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स्क्रीनिंग से लेकर लैब तक... इबोला से निपटने के लिए भारत ने शुरू कर दीं तैयारियां

इबोला के प्रकोप को देखते हुए भारत में भी अब एहतियाती उपाय शुरू कर दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर स्क्रीनिंग बढ़ाई गई है.

स्क्रीनिंग से लेकर लैब तक... इबोला से निपटने के लिए भारत ने शुरू कर दीं तैयारियां
सांकेतिक तस्वीर. (AI Generated Image)
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  • युगांडा और कांगो में इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है, जिससे WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित की है
  • भारत सरकार ने इबोला वायरस को लेकर नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और अन्य विभागों के साथ तैयारी शुरू कर दी है
  • भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, और खतरा कम होने के बावजूद सतर्कता बढ़ाई जा रही है
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नई दिल्ली:

कोविड के 6 साल बाद अब दुनिया पर इबोला वायरस का खतरा मंडरा रहा है. युगांडा और कांगो के कुछ हिस्सों में इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है. इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है. इसके बाद भारत में भी इसे लेकर मॉनिटरिंग शुरू हो गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इबोला को देखते हुए अधिकारियों ने नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC), इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP), ICMR और दूसरे विभागों के साथ हालात की समीक्षा की है और एहतियाती उपाय शुरू कर दिए हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सीनियर अफसर ने साफ किया कि इबोला का कोई मामला भारत में अब तक सामने नहीं आया है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लिए अभी इसके फैलने का खतरा बहुत कम है. हालांकि, एहतियात के तौर पर मॉनिटरिंग और तैयारी के उपायों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की जल्द से जल्द पहचान हो सके.

सरकार की क्या है तैयारी?

  • जांच: स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) को जांच के लिए नामित किया गया. और दूसरी लैब को भी शामिल किया जा रहा है.
  • निगरानी: एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ाई जा रही है. प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जा रही है. क्वारंटीन और इलाज के लिए SOP की समीक्षा की जा रही है.
  • इंटरनेशनल ट्रैवल: एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों पर भी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं. बड़े एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों पर आइसोलेशन और क्वारंटीन की सुविधाएं तैयार रखी गई हैं. 

यह भी पढ़ेंः इबोला वायरस क्या है और कितना खतरनाक? जानें लक्षण, कारण, इलाज और बचाव के तरीके

आपको क्या करना है?

भारत में अब तक इबोला का कोई मामला नहीं आया है. फिर भी सावधानी के तौर पर निगरानी और तैयारियां बढ़ाई जा रही हैं.

सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने से बचने की अपील की है. सरकार ने सलाह दी है कि सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO की जानकारी पर ही भरोसा करें. सरकार का यह भी कहना है कि भारत का हेल्थ सिस्टम पूरी तरह सतर्क और तैयार है.

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कांगो-युगांडा में 88 की मौत

अफ्रीकी देश कांगो और युगांडा में इबोला जबरदस्त तरीके से फैल रहा है. इबोला ज्यादा संक्रामक है और संक्रमित व्यक्ति के थूक, उल्टी, खून या वीर्य के माध्यम से फैल सकता है. यह बीमारी ज्यादा गंभीर है और अक्सर जानलेवा होती है.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि इबोला का प्रकोप बुंडीबुग्यो वायरस से फैला है जो इबोला का एक दुर्लभ स्ट्रेन है और इसके इलाज के लिए अभी तक कोई दवा या वैक्सीन नहीं है.

कांगो और युगांडा में इबोला की 20 से ज्यादा लहर आ चुकी हैं, लेकिन यह तीसरी बार है जब बुंडीबुग्यो वायरस का प्रकोप फैला है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया है कि इबोला के कारण अब तक 88 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं. हालांकि, WHO के महासचिव टेड्रोस घेब्रेयेसस ने यह भी कहा कि इस बात को लेकर काफी अनिश्चितता है कि असल में कितने लोग संक्रमित हैं और यह वायरस कहां तक फैल चुका है.

WHO ने यह भी कहा कि इबोला, कोविड-19 जैसी महामारी की श्रेणी में नहीं आता है. इसके साथ ही WHO ने देशों को अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बंद न करने की सलाह भी दी है.

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