 राइडर इन्हें पिंच कर रहे थे. नवीन बैसला ने कहा, 'आप वीडियो ही देखेंगे तो एक यूटर्न आता है. उसमें देखेंगे कि लड़की बाइक को 140 से 170 तक की स्पीड में चला रही थी.'
उन्होंने कहा कि कल्याण यूटर्न ले रहा था और इसी दौरान टक्कर हो गई. लड़की स्टंट कर रही थी और वह सोशल मीडिया पर फॉलोअर के लिए ऐसा कर रही थी. उसे तो बस फॉलोअर चाहिए. पता नहीं उसके पास डीएल भी था या नहीं. रोड पर स्टंट के चलते अकसर ऐसा होता है. अकसर ऐसा हो रहा है. वकील नवीन बैंसला ने कहा कि कल्याण ने लड़की से बोला था कि आप साइड में चलाओ और आराम से चलाओ. कल्याण के साथ उसकी बहन, बड़ा भाई और एक मौसी का लड़का था. ये 4 लोग साथ में थे. ये लोग दिल्ली गए थे और वहां से गुरुग्राम होते हुए पलवल आ रहे थे. उन्होंने कहा कि बाइक सवार रोक रहे थे, लेकिन ये रुके नहीं. उन्हें डर था कि इतने सारे बाइक वाले हैं, कहीं लिंचिंग न हो जाए.
उन्होंने कहा कि लड़की राइट आई तो कार चला रहे कल्याण ने लेफ्ट लिया और इसी दौरान हादसा हो गया. वकील ने यहां तक आरोप लगा दिया कि सेल्फ डिफेंस में यह घटना हुई. उन्होंने बाइक सवार जिस तरह से स्टंट करते हैं, उससे डर लगता है. उन्होंने कहा कि आज तक कल्याण बैंसला के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ. समाज में उसका एक रुतबा रहा है. उन्होंने कहा कि गांव में तो लोग इनसे देखकर सीखते हैं और बच्चे प्रोत्साहित होते हैं. हमारी प्रशासन से मांग है कि इस मामले में उचित जानकारी लेकर ही कार्रवाई की जाए.
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बता दें कि इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने खुद ही एक एफआईआर दर्ज की है. इसमें भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 125 और 281 के तहत केस दर्ज हुआ है. इस मामले में अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती है. इसके अलावा एफआईआर में आरोपी की जगह नामालूम शख्स लिखा गया है. फिलहाल कल्याण बैंसला की तलाश करने की बात सामने आई है और पुलिस ने उसे अरेस्ट नहीं किया है. वहीं कल्याण बैंसला के वकील नवीन का कहना है कि यह मामला तो कुछ भी नहीं है. कल्याण के खिलाफ आज तक पुलिस में कोई केस दर्ज नहीं हुआ है. बता दें कि पीड़िता के पिता का कहना है कि यह मामला तो हत्या के प्रयास जैसा है.
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