- भर्ती परीक्षा से पहले पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हंगामा हुआ.
- पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और हवाई फायरिंग का सहारा लिया.
- रेलवे के मुताबिक, ट्रेनों में पर्याप्त जगह थी और विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई थी.
बिहार में मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा से पहले शनिवार देर रात राजधानी पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर भारी हंगामा देखने को मिला. भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों की भीड़ ने स्टेशन परिसर में जमकर उपद्रव किया, पथराव और तोड़फोड़ की. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी. घटना के बाद स्टेशन परिसर में कई घंटे तक अफरातफरी का माहौल बना रहा. रेलवे परिचालन प्रभावित हुआ और कई ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा. मामले में पाटलिपुत्र जीआरपी थाना में 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि अब तक 6 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है.
रविवार को बिहार में मद्य निषेध सिपाही के 1685 पद, कक्षपाल के 2417 पद और चलंत दस्ता सिपाही के 108 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई है. कुल 4210 पदों के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है. पहली पाली की परीक्षा में शामिल होने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शनिवार रात ही विभिन्न जिलों के लिए रवाना हो रहे थे. इसी दौरान पाटलिपुत्र स्टेशन पर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
क्या था पूरा विवाद?
रेल आईजी अमरेश कुमार के अनुसार, देर रात मधुबनी एक्सप्रेस और सीमांचल एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंची थी. इन ट्रेनों से दरभंगा, मधुबनी और सीमांचल क्षेत्र की ओर जाने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा करनी थी. बड़ी संख्या में छात्र इन ट्रेनों में सवार भी हो चुके थे. रेल आईजी ने बताया कि इसके बाद करीब 200 से 300 छात्रों का एक समूह स्टेशन पर पहुंचा और ट्रेनों में यात्रा करने के बजाय स्टेशन परिसर में हंगामा शुरू कर दिया. उपद्रवी छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर विशेष ट्रेन चलाने की मांग रखी. प्रशासन द्वारा छात्रों की मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया और बाद में विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा भी कर दी गई.

Photo Credit: IANS
DGP ने दिया था परीक्षा री-शेड्यूल का आश्वासन
डीजीपी ने निर्देश दिया था कि छात्रों को समझाया जाए कि यदि ट्रेन की वजह से किसी अभ्यर्थी की परीक्षा छूटती है तो उसके लिए परीक्षा पुनर्निर्धारित (री-शेड्यूल) करने पर विचार किया जाएगा. अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि विशेष ट्रेन निर्धारित समय के भीतर उनके गंतव्य तक पहुंचा दी जाएगी और वे समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकते हैं. बावजूद इसके कुछ छात्र किसी भी प्रकार की बातचीत सुनने को तैयार नहीं थे.
Patna, Bihar: A protest by exam candidates at Patliputra Railway Station turned violent, with reports of train vandalism. Police used tear gas, fired warning shots, and conducted a baton charge to disperse the crowd. The situation remains tense pic.twitter.com/ElBCYed38D
— IANS (@ians_india) June 14, 2026
रेल आईजी के अनुसार, ऐसा लग रहा था कि कुछ लोग पहले से ही परीक्षा बाधित करने के इरादे से आए थे. जब बातचीत से मामला नहीं सुलझा तो पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल को कार्रवाई करनी पड़ी. उपद्रवियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया गया. इसके साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हवाई फायरिंग भी की गई. हंगामे के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पटना आईजी जितेंद्र राणा को भी चोटें आई हैं. हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और स्टेशन पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया.
रेलवे का दावा- ट्रेनों में थी पर्याप्त जगह
ईस्ट सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र ने बताया कि रात करीब 11:30 बजे कुछ अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू किया था. अधिकांश छात्र सीमांचल एक्सप्रेस में यात्रा करना चाहते थे. रेलवे का दावा है कि ट्रेन में पर्याप्त जगह उपलब्ध थी और यात्री लगातार उसमें सवार हो रहे थे, लेकिन कुछ उपद्रवी तत्वों ने माहौल बिगाड़ने और हिंसा फैलाने का प्रयास किया. रेलवे अधिकारियों के अनुसार अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था भी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई लोग स्टेशन परिसर में डटे रहे.
सुबह रवाना हुई ट्रेनें, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
रेलवे के मुताबिक आखिरकार सुबह 5:47 बजे विशेष ट्रेन और सीमांचल एक्सप्रेस दोनों को रवाना कर दिया गया. हंगामे के दौरान कुछ ट्रेनों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे और पुलिस प्रशासन जांच में जुट गया है. स्टेशन परिसर और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है. वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर उपद्रव और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी. रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती जारी है.
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