विज्ञापन
This Article is From Nov 25, 2023

CBI ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ घूसकांड की जांच शुरू की

सीबीआई ने लोकपाल के निर्देश के बाद जांच शुरू की है. इस जांच के नतीजे के आधार पर ही एजेंसी तय करेगी कि सांसद के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं. 

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा की लोकपाल से शिकायत की थी.
  • महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है
  • तृणमूल सांसद के खिलाफ यह जांच लोकपाल के निर्देश पर शुरू हुई
  • जांच ही तय करेगी कि सांसद के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं
नई दिल्‍ली:

महुआ मोइत्रा घूसकांड मामले (Mahua Moitra Bribery Case) में सीबीआई (CBI) ने तृणमूल कांग्रेस सांसद (Trinamool Congress MP) के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई ने यह जांच लोकपाल के निर्देश पर शुरू की है. सूत्रों ने एनडीटीवी को यह जानकारी दी है. उन्‍होंने बताया कि सीबीआई ने प्रारंभिक जांच शुरू की है और एजेंसी इस जांच के नतीजे के आधार पर ही यह तय करेगी कि सांसद के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं. प्रारंभिक जांच के तहत, सीबीआई किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है या तलाशी नहीं ले सकती है, लेकिन वह जानकारी मांग सकती है, दस्तावेजों की जांच कर सकती है और तृणमूल सांसद से पूछताछ भी कर सकती है. यह जांच लोकपाल के आदेश के आधार पर शुरू की गई है, इसलिए रिपोर्ट भ्रष्टाचार निरोधक निकाय को सौंपी जाएगी. 

इस मामले में सीबीआई में सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली थी. देहाद्राई ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को भी इस बारे में लिखा था और दुबे की शिकायत के आधार पर स्पीकर ओम बिरला ने मामले को एथिक्‍स कमेटी को भेज दिया था. साथ ही दुबे ने लोकपाल में भी शिकायत दर्ज कराई थी.

पैनल को भेजे गए कबूलनामे में हीरानंदानी ने आरोप लगाया था कि तृणमूल सांसद ने उनके साथ ईमेल आईडी साझा की थी, जिसके जरिये जानकारी भेजी जा सके और महुआ मोइत्रा इसे लेकर संसद में सवाल उठा सकें. हीरानंदानी ने दावा किया कि बाद में महुआ मोइत्रा ने उन्हें अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दिया ताकि वह सीधे प्रश्न पोस्ट कर सकें. 

हलफनामे में हीरानंदानी ने लगाए थे गंभीर आरोप 

हीरानंदानी ने अपने कबूलनामे में आरोप लगाया था, "महुआ मोइत्रा जल्द राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाना चाहती थीं. उनके दोस्तों और सलाहकारों ने उन्हें सलाह दी थी कि प्रसिद्धि पाने का सबसे छोटा रास्ता पीएम नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला करना है." साथ ही उन्‍होंने कहा था, "मोइत्रा ने सोचा कि पीएम मोदी पर हमला करने का एकमात्र तरीका गौतम अदाणी पर हमला करना है, क्योंकि दोनों एक ही राज्य गुजरात से हैं."

ममता बनर्जी ने हाल ही में तोड़ी है महुआ पर चुप्‍पी 

सीबीआई का यह कदम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के इस विवाद को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ने के दो दिन बाद आया है. बनर्जी ने कहा था कि महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो यह महुआ के लिए 2024 के चुनाव से पहले फायदेमंद रहेगा. बनर्जी ने कहा था, "उन्होंने महुआ को भगाने की योजना बनाई है. वह तीन महीने में लोकप्रिय हो जाएंगी. उन्होंने जो अंदर कहा वह बाहर कहेंगी. वह हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी. उन्होंने क्या खो दिया?"

ये भी पढ़ें :

* "उनको उनकी सांसद मुबारक": महुआ मोइत्रा के समर्थन में उतरी ममता बनर्जी पर निशिकांत दुबे का तंज
* महुआ मोइत्रा कांड का असर : सांसदों के लिए नए दिशा-निर्देश, गोपनीयता रखें, लॉग इन साझा न करें
* महुआ मोइत्रा ने दी लोकसभा नियमों की दुहाई तो बीजेपी सांसद ने कसा 'चोरी-सीनाजोरी' वाला तंज

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mahua Moitra, Mahua Moitra Bribery Case, Mahua Moitra Bribe Row, CBI
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com