- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम न होने पर सीधे बूथ स्तरीय अधिकारी से संपर्क कर नाम दर्ज कराया जा सकता है
- भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सेवा को आसान बनाने के लिए ‘बुक-ए-कॉल विद बीएलओ’ सुविधा शुरू की है
- मतदाता आयोग के पोर्टल या ऐप पर मोबाइल नंबर से लॉगिन कर कॉल बुक कर सकते हैं, बीएलओ 48 घंटे में संपर्क करेगा
अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और एसआईआर के बाद आपका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाई है, तो आपके पास एक और मौका है. आप सीधे अपने बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से संपर्क कर सकते हैं. इसके बाद आपका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. चुनाव आयोग ने मतदाता सेवाओं को और सुविधाजनक बनाने के लिए से वोटर लिस्ट के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कैंपेन के दौरान ‘बुक-ए-कॉल विद बीएलओ' सुविधा शुरू की है. बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सेवा के जरिए बीएलओ सिर्फ 48 घंटे में लोगों से संपर्क करेंगे.
चुनाव आयोग ने बताया, बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से सीधे बात करने के लिए फोन कॉल बुक कर सकता है. यह सेवा वोटर लिस्ट/एसआईआर से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता प्राप्त करने के लिए उपयोगी है.
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BLO से कैसे करें संपर्क
भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल तथा ऐप पर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉग-इन कर इस सुविधा का उपयोग किया जा सकता है. आयोग ने बताया कि यदि मतदाता का नंबर पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं है, तो उसे पहले ‘साइन अप' करना होगा. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग इन करने या ओटीपी का उपयोग करके साइन-अप प्रक्रिया पूरी करने के बाद, मतदाता अपना ईपीआईसी या संदर्भ नंबर दर्ज करके या राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर जैसी जानकारी प्रदान करके कॉल बुक कर सकते हैं. संबंधित बीएलओ 48 घंटों के भीतर मतदाता से संपर्क करेगा.
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SIR में किस पार्टी को क्या आपत्ति?
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 12,55,56,025 मतदाताओं वाली मसौदा मतदाता सूची के विरुद्ध राष्ट्रीय और राज्य दलों से दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं. शुक्रवार तक, राष्ट्रीय दलों में, बहुजन समाज पार्टी ने शामिल किए जाने के लिए 1,53,469 दावे और बाहर किए जाने के लिए 19 आपत्तियां प्रस्तुत की हैं. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने शामिल किए जाने के लिए 1,60,605 दावे और 1,214 आपत्तियां दर्ज कीं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शामिल किए जाने के लिए 94,591 दावे और 19 आपत्तियां प्रस्तुत कीं और आम आदमी पार्टी ने 5,262 दावे प्रस्तुत किए. राज्य दलों में समाजवादी पार्टी ने शामिल किए जाने के लिए 1,56,972 दावे और 82 आपत्तियां प्रस्तुत कीं, जबकि अपना दल (एस) ने 5,397 दावे प्रस्तुत किए.
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