Ebola Virus Outbreak: कोरोना महामारी के बाद दुनिया पहले ही कई खतरनाक वायरसों को लेकर सतर्क हो चुकी है. अब हंता वायरस के बाद इबोला वायरस ने एक बार फिर दुनियाभर की चिंता बढ़ा दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इबोला के रेयर 'Bundibugyo strain' के फैलने के बाद इंटरनेशनल हेल्थ इमरजेंसी लागू कर दी है. अफ्रीकी देशों खासकर कांगो और युगांडा में इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वायरस से अब तक 87 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कांगो सरकार ने दावा किया है कि यह वायरस अब कम्युनिटी लेवल पर भी फैल रहा है, जिससे खतरा और बढ़ गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर समय रहते इसे कंट्रोल नहीं किया गया, तो यह कई देशों में फैल सकता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इबोला वायरस क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.
क्या है इबोला वायरस? | What is the Ebola Virus?
इबोला एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जो इंसानों और जानवरों दोनों को संक्रमित कर सकती है. यह वायरस पहली बार साल 1976 में अफ्रीका के कांगो क्षेत्र में पाया गया था. इसका नाम इबोला नदी के नाम पर रखा गया था. यह बीमारी शरीर के अंदर गंभीर संक्रमण पैदा करती है और कई मामलों में जानलेवा साबित होती है.
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क्या है Bundibugyo Strain?
इबोला वायरस के कई प्रकार होते हैं, जिनमें बुंदीबुग्यो स्ट्रेन काफी दुर्लभ माना जाता है. यह स्ट्रेन पहली बार युगांडा में पाया गया था. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह वायरस तेजी से फैल सकता है और इसके लक्षण भी गंभीर हो सकते हैं. यही कारण है कि WHO ने इसे लेकर हाई अलर्ट जारी किया है.
किन देशों में सामने आए हैं मामले?
फिलहाल इबोला के मामले मुख्य रूप से अफ्रीकी देशों में सामने आए हैं. कांगो और युगांडा सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. इसके अलावा कुछ संदिग्ध मामलों की जांच अन्य पड़ोसी देशों में भी की जा रही है. स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि वायरस दूसरे देशों तक न पहुंचे.

कैसे फैलता है यह वायरस?
इबोला संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार, उल्टी या शरीर के अन्य लिक्विड के संपर्क में आने से फैलता है. संक्रमित जानवरों से भी यह वायरस इंसानों में आ सकता है. कांगो सरकार ने दावा किया है कि अब यह वायरस कम्युनिटी ट्रांसमिशन के जरिए भी फैल रहा है, यानी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.
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इबोला वायरस के लक्षण | Symptoms of the Ebola Virus
इबोला के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर रूप ले लेता है. इसके मुख्य लक्षण हैं:
- तेज बुखार
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द
- कमजोरी और थकान
- गले में दर्द
- उल्टी और दस्त
- पेट दर्द
- त्वचा पर लाल चकत्ते
- गंभीर मामलों में शरीर से खून निकलना
अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है.
क्या है इसका इलाज?
फिलहाल इबोला का कोई पूरी तरह पक्का इलाज नहीं है, लेकिन शुरुआती इलाज और सही देखभाल से मरीज की जान बचाई जा सकती है. मरीज को शरीर में पानी की कमी न होने देना, संक्रमण को कंट्रोल करना और जरूरी दवाएं देना इलाज का हिस्सा होता है.
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कैसे करें बचाव?
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें.
- हाथों को बार-बार साबुन से धोएं.
- मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल करें
- संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचें.
- भीड़भाड़ वाली जगहों में सावधानी रखें
- कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
इबोला वायरस भले ही अभी भारत में बड़े स्तर पर न फैला हो, लेकिन दुनियाभर में बढ़ते मामलों ने चिंता जरूर बढ़ा दी है. सतर्कता और सही जानकारी ही इस तरह की खतरनाक बीमारियों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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