दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों की हड़ताल का असर लगातार देखने को मिल रहा है. अपनी वेतन वृद्धि और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर डीटीसी के अंतर्गत संचालित इलेक्ट्रिक और क्लस्टर बसों के चालक तीसरे दिन भी काम पर नहीं लौटे. हड़ताल के कारण राजधानी के कई बस डिपो से बसें नहीं निकल सकीं, जिससे यात्रियों को आवागमन में दिक्कतें हुईं. प्रदर्शनकारी ड्राइवरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनकी आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और उन्हें कई सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है. NDTV के लिए अनिल कुमार अत्री की रिपोर्ट.
तीसरे दिन भी जारी रही हड़ताल
दिल्ली में कॉन्ट्रैक्ट के तहत बस चलाने वाले ड्राइवर अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. हड़ताल के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में चालक विभिन्न डिपो के बाहर एकत्र हुए और बसों का संचालन प्रभावित रहा. प्रदर्शन कर रहे ड्राइवरों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है.

बस ड्राइवरों की 'तालाबंदी'
वेतन में बढ़ोतरी की मांग
हड़ताली ड्राइवरों के अनुसार उन्हें वर्तमान में 862 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है. उनका दावा है कि डीटीसी के स्थायी ड्राइवरों को इससे कहीं अधिक, करीब 3000 रुपये प्रतिदिन तक वेतन मिलता है. ड्राइवरों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके वेतन में कोई उल्लेखनीय संशोधन नहीं किया गया. इसलिए वे दैनिक वेतन 862 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं.
स्वास्थ्य सुविधाओं की भी मांग
प्रदर्शनकारी चालकों का कहना है कि उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं नहीं मिलतीं. उन्होंने मांग की है कि उन्हें स्वास्थ्य बीमा और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े.
नुकसान की भरपाई को लेकर नाराजगी
ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान यदि बस किसी वाहन या वस्तु से टकरा जाती है और नुकसान होता है तो उसकी भरपाई उनकी तनख्वाह से की जाती है. उनका कहना है कि इस व्यवस्था के कारण पहले से कम आय पाने वाले चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है. यही कारण है कि वे इस नीति में बदलाव की भी मांग कर रहे हैं.
बुराड़ी डिपो में खड़ी रहीं बसें
हड़ताल का असर दिल्ली के कई बस डिपो में देखा गया. बुराड़ी स्थित इलेक्ट्रिक बस डिपो में बड़ी संख्या में बसें खड़ी रहीं और उन्हें संचालन के लिए बाहर नहीं निकाला गया. ड्राइवर डिपो के बाहर प्रदर्शन करते रहे, जबकि बसें परिसर में ही खड़ी रहीं. इसके चलते कई रूटों पर बसों की उपलब्धता प्रभावित हुई.
सुरक्षा के लिए तैनात किया गया पुलिस बल
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर डिपो परिसरों में पुलिस बल और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है. अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है.
फिलहाल समाधान के आसार नहीं
हड़ताल के तीसरे दिन तक भी ड्राइवरों और संबंधित प्रबंधन के बीच किसी ठोस समाधान की जानकारी सामने नहीं आई है. चालकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. वहीं यात्रियों को उम्मीद है कि जल्द ही बातचीत के जरिए गतिरोध समाप्त होगा और बस सेवाएं सामान्य हो सकेंगी.
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