ED Raid Anil Ambani Group: प्रवर्तन निदेशालय (ED )ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) से जुड़े कथित हजारों करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने 7 जुलाई को ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके एक निदेशक के घर पर छापेमारी की. जांच एजेंसी का कहना है कि इस कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज, संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड और ऐसे सबूत मिले हैं, जो रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के नियंत्रण या लाभ से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की ओर इशारा करते हैं.
क्याें हो रही जांच?
ईडी की यह जांच रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मामलों में हो रही है.
ये शिकायतें यस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक सहित कई बैंकों ने दर्ज कराई थीं.
In continuation of ongoing investigation into Reliance Home Finance Limited and Reliance Commercial Limited case, ED conducted searches on 07.07.2026 at premises of M/s E-Complex Private Limited and residence of one of its Directors. Incriminating documents and evidence relating… pic.twitter.com/I76lsJAp0O
— ED (@dir_ed) July 8, 2026
RHFL और RCFL से जुड़े फंड डायवर्जन की जांच में मिले नए दस्तावेज
ईडी के मुताबिक जांच में अब तक सामने आया है कि RHFL और RCFL ने बाजार और बैंकों से हजारों करोड़ रुपये जुटाए थे, लेकिन इस रकम को सुनियोजित तरीके से रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के नियंत्रण वाली शेल कंपनियों और ग्रुप की अन्य कंपनियों में ट्रांसफर किया गया.
जांच में यह भी सामने आया है कि इन शेल कंपनियों के निदेशक रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के कर्मचारी या करीबी सहयोगी थे. ईडी का दावा है कि ये लोग ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर काम करते थे. इतना ही नहीं, इन कंपनियों के बैंक खाते और अकाउंट बुक्स का संचालन भी ग्रुप की प्रमुख कंपनियों रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा किया जाता था. इससे इन शेल कंपनियों पर ग्रुप के प्रभावी नियंत्रण की बात सामने आती है.
15,548 करोड़ रुपये की कथित अपराध आय का आकलन
ईडी के अनुसार अब तक की जांच में 15,548 करोड़ रुपये की अपराध से कमाई आय (Proceeds of Crime) का आकलन किया गया है. इस मामले में अब तक 4,510 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं. इनमें से 3,926 करोड़ रुपये की अटैचमेंट को न्यायनिर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) भी मंजूरी दे चुका है.
ईडी ने इससे पहले 12 जून 2026 को इस मामले में विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी. एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और हालिया छापेमारी में मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी.
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