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गुरु रविदास जयंती आज, दिल्‍ली में निकलेगी भव्‍य शोभा यात्रा, जान लें किन रास्‍तों पर लग सकता है ट्रैफिक जाम

ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि श्री गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर शोभा यात्रा के मद्देनजर एक फरवरी को मध्य और उत्तर दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित होने का अनुमान है.

गुरु रविदास जयंती आज, दिल्‍ली में निकलेगी भव्‍य शोभा यात्रा, जान लें किन रास्‍तों पर लग सकता है ट्रैफिक जाम
  • दिल्ली में श्री गुरु रविदास जयंती पर लाल किले से करोल बाग तक बड़ी शोभायात्रा निकाली जाएगी
  • शोभा यात्रा दोपहर 2.30 बजे लाल किला से शुरू होकर शाम 8 बजे गुरु रविदास मंदिर पर समाप्त होगी
  • यातायात पुलिस ने यात्रा के दौरान भारी भीड़ और वाहन आवाजाही को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की हैं
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नई दिल्‍ली:

श्री गुरु रविदास जी की आज जयंती है, जिसे लेकर दिल्‍ली एनसीआर में कई जगह जूलुस और शोभायात्राएं निकाली जाएंगी. रविदास जयंती पर सबसे बड़ी शोभा यात्रा दिल्‍ली के लाल किले से करोल बाग तक निकलती है. करोल बाग एरिया में संत रविदास का बड़ा मंदिर है, जहां इस शोभा यात्रा का समापन होता है. इस शोभा यात्रा की वजह से कई इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकता है. ऐसे में लाल किला, चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग और आनंद पर्वत एरिया में ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिल सकती है. दोपहर बाद लोगों को इन इलाकों से निकलने से बचना चाहिए.      

दिल्‍ली के इन इलाकों में हो सकता है ट्रैफिक जाम

ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि श्री गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर शोभा यात्रा के मद्देनजर एक फरवरी को मध्य और उत्तर दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित होने का अनुमान है. अधिकारियों ने बताया कि यह शोभा यात्रा श्री गुरु रवि दास जन्मोत्सव समिति (पंजीकृत) द्वारा निकाला जाएगा, जो दोपहर 2:30 बजे लाल किला मैदान से शुरू होगा और शाम लगभग आठ बजे गुरु रविदास मंदिर, पी एंड टी कॉलोनी, गुरु रविदास मार्ग पर समाप्त होने की उम्मीद है. अधिकारियों के अनुसार, शोभा यात्रा चांदनी चौक, फतेहपुरी, खारी बावली, सदर बाजार, बारा टूटी चौक, पहाड़ी धीरज, बारा हिंदू राव और डीबीजी रोड से होते हुए समापन स्थल तक पहुंचेगी.

नेताजी सुभाष मार्ग, एसपीएम मार्ग, चर्च मिशन रोड, खारी बावली रोड, कुतुब रोड, महाराजा अग्रसेन रोड, बारा टूटी चौक, पहाड़ी धीरज रोड, बारा हिंदू राव रोड, रानी झांसी रोड, देशबंधु गुप्‍ता रोड, आर्य समाज रोड, गुरुद्वारा रोड, सरस्‍वती मार्ग और रवि दास मार्ग शामिल हैं. इन रोड से जुड़ी सड़कों पर भी जाम लगने की संभावना है. 

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ट्रैफिक पुलिस ने की विशेष व्‍यवस्‍था 

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है और पूरे मार्ग पर वाहनों और पैदल यात्रियों की भारी आवाजाही रहने का अनुमान है. दिल्ली यातायात पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वाहनों की सुचारु आवाजाही और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. हालांकि, आवश्यकतानुसार यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन लागू किए जा सकते हैं.

राष्ट्रपति मुर्मू ने गुरु रविदास की शिक्षाओं को आत्मसात करने का किया आग्रह

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरु रविदास जयंती की पूर्व संध्या पर शनिवार को शुभकामनाएं दीं और नागरिकों से उनके उपदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया. मुर्मू ने कहा कि गुरु रविदास पूजनीय संत और समाज सुधारक थे, जिन्होंने अपनी शिक्षाओं के माध्यम से समानता, सामाजिक न्याय और प्रेम का संदेश दिया.  राष्ट्रपति ने कहा, 'सादगी और नैतिक अनुशासन के मार्ग पर चलकर उन्होंने जाति और धर्म के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के लिए अथक प्रयास किया. गुरु रविदास जी के विचार सदा प्रासंगिक रहेंगे और मानवीय मूल्यों को अपनाने की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. आइए हम उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रियता से योगदान दें.'

PM मोदी जालंधर में मनाएंगे गुरु रविदास जयंती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जालंधर में 649वीं गुरु रविदास जयंती मनाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान हलवारा हवाई अड्डे के सिविल टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे और आदमपुर हवाई अड्डे का दौरा करेंगे, जहां वह इसे नया नाम देंगे. हवाई अड्डे का नया नाम श्री गुरु रविदास जी हवाई अड्डा होगा.

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कौन थे संत रविदास? 

संत रविदास एक महान संत, कवि और समाज सुधारक थे. उनका जन्म 1377 ईस्वी में वाराणसी के पास सीरगोवर्धनपुर में हुआ था. वह अनुसूचित जाति से थे, लेकिन उन्होंने अपनी कविताओं और उपदेशों से समाज में एक नई जागरूकता पैदा की. संत रविदास ने जाति प्रथा और ऊंच-नीच का विरोध किया और सभी लोगों को समानता और प्रेम का संदेश दिया. उनकी कविताएं 'रविदास की बानी' में संकलित हैं. वे एक महान संत थे, जिन्होंने समाज में परिवर्तन लाने के लिए काम किया.

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