छत्तीसगढ के धमतरी जिले के रिसाई पारा में निवासी एक युवक ने आत्महत्या कर ली. इसके बाद उसके परिजनों ने एक सराहनीय फैसला लेते हुए, अपने जिगर के टुकड़े की आंखें दान करने का फैसला किया.वो चाहते थे कि उनके बेटे की मौत के बाद भी कोई व्यक्ति उसकी आंखों से दुनिया देख पाए, उनका बेटा मरने के बाद किसी का सहारा लेगा.इस परिवार की इच्छा पर धमतरी के जिला अस्पताल में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई. परिवार के इस फैसले की हर तरफ सराहना हो रही है.
धमतरी जिला अस्पताल के डॉक्टर ने क्या बताया
धमतरी जिला अस्पताल के डॉक्टर तेजस शाह ने बताया कि रिसाई पारा निवासी विजय वाधवानी के 28 साल के बेटे सोयम वाधवानी को जिला अस्पताल लाया गया था. जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.परिजनों ने बताया कि प्लास्टिक की रस्सी से उसने आत्महत्या कर ली है.डॉक्टकर शाह ने बताया कि उन्होंने शव को मोर्चरी में भिजवा दिया था. उन्होंने बताया कि सोयम वाधवानी के परिजनों ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए अपने इकलौते बेटे का नेत्रदान करने का फैसला किया.उन्होंने बताया कि परिजनों की इच्छा के मुताबितक उनके इस फैसले के बाद जिला अस्पताल में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई.
-
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स -
हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने भारत में दी सबसे बड़ी चेतावनी -
Shashi Tharoor EXCLUSIVE: NDTV World Summit 2026 में बदलते वर्ल्ड ऑर्डर पर शशि थरूर क्या बोले? -
'चीन से व्यापार भी, सतर्कता भी' : NDTV World Summit में शशि थरूर ने बताया क्यों जरूरी है मल्टी-अलाइनमेंट -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद हैं शाहरुख खान, बोलीं- ‘ओम शांति ओम’ के रीमेक में करना चाहती हूं काम -
रिजीम चेंज नहीं... शशि थरूर ने दी नई परिभाषा, चुनाव आयोग और सरकार को भी दी नसीहत -
NDTV World Summit 2026 : शशि थरूर ने बताया- कांग्रेस को लेफ्ट की जरूरत क्यों -
NDTV World Summit में शशि थरूर ने समझाया कूटनीति का असली मतलब -
चीन पर इतनी निर्भरता भारत के लिए ठीक नहीं- NDTV World Summit में बोले शशि थरूर -
NDTV World Summit 2026 | AI से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक, भारत की रिसर्च को कैसे मिलेगी नई उड़ान?
वहीं सोयम के एक परिजन अशोक वाधवानी ने बताया कि नेत्रदान बड़ा दान होता है. इससे शरीर छोड़ने के बाद उनकी आंखें दुनिया को देख सकता है और किसी का सहारा बन सकती हैं. उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भी नेत्रदान का फैसला लेने के लिए वो इस परिवार को धन्यवाद देते हैं. वहीं इस फैसले से शहर के सिंधी समाज के साथ-साथ दूसरे लोगों ने भी इस परिवार की सरहाना की है, जिसने अपने सबसे कठिन समय में भी यह सराहनीय फैसला लिया. लोगों का कहना है कि इस परिवार ने समाज के लिए एक मिसाल पेश की है.
ये भी पढ़ें: मगध में दांव पर कई महारथियों की प्रतिष्ठा, वोट पर्सेंट बढ़ने से किसे फायदा-किसे नुकसान?
| हेल्पलाइन | |
|---|---|
| वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ | 9999666555 या help@vandrevalafoundation.com |
| TISS iCall | 022-25521111 (सोमवार से शनिवार तक उपलब्ध - सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक) |
| (अगर आपको सहारे की ज़रूरत है या आप किसी ऐसे शख्स को जानते हैं, जिसे मदद की दरकार है, तो कृपया अपने नज़दीकी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाएं) | |
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं