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गोंडा हत्याकांड: चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोका, कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की

करीब तीन घंटे बाद चंद्रशेखर आजाद रामनगर से बाराबंकी पहुंचे. यहां उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पैदल मार्च करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया.

गोंडा हत्याकांड: चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोका, कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की
चंद्रशेखर आजाद
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गोंडा के कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी के रामनगर में पुलिस ने रोक दिया. चंद्रशेखर आजाद लखनऊ से करीब एक हजार कार्यकर्ताओं के साथ गोंडा जा रहे थे. उनके काफिले को रोकने के लिए रामनगर में भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग लगाई गई थी.

पुलिस के रोकने के बाद सांसद और उनके समर्थकों में नाराजगी दिखाई दी. चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी गाड़ियों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस की मौजूदगी में पत्थर और जूते फेंके गए. उन्होंने कहा कि दलित और पिछड़े समाज के लोगों को न्याय से रोकने की कोशिश की जा रही है.

इसी दौरान चंद्रशेखर आजाद की पूर्व गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए. उनके समर्थकों ने चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ नारेबाजी की और रोहिणी घावरी को इंसाफ देने की मांग की. दोनों पक्षों के समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते धक्का-मुक्की होने लगी. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया.

इसके बाद पुलिस चंद्रशेखर आजाद को पुलिस निरीक्षण भवन के पास ले गई. यहां सांसद कुछ देर सड़क पर बैठ गए. करीब 20-25 मिनट बाद वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ वापस लखनऊ की ओर रवाना हो गए.

इधर, पुलिस दोनों पक्षों के समर्थकों को संभालने में जुटी रही. इसी बीच विधायक पल्लवी पटेल के वहां से निकलकर गोंडा पहुंचने की बात सामने आई. उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की.

पल्लवी पटेल ने कहा कि आरोपियों को बिना किसी दबाव के गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और उन पर NSA के तहत कार्रवाई की जाए. उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की.

वहीं, करीब तीन घंटे बाद चंद्रशेखर आजाद रामनगर से बाराबंकी पहुंचे. यहां उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पैदल मार्च करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया. समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मुलाकात की और रामनगर में रोके जाने को लेकर अपनी नाराजगी जताई. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.

रामनगर से लेकर बाराबंकी तक चले इस पूरे घटनाक्रम से जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया. सांसद को रोके जाने, दोनों पक्षों के समर्थकों के आमने-सामने आने और बाद में एसपी कार्यालय तक पैदल मार्च किए जाने को लेकर दिनभर चर्चा रही.
 

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