महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) में शुरू हुई बगावत क्या नया मोड़ लेने वाली है? सवाल इसलिए क्योंकि पार्टी के 6 बागी लोकसभा सांसदों में से एक ओमप्रकाश राजे निंबालकर का कहना है कि वह अपने वोटरों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही अपनी राजनीतिक राह तय करेंगे. इससे शिवसेना (यूबीटी) को उम्मीद है कि निंबालकर पाला नहीं बदलेंगे. वहीं, पार्टी के सांसद संजय राउत ने भी दावा किया है कि दो बागी सांसद उनके संपर्क में हैं. इसी बीच निंबालकर ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है. उन्होंने कहा कि वह सोमवार को मातोश्री आ रहे हैं.
क्या पाले में ही रहेंगे निंबालकर?
ओमप्रकाश निंबालकर के बयानों से कन्फ्यूजन बढ़ता जा रहा है. रविवार को पुणे से अपने संसदीय क्षेत्र धाराशिव के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि वह अपने वोटरों से बात करेंगे और उसके आधार पर आगे की राजनीतिक दिशा तय करेंगे.
बाद में उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) से मिली फंडिंग नाकाफी थी और हम हार गए. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी फंड के मामले में मदद नहीं कर रही है.
Pune, Maharashtra: On Operation Tiger, Shiv Sena UBT MP Om Raje Nimbalkar says, "I will clarify my political stance after consulting with the public. Regardless of my political decision, I have never spoken—nor will I ever speak—against Uddhav Thackeray and Aaditya Thackeray.… pic.twitter.com/OaagKfZjny
— ANI (@ANI) June 20, 2026
लेकिन अब बताया जा रहा है कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है और भरोसा दिलाया है कि वह पूरी तरह से पार्टी के साथ हैं और उन्होंने कोई अलग फैसला नहीं लिया है. दोनों के बीच यह बात शनिवार रात को हुई थी.
सूत्रों ने बताया कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से कहा कि 'आपने ही मुझे बड़ा किया है और आज मैं पार्टी और आपकी वजह से ही सांसद हूं.'
सूत्रों के अनुसार, निंबालकर ने यह भी साफ किया कि वह कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले अपने कार्यकर्ताओं के साथ हर विषय पर चर्चा करेंगे. उन्होंने ठाकरे से कहा कि वह सोमवार को 'मातोश्री' आ रहे हैं.
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निंबालकर वोटरों से करेंगे बात
रविवार को पुणे से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए निंबालकर ने कहा, 'मैं आज शाम 4 बजे अपने संसदीय क्षेत्र के गोवर्धनवाड़ी में लोगों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करूंगा और अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट करूंगा. लोगों से बातचीत के बाद मैं अपनी भविष्य की राजनीतिक दिशा के बारे में साफ-साफ बताऊंगा.'
उन्होंने कहा कि 'मैंने कभी भी उद्धव ठाकरे या आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करूंगा.'
संजय राउत का दावा- दो बागी संपर्क में
संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि कुछ बागी सांसद पार्टी के संपर्क में हैं क्योंकि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जनता के गुस्से से डरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि अगर सांसदों को लगता है कि उन्होंने गलती की है, तो उनसे बातचीत की जा सकती है, और दावा किया कि दो सांसदों के साथ बातचीत अभी चल रही है.
राउत ने कहा कि आप शिवसेना (UBT) का जितना अधिक अपमान करेंगे, राज्य के लोग आपके खिलाफ खड़े होंगे.

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'ऑपरेशन टाइगर' पर लगा ब्रेक?
आरोप लग रहे हैं कि शिवसेना (यूबीटी) को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर' चलाया जा रहा है. 17 जून को दिल्ली में पार्टी की संसदीय दल की बैठक में 9 में से 6 सांसद शामिल नहीं हुए थे.
इनमें संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टिकर और निंबालकर थे. इससे अटकलें तेज हो गईं कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं.
शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सदस्य हैं. दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए बागी गुट को दो-तिहाई यानी कम से कम 6 सांसदों की जरूरत है.
सांसद अरविंद सावंत ने शनिवार को बताया कि संसदीय दल की बैठक में शामिल न होने के कारण सेना (UBT) की ओर से जारी 'कारण बताओ नोटिस' का छह बागी सांसदों में से किसी ने भी जवाब नहीं दिया है. यह नोटिस 18 जून को जारी किया गया था और 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया था.
आदित्य ठाकरे ने भी बागी सांसदों के लिए सुलह का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि जो वापस आना चाहते हैं, उनका स्वागत है क्योंकि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे का दिल बहुत बड़ा है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग पार्टी के खिलाफ जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सूत्रों के मुताबिक, अगला संभावित कदम लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर 'व्हिप का उल्लंघन' करने के लिए उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग करना है.
(रिपोर्टः यशपाल)
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