"हिमाचल को डबल उपहार, यहां IIT भी और AIIMS भी...." : बिलासपुर में बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि बिलासपुर को आज शिक्षा और स्वास्थ्य का डबल उपहार मिला है. आज यह सब जो बना है यह आपके वोट की ताकत है.

यह अस्पताल 247 एकड़ में फैला है.

बिलासपुर:

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल अवसरों का प्रदेश है. यहां बिजली पैदा होती है, फल-सब्जी के लिए उपजाऊ जमीन है और रोजगार के अनंत अवसर देने वाला पर्यटन यहां पर है. हिमाचल का एक पक्ष और है, जिसमें यहां विकास की अनंत संभावनाएं छिपी हुई हैं. ये पक्ष है मेडिकल टूरिज्म का. यहां की आबो-हवा, यहां का वातावरण, यहां की जड़ी-बूटियां अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयुक्त हैं. बल्क ड्रग्स पार्क्स के लिए देश के जिन 3 राज्यों का चयन हुआ है, उनमें से एक हिमाचल है. मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए जिन 4 राज्यों को चुना गया है, उनमें से भी एक हिमाचल है. नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क का शिलान्यास इसी का हिस्सा है.

पीएम मोदी ने कहा कि बिलासपुर को आज शिक्षा और स्वास्थ्य का डबल उपहार मिला है. आज यह सब जो बना है यह आपके वोट की ताकत है. 8 वर्षों में देश अब पुरानी सोच को पीछे छोड़कर नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है. मैं यहां आता था तो देखता था यहां एक विश्वविद्यालय से गुजारा होता था. गंभीर बीमारियों, शिक्षा या रोजगार के लिए चंडीगढ़ और दिल्ली जाना हिमाचल के लिए मजबूरी बन गया था. आज हिमाचल में IIT भी है और AIIMS भी है.

प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2017 में इसका शिलान्यास भी किया था. केंद्रीय क्षेत्र की योजना- प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत इसे स्थापित किया गया है. एम्स बिलासपुर, 1,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित है. इस अत्याधुनिक अस्पताल में 18 स्पेशियलिटी और 17 सुपर स्पेशियलिटी विभाग, 18 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 64 आईसीयू बेड के साथ 750 बेड शामिल है.

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यह अस्पताल 247 एकड़ में फैला है. यह 24 घंटे आपातकालीन और डायलिसिस सुविधाओं, अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई आदि जैसी आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों, अमृत फार्मेसी व जन औषधि केंद्र और 30 बिस्तरों वाले आयुष ब्लॉक से सुसज्जित है. इस अस्पताल ने हिमाचल प्रदेश के जनजातीय और दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किया है. अस्पताल द्वारा काजा, सलूनी और केलांग जैसे दुर्गम जनजातीय और अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी. इस अस्पताल में हर साल एमबीबीएस कोर्स के लिए 100 विद्यार्थियों और नर्सिंग कोर्स के लिए 60 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा. प्रधानमंत्री बाद में कुल्लू दशहरा समारोह में भी भाग लेंगे. (भाषा इनपुट के साथ)

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