Karnataka Maharashtra Border Dispute: कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है. महाराष्ट्र सरकार द्वारा सीमा मुद्दे पर हाई पावर कमेटी की बैठक आयोजित किए जाने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार कर्नाटक के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी. उन्होंने कहा कि इस विषय पर वरिष्ठ नेताओं और पूर्व कानून विशेषज्ञों से चर्चा की गई है तथा अदालत में लंबित मामलों की भी समीक्षा की जाएगी. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि महाजन आयोग की रिपोर्ट अंतिम है और कर्नाटक सरकार उसी आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखेगी.
महाराष्ट्र की बैठक के बाद कर्नाटक का जवाब
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की थी. इसके बाद कर्नाटक सरकार की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और सीमा क्षेत्रों से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है.

Karnataka Maharashtra Border Dispute: कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद पर महाराष्ट्र सरकार की बैठक
वरिष्ठ नेताओं से की चर्चा
डीके शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर पूर्व कानून मंत्री एच.के. पाटिल और मंत्री एम.बी. पाटिल के साथ विस्तृत चर्चा की है. उन्होंने कहा कि सरकार सीमा विवाद से जुड़े पुराने दस्तावेजों और रिपोर्टों का अध्ययन कर रही है ताकि राज्य का पक्ष और मजबूत किया जा सके.
कन्नड़ संगठनों ने भी रखी अपनी बात
मुख्यमंत्री के अनुसार कन्नड़ समर्थक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी उनसे मुलाकात की और सीमा क्षेत्र से जुड़े अपने सुझाव और चिंताएं साझा कीं.
उन्होंने कहा कि ऐसे संगठनों को बेंगलुरु बुलाकर विस्तृत चर्चा की जाएगी और उनकी बातों को भी सरकार गंभीरता से सुनेगी.
महाजन आयोग रिपोर्ट को बताया अंतिम
डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार का स्पष्ट मत है कि सीमा विवाद पर महाजन आयोग की रिपोर्ट अंतिम है. उन्होंने संकेत दिया कि राज्य सरकार इसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार करेगी और किसी भी परिस्थिति में कर्नाटक के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा.
अदालती मामलों की भी होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा विवाद से जुड़े जो मामले अदालतों में लंबित हैं, उनकी भी पूरी जानकारी जुटाई जाएगी. सरकार कानूनी स्थिति की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करेगी कि कर्नाटक का पक्ष प्रभावी तरीके से रखा जाए और भविष्य की रणनीति तथ्यों और कानून के आधार पर तय हो.
राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा
कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद कई दशकों पुराना और बेहद संवेदनशील मुद्दा है. दोनों राज्यों में समय-समय पर इस विषय को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आंदोलन देखने को मिलते रहे हैं. महाराष्ट्र की हालिया सक्रियता और उसके जवाब में कर्नाटक सरकार के रुख ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है.
यह भी पढ़ें : बेंगलुरु के रेजिडेंशियल स्कूल में 6वीं के छात्र की रहस्यमयी मौत, परिजनों ने पीटी शिक्षक पर लगाया हत्या का आरोप
यह भी पढ़ें : चीन के शू कैपिटल जिनजियांग में भीषण आग, कम से कम 28 मौतें; जूता फैक्ट्री की छत पर फंसे मजदूरों का रेस्क्यू
यह भी पढ़ें : Video: अली खामेनेई का अंतिम सफर: फाइटर जेट्स की सुरक्षा में मशहद पहुंचा ताबूत, आज होगा अंतिम संस्कार
यह भी पढ़ें : शंकराचार्य से मिले अखिलेश यादव, राम मंदिर पर कहा- सांचा नहीं ढांचा बदलें; BJP बोली- चुनाव देख कर रहे ढोंग
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं