हैदराबाद में बशीरबाग चौराहा पर स्थापित लॉर्ड राम की मूर्ति को लगाने की अनुमति को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद 24 अक्टूबर को इसे हटा दिया गया. एक शिकायत मिलने के बाद, नगर प्रशासन के निर्देश पर मंदिर ट्रस्ट ने इस मूर्ति को हटा दिया. यह मूर्ति विजयादशमी के उत्सव के दौरान लगाई गई थी. इसे ऐसे वक्त में हटाया गया है, जब इस चौराहे का नाम बदलकर 'श्री राम चौक' रखने की मांग को लेकर विवाद चल रहा है. वहीं, मदान्नापेट पुलिस स्टेशन इलाके में रात के वक्त दुर्गा माता की मूर्ति के जुलूस पर अंडा फेंके जाने की खबर के बाद कुछ देर के लिए तनाव पैदा हो गया.
क्या है राम की मूर्ति से जुड़ा पूरा मामला?
दरअसल, विजयदशमी समारोह के मौके पर लॉर्ड राम मूर्ति लगाई गई. इसी बीच इस चौराहे का नाम भी बदलने की मांग होने लगी. 'मजलिस बचाओ तहरीक' ने आरोप लगाया है कि यह सब बिना प्रशासन की अनुमति के हुआ. मामले को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद प्रतिमा को हटाया गया.
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मंदिर के कर्मचारियों ने क्रेन की मदद से मूर्ति को हटाया. यह प्रतिमा विजयदशमी समारोह के दौरान बशीरबाग चौराहे पर अम्मावारी मंदिर के पास लगाई गई थी. जो लोग इस जगह का नाम बदलने का समर्थन कर रहे थे, वे इसे 'श्री राम चौक' भी कह रहे थे.
नाम बदलने के कदम पर सवाल...
इस घटना पर 'मजलिस बचाओ तहरीक' (MBT) के नेताओं ने आपत्ति जताई और बशीरबाग चौराहे का नाम बदलने के कदम पर सवाल उठाए. इसके बाद मंदिर के कर्मचारियों ने क्रेन की मदद से प्रतिमा को उठाया और एक लॉरी पर लादकर वहां से हटा दिया. MBT ने नाम बदलने के प्रस्ताव और अनुमति पर सवाल उठाए हैं.
MBT के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने सवाल उठाते हुए कहा कि बशीरबाग चौराहे को 'श्री राम चौक' कैसे कहा जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि लॉर्ड राम का कट-आउट संबंधित नगर निकाय अधिकारियों की अनुमति के बिना लगाया गया था. उन्होंने इस मामले को लेकर ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) और हैदराबाद सिटी पुलिस से सवाल किए. उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा कि क्या इस चौराहे का नाम 'श्री राम चौक' रखने के लिए कोई औपचारिक प्रस्ताव दिया गया था, क्या पार्क में निर्माण कार्य के लिए अनुमति ली गई थी और क्या मूर्ति लगाने के लिए जरूरी मंजूरियां ली गई थीं.
बीजेपी ने उठाए सवाल
इस बीच, तेलंगाना बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार पर सवाल खड़ा किया है. नगर प्रशासन ने सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक उपयोग की जगहों पर अनधिकृत धार्मिक ढांचों और मूर्तियों को लगाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों का हवाला दिया है.
The Congress Govt's anti-Hindu mindset stands exposed once again. Removing the idol of Prabhu Shri Ram, installed by Hindu Organizations on the auspicious occasion of Dusshera near Basheerbagh Temple, Hyderabad is a direct insult to millions of devotees. From Uttar Pradesh to Bengal, political arrogance has always been crushed by the people. Telangana will neither forgive nor stay silent.
— BJP Telangana (@BJP4Telangana) October 24, 2026
बीजेपी की उत्तराखंड स्टेट यूनिट के सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए इस मामले पर सवाल उठाया गया है. सोशल मीडिया पोस्ट में पार्टी ने कहा, "कांग्रेस सरकार का सनातन विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आया है. तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के बशीरबाग चौराहे पर दशहरे के मौके पर स्थानीय हिंदू समुदाय द्वारा स्थापित की गई प्रभु श्रीराम की प्रतिमा को क्रेन से हटवा दिया. देवभूमि की जनता कांग्रेस की इस तुष्टीकरण की राजनीति को कभी नहीं भूलेगी."

इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात
मू्र्ति हटाई जाने के बाद संभावित तनाव की आशंका को देखते हुए हैदराबाद पुलिस ने शनिवार को बशीरबाग चौराहे पर सुरक्षा बढ़ा दी है. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
जुलूस के दौरान विवाद, पुलिस ने की शांति की अपील
हैदराबाद के पुराने शहर के मदान्नापेट पुलिस स्टेशन इलाके में रात करीब 2 बजे संतोष होटल लेन के पास दुर्गा माता की मूर्ति के जुलूस पर अंडा फेंके जाने की खबर के बाद कुछ देर के लिए तनाव पैदा हो गया. पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे, जुलूस के आयोजकों से बात की और पूछताछ के लिए एक-दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया.
अधिकारियों ने घटनाक्रम का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच भी शुरू कर दी है.
स्थिति के बारे में बताते हुए पुलिस ने कहा, "हमें जानकारी मिली थी कि रात करीब 2 बजे संतोष होटल लेन के पास दुर्गा माता की मूर्ति का जुलूस गुजर रहा था, तभी उस पर एक अंडा फेंका गया. सीनियर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, आयोजकों से बात की और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया. हम सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रहे हैं."
अधिकारी ने बताया कि यहां कोई समस्या नहीं है. इलाके का माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण है. हम आम जनता से अपील करते हैं कि वे किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं.
मामले में पुलिस आगे की जांच करेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी घटना की सही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच सहित अपनी जांच जारी रखे हुए हैं. पुलिस ने निवासियों से अपील की है कि वे जांच में सहयोग करें, सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखें और जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ने दें.
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