- आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र में पैसे खाने वाले और डरपोक लोगों के खिलाफ लड़ाई शुरू करने का ऐलान किया है
- ओमराजे निंबालकर की वापसी पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि पार्टी के खिलाफ जाने वालों पर कार्रवाई होगी
- आदित्य ठाकरे ने BJP पर शिवसेना में तोड़फोड़ कराने का आरोप लगाते हुए उन्हें लोकतंत्र खत्म करने वाला बताया है
महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) में हुई बगावत और पार्टी में टूट के बाद आदित्य ठाकरे का दर्द छलका है. ठाकरे ने एनडीटीवी से खास बातचीत में महाराष्ट्र की मौजूदा सियासत, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद ओमराजे निंबालकर की वापसी की अटकलों और नीट परीक्षा की गड़बड़ी समेत कई बड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी है.
आदित्य ठाकरे ने कहा कि पैसे खाने वाले और डरपोक लोगों के खिलाफ जनता के बीच जाकर फिर से लड़ाई शुरू होगी. वे क्षेत्रों का दौरा करेंगे. ओमराजे निंबालकर की वापसी की अटकलों पर आदित्य ठाकरे बोले कि उद्धव साहब का दिल बड़ा है, लेकिन पार्टी के खिलाफ जाने वालों पर कार्रवाई होगी. उन्होंने राज ठाकरे के 'अमित शाह के लिए तोड़फोड़ हो रही है' वाले बयान पर तंज कसा और मुस्कुराते हुए पूछा-"क्या कोई शक है?"
जहां से बागी जीतकर आए हैं, वहां जाएंगे
आदित्य ठाकरे ने कहा, "हम सभी दौरा करने वाले हैं. मुख्य बात यही है कि जनता के बीच जाकर, फिर से एक बार, इन सभी डरपोक और पैसे खाने वाले लोगों के खिलाफ संवाद करेंगे जो भाग गए हैं. चूंकि इन लोगों को जनता ने ही आशीर्वाद दिया था, इसलिए अब वहां फिर से लड़ाई शुरू होगी." आइए जानते हैं कि इंटरव्यू के दौरान आदित्य ठाकरे ने किन सवालों के क्या जवाब दिए:
रिपोर्टर: वे कह रहे हैं कि शिंदे ने फोन किया था?
आदित्य ठाकरे: ठीक है, फोन तो वे दिखाएंगे ही. 'हां हैलो बोला, हां...' वह स्पीकर फोन पर आपको पता ही है कि नाटक कैसे चलता है. लेकिन जिन्होंने पैसे खाए हैं, उन्हें फोन करो या कुछ भी करो, उसका क्या मतलब है? यह नालायकपन जनता देख चुकी है.
रिपोर्टर: ओमराजे निंबालकर बोल रहे हैं कि मैं अभी किसी पार्टी में नहीं गया हूं.
आदित्य ठाकरे: मुझे लगता है परसों जो बैठक में आए थे, वे हम सभी को दिख रहे हैं. अगर कोई साफ मन से वापस आना चाहता है, तो आ सकता है; उद्धव साहब का दिल बहुत बड़ा है. लेकिन महत्वपूर्ण बात यही है कि जो कोई भी पार्टी के खिलाफ जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी.
रिपोर्टर: राज ठाकरे ने कहा है कि अमित शाह के लिए यह तोड़फोड़ हो रही है.
आदित्य ठाकरे: (मुस्कुराते हुए) क्या इस पर आपकी कोई अलग राय है? कोई शक है?
रिपोर्टर: अमित शाह मुंबई में हैं और शिंदे सेना की तरफ से बैनरबाजी की गई है.
आदित्य ठाकरे: उनके गुलामों ने ये बैनर लगाए हैं.
रिपोर्टर: NEET परीक्षा में काफी गड़बड़ी हुई है, इस पर क्या कहेंगे?
आदित्य ठाकरे: आज एक विद्यार्थी को परीक्षा देने के लिए अबू धाबी जाना पड़ रहा है. आपने देखा होगा, नागपुर के एक छात्र को अबू धाबी का एग्जाम सेंटर मिला है. मुख्य बात यही है कि हमारे देश में परीक्षाएं बेहद खराब तरीके से संचालित हो रही हैं. आपने पेपर लीक का मामला देखा होगा; अब पेपर लीक न हो, इसके लिए एयरफोर्स की मदद लेनी पड़ रही है. आप देखिए, इन लोगों ने देश को कहां लाकर खड़ा कर दिया है.
