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सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और डीपफेक की खैर नहीं, सरकार इन मंत्रालयों को भी देने जा रही है बड़ी पावर

भारत सरकार सोशल मीडिया पर डीपफेक और भ्रामक सामग्री रोकने के लिए आईटी नियमों में बदलाव कर रही है. अब IT मंत्रालय के अलावा रक्षा, विदेश और वित्त मंत्रालय भी सीधे कंटेंट हटाने का आदेश दे सकेंगे.

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और डीपफेक की खैर नहीं, सरकार इन मंत्रालयों को भी देने जा रही है बड़ी पावर
  • सरकार सोशल मीडिया पर फैलने वाले फर्जी और डीपफेक कंटेंट को रोकने के लिए नए कदम उठा रही है
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कई मंत्रालयों को कंटेंट हटाने का अधिकार मिलेगा
  • मौजूदा आईटी एक्ट में संशोधन किए बिना नियमों में बदलाव कर अन्य मंत्रालयों को शक्तियां दी जाएंगी

सोशल मीडिया पर इन दिनों फेक न्यूज और डीपफेक का चलन काफी ज्यादा बढ़ गया है. सरकार इंटरनेट पर तेजी से फैलते डीपफेक और भ्रामक कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि अब सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ही नहीं, बल्कि कई अन्य मंत्रालय भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सीधे फर्जी कंटेंट हटाने या ब्लॉक करने का आदेश दे सकेंगे.

क्या है सरकार का नया प्लान?

फिलहाल आईटी एक्ट 2000 की धारा 69A के तहत केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के पास ही किसी कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार है. लेकिन अब एक इंटर मिनिस्ट्रीयल टीम इस प्रस्ताव पर काम कर रही है कि  विदेश, वित्त और रक्षा जैसे अन्य मंत्रालयों को भी यह पावर दी जाए.

अश्विनी वैष्णव ने साफ किया कि इस बदलाव के लिए पूरे आईटी एक्ट में संशोधन करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि मौजूदा नियमों में ही बदलाव करके इसे आसानी से लागू किया जा सकेगा.

क्यों पड़ी इस नए नियम की जरूरत?

दरअसल हालिया दिनों में विदेशी मामलों, अर्थव्यवस्था और रक्षा जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर डीपफेक और फर्जी कंटेंट के हमले बढ़े हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला, जब पूर्व सेना प्रमुख मनोज पांडे का एक मैनिपुलेटेड  और एडिटेड वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें झूठा दावा किया गया कि भारतीय सेना एथिकल के बजाय एथनिक बल बनती जा रही है. वीडियो में असम का जिक्र और सेना में विद्रोह जैसी झूठी बातें फैलाई गई थीं. 

PIB ने जब इसका फैक्ट-चेक किया, तो पाया कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी था और इसे पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा भारतीय सेना की छवि खराब करने के लिए फैलाया जा रहा था.

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तुरंत एक्शन से क्या होगा फायदा?

मंत्री वैष्णव के अनुसार, जब अलग-अलग मंत्रालयों को कंटेंट हटाने का अधिकार मिल जाएगा, तो किसी भी फर्जी कंटेंट को वायरल होने से पहले ही तेजी से रोका जा सकेगा.

अश्लील कंटेंट पर भी सरकार सख्त

इसके अलावा सरकार अन्य आपत्तिजनक कंटेंट पर भी कड़ा रुख अपना रही है. हाल ही में अपकमिंग फिल्म 'KD: The Devil' के एक वायरल हिंदी गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' को अश्लीलता की शिकायतों के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय के निर्देश पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया है.

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