BPSC 70th CCE Final Result Announced: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपना रिजल्ट आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर चेक कर सकते हैं. आयोग ने रिजल्ट के साथ-साथ पूरी मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी है. इस बार एसडीएम (SDM) पद के लिए करीब 200 कैंडिडेट्स का सिलेक्शन हुआ है.
श्रद्धा पांडे बनी टॉपर
वहीं, बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में श्रद्धा पांडे 593 मार्क्स पाकर टॉपर बनी हैं. वहीं, शशांक गौरव और आयुष बिजॉय दोनों ने 592 अंक हासिल करके दूसरा स्थान प्राप्त किया है. आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार, ने रिजल्ट जारी किया. ये आयोग के इतिहास में सबसे बड़ी वैकेंसी थी.
BPSC 70th Result: ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट
- सबसे पहले बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं.
- होमपेज पर दिए गए Result या Important Notice सेक्शन पर क्लिक करें.
- यहां आपको 70th Combined Competitive Examination Final Result का लिंक दिखेगा, उस पर क्लिक करिए.
- अब आपके सामने रिजल्ट की एक PDF फाइल खुल जाएगी, इसे डाउनलोड कर लीजिए.
- अपने कीबोर्ड पर Ctrl+F दबाएं और अपना रोल नंबर डालकर सर्च करें.
- अब आप प्रिंटआउट या सेव्ड कॉपी अपने पास जरूर रखें.
तीन चरणों के बाद मिली कामयाबी
BPSC की यह परीक्षा तीन कड़े चरणों में पूरी हुई है. कैंडिडेट्स का फाइनल सिलेक्शन प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू के नंबरों के आधार पर किया गया है.
20 हजार से ज्यादा छात्रों ने दी थी मेन्स परीक्षा
इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 2025 में 25 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच पटना के 32 परीक्षा केंद्रों पर हुई. इस परीक्षा में कुल 20,034 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसके बाद मुख्य परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था. मेन्स क्लियर करने के बाद कुल 5,401 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चुना गया था, जिसके बाद अब फाइनल रिजल्ट सामने आया है.
विवादों के चलते रिजल्ट में हुई देरी
बापू परीक्षा परिसर में हंगामे के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी. इसके बाद इस केंद्र की वापस की परीक्षा हुआ था. 4 जनवरी 2025 को परीक्षा की गई थी. आज जब परिणाम जब जारी हो रहा है तो कुछ लोग कह रहे हैं कि रिजल्ट देर से आया है. जबकि हकीकत ये है कि PT परीक्षा को रद्द करवाने को लेकर 3 महीने प्रदर्शन चला था. माहौल बनाकर अभ्यर्थियों को दिग्भ्रमित किया गया था. आरोप ये भी लगे कि बाहर से आंदोलनकारियों को बुलाया गया. फिर केस किया गया, PIL किया गया. आपको पता है, पटना हाईकोर्ट ने क्या निर्णय दिया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट गए थे, वहां से डाट खा कर आए.
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