विज्ञापन

करोल बाग से SC के जजों तक... कैसे NCERT किताब पर 48 घंटे में गिरा 'सुप्रीम हथौड़ा', Inside Story

सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की विवादित किताब पर कार्रवाई तब शुरू की जब CJI ने अख़बार में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला सेक्शन देखा. करोल बाग से सैंपल कॉपी मंगवाई गई, जजों की कॉफी मीटिंग में सर्वसम्मति बनी और 48 घंटे में कोर्ट ने किताब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया.

करोल बाग से SC के जजों तक... कैसे NCERT किताब पर 48 घंटे में गिरा 'सुप्रीम हथौड़ा', Inside Story
SC ने करोल बाग के बुक स्टोर से मंगाई NCERT किताब की सैंपल कॉपी. (Right में AI जेनरेटेड तस्वीर)
  • SC ने NCERT की कक्षा आठ की किताब में न्यायपालिका पर भ्रष्टाचार का उल्लेख मिलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया.
  • किताब की केवल कुछ कॉपियां उपलब्ध थीं, जिन्हें करोल बाग के एक बुकस्टोर से खोजकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया गया.
  • जजों की कॉफी मीटिंग में सभी ने किताब की सामग्री को न्यायपालिका की गरिमा पर प्रहार माना और सुओ मोटो एक्शन हुआ.
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट द्वारा NCERT की कक्षा 8 की किताब पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के पीछे की कहानी किसी तेज़-रफ्तार राजनीतिक थ्रिलर से कम नहीं. 48 घंटे तक चली हलचल, करोल बाग के एक बुकस्टोर की अहम भूमिका, जजों की कॉफी मीटिंग और CJI की कड़क नाराज़गी... ये सब मिलकर बताते हैं कि कैसे मामला अखबार की एक रिपोर्ट से देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया.

मंगलवार की सुबह: CJI को अखबार में दिखा ‘करेप्शन इन ज्यूडिशियरी'

NCERT की नई किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' वाला सेक्शन देखकर CJI सुर्या कांत चौंक पड़े. यह रिपोर्ट The Indian Express में छपी थी. CJI ने तुरंत आदेश दिया, 'किताब की कॉपी तुरंत लाई जाए.' समस्या यह थी कि बाजार में कुल 32 कॉपियां ही पहुंची थीं. किताब मिलना लगभग असंभव था.

यह भी पढ़ें- NCERT किताब विवाद: ये गहरी साजिश, जिम्मेदारी तय हो, छोड़ेंगे नहीं.. CJI सूर्यकांत ने जमकर सुनाया

करोल बाग का मिशन: ‘सैंपल कॉपी' की खोज

रजिस्ट्री ने कई जगह खोज की लेकिन कोई कॉपी नहीं मिली. तभी एक वरिष्ठ अधिकारी को करोल बाग के एक बुकस्टोर की याद आई. स्टोर के पास बिक्री की कॉपी तो नहीं थी, लेकिन एक सैंपल कॉपी मौजूद थी. झटपट वह कॉपी CJI तक पहुंचाई गई. इसके बाद रजिस्ट्री ने NCERT से आधिकारिक कॉपी भी मंगवाई जो शाम तक पहुंच गई.

Latest and Breaking News on NDTV

बुधवार सुबह जजेज़ लाउंज: कॉफी पर ‘किताब की सुनवाई'

CJI अगले दिन किताब जजों की रोज की कॉफी मीटिंग में ले गए. उन्होंने अध्याय दिखाकर पूछा, 'आपकी क्या राय है?' सभी जजों का एकमत निर्णय, 'न्यायपालिका की गरिमा पर प्रहार है. कोर्ट को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.' यहीं तय हो गया कि सुप्रीम कोर्ट सुओ मोटो एक्शन लेगा.

कोर्ट में CJI की गरज: 'ज्यूडिशियरी को बदनाम करने का अधिकार किसी को नहीं'

दोपहर तक मामला अदालत में था. सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने किताब की सामग्री पर चिंता जताई. CJI ने नाराज़गी से कहा, 'मैं किसी को न्यायपालिका की साख पर चोट नहीं करने दूंगा. चाहे वो कितना भी ऊंचा क्यों न हो. कानून अपना काम करेगा.'

यह भी पढ़ें- हल्के में नहीं छोड़ेंगे, उन्होंने गोली चलाई और ज्यूडिशरी आज लहूलुहान है- NCERT विवाद पर SC की सख्त टिप्पणी

NCERT का डैमेज कंट्रोल

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया देखते ही NCERT हरकत में आया. NCERT ने कहा अध्याय में अनुचित सामग्री और निर्णय की त्रुटि शामिल हो गई थी. किताब की डिस्ट्रीब्यूशन रोक दी गई. उन्होंने दावा किया कि किताब का उद्देश्य संवैधानिक समझ और संस्थागत सम्मान बढ़ाना था. 

गुरुवार: सुप्रीम कोर्ट का ‘ब्लैंकेट बैन'

48 घंटे के भीतर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया. किताब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया. सभी प्रिंट कॉपियों की जप्ती के आदेश दिए गए.  डिजिटल वर्ज़न की तुरंत हटाने का आदेश भी सर्वोच्च अदालत ने सुनाया. CJI ने बेहद सख्त टिप्पणी की कि अगर इसे रोका नहीं गया तो लोगों का न्यायपालिका से भरोसा उठ जाएगा. जिम्मेदार लोगों को नहीं छोड़ा जाएगा.- हेड्स मस्ट रोल.'

सरकार ने सफाई दी कि दो जिम्मेदार लोग भविष्य में UGC या मंत्रालयों के साथ काम नहीं करेंगे, पर CJI ने कहा कि यह छोटी बात है. गोली चली है और न्यायपालिका घायल हुई है.

लेखक के बारे में
img
आशीष भार्गव
Senior Editor – Legal News
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court, Supreme Court NCERT, NCERT Book Hearing In SC, NCERT Class 8 Social Science Textbook
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com