- गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर में 17 और 18 दिसंबर की रात चोरी हुई जिसमें कई कीमती वस्तुएं चोरी हुईं
- पुलिस ने दीपक राय और इजमामुल आलम समेत चार मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर चोरी में इस्तेमाल सामान बरामद किया
- चोरी में शामिल कुख्यात चोर शरीफ साइन की मां और पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया है पर वह अब भी फरार हैं
बिहार के गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर में बीते 17 और 18 दिसंबर की सर्द रात में भीषण चोरी हुई थी. चोरों ने थावे मां की बेशकीमती गले का हार, सोने का मुकुट, चांदी की छतरी और मौके पर रखे दानपेटी चुरा लिए थे. इस मामले में पुलिस ने अब तक दो मुख्य चोरों के अलावा दो अन्य महिलाओं को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है. साथ ही पुलिस ने यह भी दावा किया है कि चोरों के पास से चोरी में इस्तेमाल किया गया कुछ सामान और मुकुट के कुछ अंश बरामद हुए हैं.
पुलिस ने जिन चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, उनमें मुख्य आरोपी दीपक राय भी है. दीपक यूपी के गाजीपुर के जमनिया के रहने वाला है, जबकि दूसरा चोर इजमामुल आलम है. इजमामुल मोतिहारी का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, इन दोनों चोरों ने ही पहले मंदिर में रेकी की. फिर चोरी की वारदात को अंजाम दिया. चोरी की इस वारदात के खुलासे के दौरान पुलिस ने पूछताछ में कई अहम खुलासे करने का भी दावा किया था. साथ ही गोपालगंज की विशेष पुलिस टीम ने नगर थाना क्षेत्र के अरार मोड़ के पास से चोरी में शामिल हुए कुख्यात चोर शरीफ साइन के घर छापामारी की. छापामारी के दौरान पुलिस ने रेलवे के कई मीटर लंबे ट्रैक और थावे मां की मुकुट के कुछ अंश बरामद किए थे. इसी छापामारी में पुलिस ने छपरा के एक मंदिर से चोरी हुए राम जानकी की अष्टधातु की दो मूर्तियां भी बरामद की. जिसकी कीमत करोड़ों रुपए आंकी गई है.

इस मामले में बिहार पुलिस ने फरार चोर शरीफ साईं की मां मदीना खातून और पत्नी शब्बा खातून को भी गिरफ्तार किया है. हालांकि, अभी तक शरीफ साईं पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. जिसके ऊपर पुलिस ने एक लाख रुपये इनाम की भी घोषणा की है.
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पुलिस की क्या है थ्योरी
अब समझते हैं चोरी की वारदात को लेकर पुलिस की क्या है थ्योरी. क्योंकि लोग सोशल मीडिया पर गिरफ्तार यूपी के चोर दीपक राय और बिहार के मोतिहारी के आरोपी इजमामुल आलम के साथ वारदात को लेकर सवाल उठा रहे है. गोपालगंज पुलिस के मुताबिक, गाजीपुर के जमानिया के रहने वाला दीपक राय बीते 10 और 11 दिसंबर को गोपालगंज पहुंचा. यहां पर उसने थावे मंदिर में चोरी को लेकर रेकी की. फिर ठीक एक सप्ताह बाद 17 और 18 दिसंबर की रात को दीपक राय और उसके सहयोगी इजमामुल आलम ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया. पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी में दिखने वाले यही दोनों शख्स दीपक राय और इजमामुल आलम ही है.

कैसे मिले दीपक और इजमामुल
अब यहां समझते हैं कि गाजीपुर के जमानिया का रहने वाला दीपक राय और बिहार के मोतिहारी का रहने वाला इजमामुल आलम आखिर एक दूसरे से मिले कैसे या उनकी आपस में मुलाकात कैसे हुई? जिन्होंने उत्तर बिहार की इस बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया. अब यहीं एंट्री होती है मोहिनी डांसर की. मोहिनी डांसर पश्चिम बंगाल की रहने वाली है. मोहिनी कुछ महीने पहले एक कार्यक्रम में परफॉर्मेंस करने के किए यूपी के गाजीपुर में गई थी. जहां स्टेज शो के दौरान दीपक और मोहिनी एक दूसरे के करीब आए. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मोहिनी ने ही दीपक को अपने कथित पति इजमामुल आलम से मिलाया. जिसके बाद दीपक और इजमामुल में दोस्ती हुई.
पुलिस के मुताबिक, दीपक की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने पुलिस की जांच की दिशा बदलने के लिए सोशल मीडिया पर उसे निर्दोष बताना शुरू किया. लेकिन जब पुलिस ने थावे के रिखाई टोला से हाफ इनकाउंटर में इजमामुल आलम को गिरफ्तार किया, तब पूछताछ में पूरा मामला साफ हो गया कि दोनों चोरों ने ही मिलकर एक सिंडिकेट बनाया और चोरी की वारदात को अंजाम दिया.

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मोहिनी, दीपक और इजमामुल की कड़ी कैसे जुड़ी?
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि इजमामुल की प्रेमिका मोहिनी ने उससे शादी कर ली है. यह भी बताया कि इजमामुल ने अपना नाम और धर्म बदलकर उसके साथ झांसा देकर शादी की है. अब मोहिनी अपने मुस्लिम प्रेमी को कानूनी सजा दिलाने की बात कर रही है. एसपी अवधेश दीक्षित के मुताबिक, मोहिनी गोपालगंज के मोहम्मदपुर में रहती थी. यहां से वह स्टेज कार्यक्रम करने के लिए भोजपुर, बक्सर, बलिया और गाजीपुर जाती थी. यही से मोहिनी, दीपक और इजमामुल की कड़ी जुड़ी. इसी कड़ी में कुख्यात शरीफ साईं भी जुटा, जो पूर्व में भी कई चोरी की वारदात को लेकर चर्चित था.
बहरहाल पुलिस ने थावे मंदिर चोरी मामले में अबतक कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. लेकिन चोरी के तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी मां के बेशकीमती हार, मुकुट और छतरी को पुलिस सकुशल बरामद नहीं कर सकी है. जो अभी भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है.
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