रिपोर्टर: अमित शाह कह रहे हैं कि कोल्हापुर में एक ही गुट है, एक ही शिवसेना है, और वह एकनाथ शिंदे की है.
आदित्य ठाकरे: मुझे लगता है कि ऐसी फालतू बातों पर हमें ध्यान नहीं देना चाहिए. महाराष्ट्र को पता है कि असली शिवसेना कौन सी है. जिन्हें मेरे दादाजी, वंदनीय हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे जी ने आगे बढ़ाया, वही आज शिवसेना और ठाकरे परिवार को खत्म करने निकले हैं. यह सिर्फ जनता ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया देख रही है. दुनिया में अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि भाजपा ने हमारे देश में लोकतंत्र खत्म कर दिया है. अब मीडिया के तौर पर आप पर भी यह जिम्मेदारी है कि आप उनके बयानों को कहां तक दिखाते हैं और सच्चाई कितनी सामने लाते हैं.
रिपोर्टर: लेकिन दूसरी तरफ के लोग कुछ और ही दावा कर रहे हैं.
आदित्य ठाकरे: दूसरी तरफ की कोई बात ही नहीं है, बात सिर्फ एक ही है कि शिवसेना एक ही है. दूसरों की जो है, वह गुलामों की सेना है; सेना भी नहीं, वह तो एक टोली है. एक चोर को मुख्यमंत्री बनना था, इसलिए ये सब भाग गए.
रिपोर्टर: अमित शाह का कहना है कि शिंदे सेना कोई गुट नहीं, बल्कि मूल शिवसेना है.
आदित्य ठाकरे: देखिए, ये सब बेकार की बातें हैं, इन पर ज्यादा ध्यान न दें. ये सारी तिकड़म इसलिए हैं क्योंकि भाजपा को सत्ता हथियानी है. भाजपा को सत्ता लोगों के लिए नहीं, बल्कि खुद के लिए चाहिए. पिछले 12 साल का इतिहास गवाह है कि भाजपा जब भी सत्ता में आती है, उसे शासन चलाना नहीं आता. शिवसेना सिर्फ एक ही है- 'शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे'. जिस भाजपा को मेरे दादाजी ने बढ़ाने का मौका दिया, वही भाजपा आज इस शिवसेना और ठाकरे परिवार को खत्म करना चाहती है. जनता सब देख रही है.
रिपोर्टर: कल उद्धव ठाकरे जी काफी भावुक हो गए थे, उन्होंने कहा कि वे गद्दारों को चोरों के साथ नहीं बैठने देंगे.
आदित्य ठाकरे: बिल्कुल सही कहा, क्योंकि चोरी तो सरेआम हो रही है. एक चोर को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनना था, जो भागकर गुवाहाटी गया था, और उसी के लिए यह सब तमाशा हो रहा है. जो लोग पैसों के लिए बिक जाते हैं, उनके साथ रहने का क्या फायदा?
रिपोर्टर: कल नीट (NEET) का री-टेस्ट है.
आदित्य ठाकरे: बिल्कुल, यही तो बात है. धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं? इसके पीछे क्या कारनामे या षड्यंत्र चल रहे हैं कि वे अब भी अपनी सीट पर जमे हुए हैं? इसकी सफाई तो भाजपा को देनी ही पड़ेगी.
रिपोर्टर: ओमराजे निंबालकर को लेकर कोर्ट की तरफ से बड़ा झटका लगा है?
आदित्य ठाकरे: मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता, अगर वे खुद कुछ कहना चाहें तो ठीक है. ऐसी बातों में सौदेबाजी नहीं होती और न ही होनी चाहिए. लेकिन बात यही है कि मामला हाई कोर्ट जाए या सुप्रीम कोर्ट, आज जो फैसला आया है, वह उनके सामने है. उसी के सहारे वे उन्हें खींचना चाहते थे.
रिपोर्टर: बेस्ट (BEST) का मुद्दा भी गरमाया हुआ है, दो दिन से बसें बंद हैं.
आदित्य ठाकरे: क्या वे इसे सुधार पाए? वे तो 'बेस्ट' को डुबाने निकले हैं, शायद इसे भी अडानी के हाथ में सौंप देंगे.
रिपोर्टर: कल नीट का एग्जाम है, इसे जल्दी निपटाना चाहिए.
आदित्य ठाकरे: नीट की परीक्षा पूरी पारदर्शिता और ठीक तरीके से होनी चाहिए, यह सबसे महत्वपूर्ण है.
रिपोर्टर: क्या ओमराजे निंबालकर से कोई संपर्क हुआ?
आदित्य ठाकरे: नहीं.
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