उत्तर प्रदेश में भी मुंबई लोकल ट्रेनों की तरह एक बड़ा रेल कॉरिडोर बनाने की तैयारी है. मुंबई की लाइफलाइन लोकल ट्रेनों की तर्ज पर मेमू (MEMU) और विशेष लोकल ट्रेनें चलाने की एक महा नेटवर्क पर काम हो रहा है. यूपी में एक्सप्रेसवे, बुलेट ट्रेन और नमो भारत ट्रेन का नेटवर्क पहले ही तैयार हो रहा है. इस प्लान में उन रेल रूट को चुना गया है, जहां रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे रूट पर ऐसी फास्ट वातानुकूलित ट्रेनें चलाई जा सकती हैं.
लखनऊ-कानपुर रेल रूट प्राथमिकता में
लखनऊ-कानपुर रूट यूपी का सबसे बिजी रेल रूट है, जहां मुंबई लोकल की तरह कम अंतर पर मेमू ट्रेनें चलाने की तैयारी. यहां कोविड काल के पहले भी काफी मेमू ट्रेनें चलती थीं, जिनकी संख्या अब काफी कम हो गई है.लोकल ट्रेनें हर 15-20 मिनट में फेरे चलाएंगी. पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-देवरिया-बस्ती रूट भी यात्रियों की भारी भीड़ देखते हुए लोकल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाएंगे.पूर्वांचल के वाराणसी-प्रयागराज-भदोही रूट पर भी लोकल ट्रेनों का रूट तैयार होगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद-मेरठ-अलीगढ़-खुर्जा रूट दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों मे हाई स्पीड लोकल मेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी.
वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, मेरठ जोन प्रमुख
नार्थ ईस्ट रेलवे ने लोकल ट्रेन की संभावनाएं तलाशने के लिए वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, मेरठ जोन आदि से ऐसे रेलमार्गों की जानकारी मांगी है, जहां रोजाना आवाजाही वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा रहती है. रेलवे बोर्ड को ऐसे संभावित रूट के नाम भेजे भी गए हैं. इस योजना के पहले चरण की शुरुआत अगस्त 2027 से शुरू करने की तैयारी है.

गाजियाबाद-अलीगढ़ रूट भी प्रमुख
पहले चरण में लखनऊ-कानपुर रूट (करीब 72 किमी) और गाजियाबाद-अलीगढ़ रूट पर मेमू तकनीक वाली एसी ट्रेनों की शुरुआत की जाएगी. दूसरा चरण 2028-2029 में होगा, जो पूर्वांचल के प्रमुख रूटों (वाराणसी-प्रयागराज) और गोरखपुर-देवरिया मार्गों को लोकल रेल ग्रिड से जोड़ेगा. लक्ष्य है कि 2030 तक उत्तर प्रदेश और मुंबई जैसे देश के सभी उपनगरीय ट्रेन मार्गों पर साधारण ट्रेनों को आधुनिक स्वचालित दरवाजों वाली मेट्रो जैसी लोकल में बदला जाए.
मुंबई लोकल ट्रेन की तरह हाईस्पीड
मुंबई लोकल ट्रेनों में भी अनारक्षित और बैठने के साथ खड़े होकर रेल यात्रा के लिए डिब्बों की संख्या अधिक होगी ताकि कम समय और कम किराये में यात्रा होगी.लोकल ट्रेनों के रूट पर ई मेमू ट्रेनों में तेजी से रफ्तार पकड़ने और फिर अचानक ब्रेक लगाने की जापानी टेक्नोलजी होगी. इससे रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव और रवाना होने के समय की बचत होगी.इसके लिए छोटे और हॉल्ट स्टेशनों को भी अपग्रेड किया जाएगा ताकि दूरदराज इलाकों तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी.
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लोकल ट्रेनों का किराया
बसों और निजी वाहनों के मुकाबले मेमू और लोकल ट्रेनों का किराया बेहद कम रहेगा. इससे मध्यम और कम कमाई वाले यात्रियों के पैसों की बड़ी बचत होगी. ट्रैफिक की टेंशन भी नहीं होगी क्योंकि सड़कों से निजी वाहनों और बसों का दबाव कम होने से नेशनल हाईवे पर जाम की समस्या खत्म होगी. सड़क हादसों में भारी गिरावट आएगी. आसान रेल संपर्क होने से ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों की बड़े शहरों से आसान आवाजाही होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
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