भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य पदार्थों के लिए नियमों का मसौदा तैयार किया है. इसमें आनुवंशिक रूप से संशोधित जीवों से निर्मित खाद्य या सामग्री के निर्माण, बिक्री और आयात के लिए नियामक से पूर्व अनुमोदन अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया गया है.
एफएसएसएआई के अनुसार, प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा और मानक (आनुवांशिक रूप से संशोधित खाद्य पदार्थ) नियमन, 2022 खाद्य उपयोग के लिए लक्षित आनुवंशिक रूप से संशोधित जीवों (जीएमओ) पर लागू होंगे.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
एक बार लागू होने के बाद ये नियमन जीएमओ से उत्पादित खाद्य सामग्री पर भी लागू होंगे जिनमें संशोधित डीएनए होता है और साथ ही जीएमओ से उत्पादित खाद्य सामग्री पर भी लागू होता है जिसमें संशोधित डीएनए नहीं होता है लेकिन जीएमओ से प्राप्त सामग्री/योजक/प्रसंस्करण सहायक शामिल होते हैं.
जीएमओ का अर्थ किसी भी जीवित जीव से है जिसमें आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से प्राप्त आनुवंशिक सामग्री का एक नया संयोजन है.
नियमों के मसौदे में कहा गया है, ‘‘कोई भी व्यक्ति खाद्य प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति के बिना जीएमओ से उत्पादित किसी भी खाद्य या खाद्य सामग्री का निर्माण, पैकिंग, भंडारण, बिक्री, बाजार या अन्यथा वितरण या आयात नहीं करेगा.''
नियमों के मसौदे पर नियामक को 60 दिन के अंदर सुझाव दिए जा सकते हैं. यह मसौदा 18 नवंबर को जारी किया गया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं