GST सुधारों के नए दौर को मंजूरी मिलने के बाद PM मोदी ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि इन बदलावों से फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होगी, अनुपालन की लागत कम होगी और करदाताओं को ऑटोमेटेड रिफंड की सुविधा मिलेगी. GST काउंसिल द्वारा मंजूर किए गए नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाने, कई अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे कदमों का बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य भरोसे पर आधारित प्रशासन को बढ़ावा देना और GST व्यवस्था को अधिक कुशल, पारदर्शी तथा नागरिक-अनुकूल बनाना है. उनके मुताबिक, GST काउंसिल के ये फैसले व्यापारियों के लिए कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि GST काउंसिल द्वारा GST नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स को दी गई मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही "रिफॉर्म एक्सप्रेस" का अहम हिस्सा है.
नए फैसलों के तहत GST से जुड़े कुछ मामलों में गिरफ्तारी के प्रावधान हटाए गए हैं, अभियोजन की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है और सामान्य दंड को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये किया गया है. माना जा रहा है कि इससे छोटे व्यापारियों और कारोबारियों में लंबे समय से बनी आशंकाएं दूर होंगी तथा ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक कानूनी दबाव से राहत मिलेगी.
देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी GST काउंसिल के फैसलों का स्वागत किया है. CAIT के महासचिव और बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि ये फैसले करोड़ों छोटे व्यापारियों, खुदरा कारोबारियों, MSME और स्टार्टअप्स के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं. उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले छोटे व्यापारियों के लिए प्रस्तावित वार्षिक रिटर्न और तिमाही कर भुगतान व्यवस्था GST लागू होने के बाद सबसे बड़े सुधारों में से एक है. इससे बार-बार रिटर्न दाखिल करने और जटिल अनुपालन प्रक्रियाओं का बोझ कम होगा तथा व्यापारी अपने व्यवसाय के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे.
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