बुलेट ट्रेन परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है. मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का 80 फीसदी काम पूरा हो गया है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पर दो अलग-अलग तरह की बुलेट ट्रेनें चलेंगी. भारतीय रेलवे और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) इस रूट पर दो कैटेगरी की बुलेट ट्रेन चलाएगा. ऐसा ही दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन या अन्य रूट पर होगा. जापान से 350 किमी प्रति घंटे की स्पीड वाली बुलेट ट्रेन मिलने में देरी के बाद भारत खुद इतनी ही रफ्तार वाली E10 बुलेट ट्रेन बनाने की तैयारी में जुट गया है. ये मेड इन इंडिया ट्रेन 2030 तक पटरी पर आ सकती है.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का किराया और लागत
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की लागत और किराये पर खबरों पर NHSRCL का कहना है कि प्रोजेक्ट की लागत 1.1 लाख करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है. लेकिन शुरुआती लोन महज 0.25 फीसदी के ब्याज पर था. बढ़ी लागत पूरा करने के लिए सरकार रियायती दरों पर कर्ज लेगी. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का किराया शुरुआती तौर पर 3 हजार रुपये आंका गया था, लेकिन यह अब 6-7 हजार रुपये तक जा सकता है. हालांकि कोई सटीक आंकड़ा अभी देना संभव नहीं है. अगले साल अप्रैल-मई से बुलेट ट्रेन के ट्रायल शुरू होंगे, जबकि 15 अगस्त 2027 से सूरत से विलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन का एक रूट का उद्घाटन होगा.
रैपिड ट्रेन क्या है
रेलवे का कहना है कि रैपिड ट्रेन कम स्टेशनों पर ठहराव वाली बुलेट ट्रेन होगी. ये केवल मुख्य स्टेशनों साबरमती, वडोदरा, सूरत और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स BKC पर ही रुकेगी. ये बुलेट ट्रेन पूरे 508 किलोमीटर का सफर 2 घंटे 7 मिनट में पूरा कर लेगी. मुंबई-अहमदाबाद की ये रैपिड बुलेट ट्रेन बड़े बिजनेस सेंटर के बीच यात्रा संभव करेगी. इस बुलेट ट्रेन का किराया भी ज्यादा होगा.
लोकल बुलेट ट्रेन क्या है
लोकल बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद रूट के सभी स्टेशनों पर यात्रा कराएगी. हालांकि ये अभी अधिकतम 320 की स्पीड से दौड़ सकेगी. लेकिन हर स्टेशन रुकने, इंतजार करे और फिर रफ्तार पकड़ने की वजह से इसकी यात्रा में करीब 3 घंटे का समय लगेगा. इसमें 12 स्टेशन साबरमती (अहमदाबाद), कालूपुर (अहमदाबाद), आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, विलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई (BKC) शामिल हैं. इस ट्रेन से छोटे शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों जैसे वापी, भरूच, विरार,ठाणे के रेलयात्रियों को भी हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.
बुलेट ट्रेन एक दिन में कितने फेरे
NHSRCL के शुरुआती प्लान की मानें तो बुलेट ट्रेन के अप-डाउन को मिलाकर एक दिन में 70 फेरे लगाने की योजना है.सुबह-शाम के बिजी टाइम में 20 मिनट और सामान्य घंटों में 30 मिनट में ट्रेन मिलेगी. जापान की शिंकानसेन (Shinkansen) बुलेट ट्रेन भारत में चलाई जानी हैं. हालांकि उसके कोच मिलने में देरी के कारण 2027 से स्वदेशी B28 कोच इसमें लगाए जा सकते हैं. भारतीय रेलवे और BEML स्वदेशी बुलेट ट्रेन के ट्रायल के लिए 8 कोच वाले प्रोटोटाइप ट्रेनसेट तैयार कर रही है.
बुलेट ट्रेन के कोच में अधिकतम कितने यात्री?
बुलेट ट्रेन के स्टैंडर्ड यानी इकोनॉमी क्लास के एक कोच में अधिकतम 85 से 100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी.जबकि एग्जीक्यूटिव या बिजनेस क्लास कोच में ज्यादा स्पेस वाली सीटों की वजह से लगभग 50 से 55 यात्री क्षमता रखी गई है.10 कोच वाली ट्रेन में करीब 750 यात्री और 16 कोच वाली ट्रेन में 1250 से 1300 यात्री सफर कर पाएंगे.मुंबई-अहमदाबाद रूट पर शुरुआत में 24 ट्रेन सेट खरीदे जा सकते हैं, जो मांग बढ़ने के साथ दो से तीन गुना तक बढ़ जाएगी.बुलेट ट्रेन सुबह 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक चलाने की तैयारी है.
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