- मायावती ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने साजिश कर ईवीएम में धांधली कराकर चंद्रशेखर आजाद को जितवाया था
- चंद्रशेखर आजाद ने नगीना की जनता के मतों को सम्मानित करते हुए चुनाव में मिली जीत को जनादेश बताया
- आजाद ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है लेकिन मतदाताओं की भावना को षड्यंत्र से जोड़ना गलत है
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने चंद्रशेखर आजाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने साजिश के तहत ईवीएम में धांधली करके उन्हें जितवाया. इस पर चंद्रशेखर की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. उन्होंने कहा कि जो लोग कभी कहते थे कि 'चंद्रशेखर कौन?' उन्हें जनता ने बता दिया कि सड़क पर संघर्ष करने वाले चंद्रशेखर कौन है. आजाद ने पलटवार करते हुए कहा कि इससे नगीना के उन लाखों मतदाताओं की भावना आहत हुई हैं, जिन्होंने उन्हें वोट दिया था.
आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, EVM और नगीना लोकसभा चुनाव के संबंध में मेरे बारे में कही गई बातों को मैंने सुना.मुझे खुशी इस बात की है कि जो लोग कभी कहते थे, 'कौन चंद्रशेखर?', उन्हें इस देश की जनता ने बता दिया कि हमारे लिए लड़ने वाला, सड़क पर संघर्ष करने वाला चंद्रशेखर कौन है. मुझे खुशी है कि अब मायावती ने यह मान लिया है कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एक बड़ी ताकत बन गई है."
उन्होंने कहा, 'नगीना की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मुझे 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना. मेरे लिए यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि नगीना की जनता के भरोसे और प्रेम की जिम्मेदारी है। इस जनादेश के लिए मैं नगीना की जनता का सदैव ऋणी रहूंगा. चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है. मैं स्वयं भी चुनाव प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव की मांग करता रहा हूं. लेकिन नगीना की महान जनता ने जिस प्रेम और विश्वास के साथ मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, उस जनादेश को किसी षड्यंत्र से जोड़ने से उन लाखों मतदाताओं की भावना भी आहत होती है, जिन्होंने अपने विवेक से मतदान किया.ट
चंद्रशेखर ने कहा, 'मेरी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के संघर्ष पर आधारित है. मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बहुजन समाज के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा बना रहना चाहिए. मायावती के प्रति मेरा सम्मान कल भी था, आज भी है और आगे भी सदैव रहेगा.'
मायावती ने क्या कहा था?
मायावती ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए षड्यंत्र के तहत ईवीएम में धांधली करके चंद्रशेखर आजाद को नगीना सीट से लोकसभा चुनाव जितवाया था. उन्होंने बसपा के परंपरागत मतदाताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपनी एकमात्र हितैषी पार्टी बसपा को वोट देते हैं, लेकिन वह वोट किसी और के खाते में चला जाता है, जिससे धीरे-धीरे उनका मतदान से विश्वास उठता जा रहा है.
मायावती ने कहा, 'इसका एक खास उदाहरण आजाद समाज पार्टी के सांसद हैं, जिनका नगीना आरक्षित सीट पर कोई जनाधार नहीं है, लेकिन बसपा को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत भाजपा ने ईवीएम में गड़बड़ी की और उन्हें जितवा दिया। लोग ऐसा मानते हैं.' उन्होंने आजाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के इशारे पर काम करते हुए वह वहां पहुंच जाते हैं जहां दलितों पर अत्याचार और अन्याय होता है, लेकिन उन्हें न्याय दिलाने के बजाय धरना और प्रदर्शन आयोजित करते हैं और युवाओं को आगे कर देते हैं.
बसपा प्रमुख ने कहा कि एक बार इन युवाओं के खिलाफ मामला दर्ज हो जाता है तो मामला निपटने तक वे सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य हो जाते हैं और धीरे-धीरे पीछे रह जाते हैं, जबकि उन्हें अदालतों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि दलितों को ऐसे लोगों की वजह से गुमराह नहीं होना चाहिए.
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