बुलेट ट्रेन का हैदराबाद बड़ा हब बनने वाला है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRCL) हैदराबाद से मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई के लिए 3 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बना रहा है. इससे तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के करीब 25 से ज्यादा मुख्य शहर कनेक्ट होंगे. साथ ही चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, ठाणे जैसे बड़े शहर को इससे हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.इसकी डीपीआर, LiDAR सर्वे और अलाइनमेंट का काम तेज है और जल्द इसे मंजूरी मिल सकती है. सरकार ने बजट में सात हाईस्पीड कॉरिडोर की घोषणा की है, इसमें दिल्ली, मुंबई समेत देश के सभी बड़े शहरों को कनेक्टिविटी देना है.
हैदराबाद में बुलेट ट्रेन का मुख्य टर्मिनल राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास शमशाबाद या कोकापेट SEZ क्षेत्र में बनाया जा सकता है. इससे मेट्रो, हवाई अड्डे और रिंग रोड की मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी. इन कॉरिडोर की डीपीआर, LiDAR सर्वे और अलाइनमेंट अध्ययन का काम NHSRCL कर चुकी है.
मुंबई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन रूट
मुंबई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन का रूट 711-767 किमी है, बुलेट ट्रेन चलने के बाद 12 घंटे की जगह 3.5 घंटे में सफर तय होगा.मुंबई (BKC), नवी मुंबई, लोनावाला, पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़, बारामती, सोलापुर, कलबुर्गी (गुलबर्गा), विकाराबाद, हैदराबाद बुलेट ट्रेन के प्रस्ताविस स्टेशन हैं. इसमें मुंबई और पुणे के बीच की दूरी भी मात्र 40 मिनट की रह जाएगी. बुलेट ट्रेन का ये रूट महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे तीन राज्यों को कवर करेगा.
हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन रूट
हैदराबाद-बेंगलुरु का रूट 610 किमी का है, जिनके बीच 10-12 घंटे की सफर 2.5 घंटे में तय होगा. महबूबनगर, कुरनूल, अनंतपुर, चिकबल्लापुर, बेंगलुरु इसके स्टेशन होंगे. हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती से होकर जाएगी. 745 किमी का ये रूट 2.5 से 3 घंटे में पूरा हो सकेगा. हैदराबाद में शमशाबाद, हालिया, डाचेपल्ली, अमरावती, गुंटूर, ओंगोल, नेल्लोर, तिरुपति, चेन्नई तक ये रूट हो सकता है. ये हाईस्पीड कॉरिडोर भारत के दो सबसे बड़ी आईटी हब को हाईस्पीड कनेक्टिविटी देगा. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र और कर्नाटक आपस में जुड़ेगा.
हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
हैदराबाद में मेन टर्मिनल स्टेशन शमशाबाद में राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास बनने का प्रस्ताव है. इससे हवाई और रेल कनेक्टिविटी एक साथ जुड़ेगी. ऐसे ही नोएडा एयरपोर्ट पर बुलेट ट्रेन का स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है, दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट के लिए. तेलंगाना के अलावा ये नेटवर्क महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को सीधे जोड़ेगी. सर्वे, डीपीआर और फाइनल अलाइनमेंट के बाद हैदराबाद बुलेट ट्रेन की पूरी तस्वीर साफ होगी. ये कॉरिडोर इंडस्ट्रियल सेंटर्स के साथ तिरुपति जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को तेज रेल नेटवर्क मुहैया कराएगा.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट 508 किमी का है. इसमें 6 घंटे की जगह 2 घंटे में सफर होगा. मुंबई (BKC), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद/नडियाद, अहमदाबाद और साबरमती बुलेट ट्रेन स्टेशन होंगे.
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट 813-958 किमी का है. ये दिल्ली के सराय काले खां, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी में बुलेट ट्रेन स्टेशन प्रस्तावित हैं. दिल्ली-वाराणसी को आगे बढ़ाकर सिलीगुड़ी तक लाया जा सकता है. ये देश का सबसे बड़ा बुलेट ट्रेन रूट 1705 किमी का हो जाएगा. वाराणसी, पटना, कटिहार, सिलीगुड़ी, गुवाहाटी तक इसे विस्तार दिया जा सकता है.
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