- मध्यप्रदेश में फर्जी IAS तृप्ति सिंह के खिलाफ भोपाल और अशोकनगर में ठगी के चार मामले दर्ज हैं
- तृप्ति सिंह ने एमपी टूरिज्म में होटल लीज दिलाने के नाम पर सिवनी के गगन उपवंशी से पचास लाख रुपये की ठगी की
- इंदौर के हिमांशु पांचाल ने खुद को जिला कलेक्टर बताकर फर्जी नेम प्लेट लगाकर जनता को गुमराह किया
मध्य प्रदेश में फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह का मामला लोग भूले भी नहीं कि फिर दो फर्जी आईएएस-आईपीएस भोपाल और इंदौर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. इनके कारनामे भी तृप्ति सिंह राजपूत के जैसे ही है. लोगों को ठगना. रुतबा झाड़ना और खुद को बड़ा अफसर बनाया. तृप्ति सिंह के खिलाफ तो ठगी तो चौथी एफआईआर दर्ज हुई है जबकि खुद को जिला कलेक्टर बताने वाले हिमांशु पांचाल और फेक आईपीएस ऋषि यादव पर शिकंजे कसा गया है.
केस 1: फर्जी IAS तृप्ति सिंह पर चौथी FIR दर्ज
फेक आईएएस अधिकारी बनने का पहला मामला भोपाल के बागसेवनिया थाना इलाके में सामने आया है. भोपाल एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार तृप्ति सिंह ने चौथे मामले में मध्यप्रदेश टूरिज्म में होटल लीज पर दिलाने के नाम पर सिवनी निवासी गगन उपवंशी से 50 लाख रुपये हड़प लिए हैं. इससे पहले भी उसने भोपाल के बागसेवनिया थाने में दर्ज एक मामले के तहत बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे से 39 लाख रुपये की ठगी की थी.

Fake IAS: आरोपी तृप्ति सिंह राजपूत व उसकी सहेलियां.
फिलहाल एमपी के अशोकनगर की जेल में बंद तृप्ति सिंह के खिलाफ अब तक भोपाल और अशोकनगर में 2-2 मामले दर्ज हो चुके हैं. उसे पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लाने के लिए बागसेवनिया पुलिस रवाना हो गई है. भोपाल पुलिस पूछताछ में ठगी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में बड़ा खुलासा हो सकता है. इसी बीच तृप्ति सिंह का अपनी दो सहेलियों के साथ एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीनों खुद को आईएएस अधिकारी बता रही हैं और तृप्ति को अपना सीनियर कह रही हैं. पुलिस अब तृप्ति की उन दोनों सहेलियों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है.
केस 2: हिमांशु पांचाल को समझते थे कलेक्टर, वो निकला फर्जी IAS
मध्य प्रदेश के इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में लोग जिस हिमांशु पांचाल को जिला कलेक्टर समझते थे वो भी फर्जी आईएएस निकला है. 28 वर्षीय आरोपी हिमांशु पांचाल ओमेक्स सिटी-1 स्थित अपने मकान पर “IAS RAJ SONI – District Collector” नाम की फर्जी नेम प्लेट लगाकर रहता था और खुद को आईएएस अधिकारी तथा जिला कलेक्टर बताता था.

Fake IAS: आरोपी हिमांशु पांचाल का घर.
पुलिस की शुरुआती पूछताछ के दौरान जब उससे आईएएस अधिकारी होने से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी वैध कागज पेश नहीं कर सका. पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर आरोपी ने अपना असली नाम हिमांशु पांचाल स्वीकार किया. उसने बताया कि वह समाज में अपना रुतबा और प्रभाव बढ़ाने के उद्देश्य से फर्जी आईएएस अधिकारी बनता था.
पुलिस ने उसके मकान से फर्जी नेम प्लेट, फोटो फ्रेम और कलेक्टर पद से जुड़ी भ्रामक सामग्री जब्त कर ली है. लसूड़िया पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ मई 2026 में गुजरात के अडालज थाने में भी एक केस दर्ज हो चुका है.
केस 3: बेरोजगार छात्रों को ठगने वाला फर्जी IPS ऋषि यादव भोपाल में अरेस्ट
भोपाल के एमपी नगर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को 2016 बैच का आईपीएस अधिकारी बताता था. झांसी का रहने वाला आरोपी ऋषि कुमार यादव बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता था. उसका मुख्य टारगेट कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्र होते थे. वह खुद को कभी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का जॉइंट इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर तो कभी इंटेलिजेंस ऑफिसर बताता था. इसी तरह उसने करीब एक दर्जन युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए और उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के फर्जी जॉइनिंग लेटर भी थमा दिए.

Fake IPS: आरोपी ऋषि कुमार यादव
शिवराज मुडोतिया, जांच अधिकारी एमपी नगर थाना ने बताया कि फरियादी छात्रों की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उससे पूछताछ जारी है, जिससे ठगी के अन्य मामलों का खुलासा हो सकता है.
पीड़ित छात्रों की आरोपी से मुलाकात करीब 3 महीने पहले हुई थी. जब छात्रों ने जॉइनिंग लेटर को ध्यान से देखा तो उसमें वर्तनी की कई गंभीर गलतियां नजर आईं. इसके बाद छात्रों को उस पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा. उसके पास से फर्जी आईपीएस का आईडी कार्ड, कई फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए हैं.
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