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FSSAI ने फूड स्टार्टअप्स के लिए शुरू किया स्टार्ट-अप सेल, हर बुधवार मिलेंगे ये फायदे

FSSAI ने फूड स्टार्टअप्स के लिए स्टार्ट-अप सेल शुरू किया है. हर बुधवार ऑनलाइन संवाद और ईमेल के जरिए लाइसेंस, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों पर मार्गदर्शन मिलेगा.

FSSAI ने फूड स्टार्टअप्स के लिए शुरू किया स्टार्ट-अप सेल, हर बुधवार मिलेंगे ये फायदे
FSSAI की नई पहल
Source: NDTV Graphics/Canva

खाने-पीने से जुड़ा कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं या पहले से फूड स्टार्टअप चला रहे हैं, तो आपके लिए काम की खबर है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फूड स्टार्टअप्स की मदद के लिए एक विशेष स्टार्ट-अप सेल शुरू किया है. इसके जरिए नए कारोबारी खाद्य सुरक्षा नियमों, लाइसेंस, उत्पादों के मानकों और पैकेजिंग से जुड़े सवालों पर मार्गदर्शन ले सकेंगे.

इस पहल का मकसद नए खाद्य कारोबारियों के लिए नियमों को समझना आसान बनाना है, ताकि उन्हें कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के दौरान अनुपालन से जुड़ी परेशानियों का सामना कम करना पड़े. FSSAI के मुताबिक, स्टार्टअप्स के सवालों के जवाब देने के लिए हर सप्ताह एक घंटे का ऑनलाइन संवाद आयोजित किया जाएगा. कारोबारी ईमेल के जरिए भी अपने सवाल भेज सकते हैं.

फूड स्टार्टअप्स को किन 5 मामलों में मिलेगी मदद?

  • स्टार्ट-अप सेल खाद्य कारोबार से जुड़े कई अहम विषयों पर मार्गदर्शन देगा.
  • लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन: खाद्य कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस और पंजीकरण की जानकारी.
  • खाद्य उत्पादों के मानक: उत्पाद किस श्रेणी में आता है, उसके गुणवत्ता मानक क्या हैं और मंजूरी से जुड़े कौन-से नियम लागू होते हैं.
  • लेबलिंग और विज्ञापन: पैकेट पर लिखी जाने वाली जानकारी, विज्ञापन और उत्पाद से जुड़े दावों के नियम.
  • जांच, आयात और ऑनलाइन बिक्री: खाद्य उत्पादों की जांच, आयात और ई-कॉमर्स के जरिए बिक्री से संबंधित नियम.
  • नए खाद्य उत्पाद: नए प्रकार के खाद्य पदार्थों, न्यूट्रास्यूटिकल्स और उनसे जुड़ी खाद्य सुरक्षा जरूरतों पर मार्गदर्शन.

हर बुधवार ऑनलाइन बातचीत, ईमेल से भी पूछ सकते हैं सवाल

FSSAI के स्टार्ट-अप सेल के तहत हर सप्ताह एक घंटे का ऑनलाइन संवाद आयोजित किया जाएगा. इससे कारोबारियों को अपने सवाल रखने और संबंधित नियमों को समझने का अवसर मिलेगा.

जो कारोबारी ऑनलाइन संवाद में शामिल नहीं हो सकते, वे ईमेल से भी अपने सवाल भेज सकते हैं.

सवालों के जवाब देने के लिए विभागों के बीच तालमेल

स्टार्ट-अप सेल अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय स्थापित करके कारोबारियों के सवालों का समाधान करने में मदद करेगा. जिन सवालों में कानूनी व्याख्या की जरूरत होगी, उनके जवाबों की जांच FSSAI का कानूनी विभाग करेगा.

इससे कारोबारियों को नियमों की सही व्याख्या समझने और अपने कारोबार के लिए लागू शर्तों की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है.

क्या स्टार्ट-अप सेल से लाइसेंस या मंजूरी भी मिलेगी?

नहीं. इस सेल की भूमिका सलाह और मार्गदर्शन देने की है. ये लाइसेंस जारी करने या किसी उत्पाद को मंजूरी देने वाली अलग व्यवस्था नहीं है. लाइसेंस जारी करने, मंजूरी देने और कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार संबंधित सक्षम अधिकारियों के पास ही रहेगा.

स्टार्ट-अप सेल नियमों से छूट भी नहीं देगा. कारोबारियों को लागू खाद्य सुरक्षा नियमों और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा.

फूड स्टार्टअप्स के लिए क्यों अहम है ये पहल?

खाद्य कारोबार में सिर्फ उत्पाद तैयार करना और उसे बाजार में बेचना ही काफी नहीं है. कारोबारियों को लाइसेंस, उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग, विज्ञापन और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का भी पालन करना पड़ता है.

नए कारोबारियों के लिए इन नियमों को समझना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ऐसे में FSSAI का स्टार्ट-अप सेल उन्हें शुरुआती स्तर पर मार्गदर्शन दे सकता है. इससे अनुपालन संबंधी गलतियों, अनावश्यक देरी और नियमों को लेकर होने वाली उलझन का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है.

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