छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में मुख्यमंत्री पद के लिए चल रहे हंगामे के बीच कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) को अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) के लिए शनिवार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है. बघेल ने असम विधानसभा चुनाव में अपनी टीम के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के व्यापक बूथ प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभाई थी. इससे पहले वे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ यूपी में चुनाव की तैयारियों पर चर्चा कर चुके हैं.
कांग्रेस ने एक बयान में कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघले को तुरंत प्रभाव से उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव के लिए एआईसीसी का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.' कुछ महीने पहले बघेल ने असम विधानसभा चुनाव के लिए भी इसी जिम्मेदारी का निर्वहन किया था, हालांकि उस चुनाव में कांग्रेस नीत गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा.
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छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परविर्तन को लेकर चल रही चर्चा के बीच बघेल की इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पंजाब के बाद कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में संभावित बदलाव के बारे में अटकलें पिछले तीन दिनों में तेज हो गई हैं. बघेल के करीबी माने जाने वाले करीब दो दर्जन विधायक दिल्ली पहुंचे हुए हैं. विधायकों के दिल्ली पहुंचने के पीछे का मकसद नहीं बताया गया है, हालांकि, कुछ पार्टी सूत्रों के कहना है कि बघेल के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विधायक यहां आए हैं.
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा था कि कांग्रेस विधायकों के दिल्ली दौरे को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. विधायकों के दिल्ली दौरे के बारे में शनिवार को पूछे जाने पर, बघेल ने कहा, विधायकों के कहीं जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है और वे स्वतंत्र हैं. उन्होंने कहा, 'यह राजनीतिक चाल नहीं. वे आएंगे और लौट जाएंगे.'
कथित तौर पर बघेल को बदलने की मांग करने वाले स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने भी विधायकों की दिल्ली यात्रा को हल्के में लेने की बात करते हुए कहा कि कि इसे एक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए. संभावित नेतृत्व परिवर्तन के बारे में सिंह देव ने फिर कहा कि निर्णय पार्टी आलाकमान के पास सुरक्षित है.
दिल्ली में मौजूद विधायकों में से एक बृहस्पत सिंह ने बुधवार को कहा था कि राहुल गांधी के राज्य के प्रस्तावित दौरे से पहले पार्टी के 15 से 16 विधायक पीएल पुनिया से मिलने दिल्ली आए थे. सिंह को सीएम बघेल का करीबी माना जाता है.
जून 2021 में बघेल द्वारा मुख्यमंत्री के रूप में ढाई साल पूरे करने के बाद संभावित नेतृत्व परिवर्तन के बारे में चर्चा तेज हो गई. सिंह देव खेमे ने दावा किया कि 2018 में शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व ने सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री का पद उन्हें सौंपने के लिए सहमति व्यक्त की थी.
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