- भोपाल से आगरा का सफर अब 7 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा.
- भोपाल ग्वालियर और ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे पर काम तेज हुआ है.
- यह कॉरिडोर की तरह काम करेगा जिससे भोपाल से दिल्ली तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी.
भोपाल से आगरा का सफर अब 11 घंटे की जगह महज 7 घंटे में पूरा हो जाएगा. जिससे न केवल यात्रियों के समय में बचत होगी बल्कि परिवहन भी आसान होगा. दोनों बड़े शहरों के बीच 88 किलोमीटर की दूरी भी कम होने वाली है. दरअसल, एमपी में भोपाल ग्वालियर एक्सप्रेसवे का काम रफ्तार पकड़ चुका है, जबकि ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर भी नया अपडेट आया है. यहां ग्वालियर जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है. ऐसे में दोनों हाईवे के बनने से भोपाल की चंबल से होते हुए दिल्ली-एनसीआर तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी होने वाली है. यह दोनों बड़े हाईवे एक तरह से एक कॉरिडोर की तरह काम करेंगे. जिससे मध्य प्रदेश की उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली से कनेक्टिविटी और मजबूत होने वाली है.
भोपाल से आगरा का सफर होगा आसान
भोपाल से अभी आगरा जाने में 11 से 12 घंटे का सफर लगता है. लेकिन अब इस लंबे और थकाऊ सफर से लोगों को मुक्ति मिलने वाली है. क्योंकि भोपाल ग्वालियर एक्सप्रेसवे और ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे से यह सफर घटकर 7 घंटे रह जाएगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से बनाए जा रहे यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश को उत्तर प्रदेश, राजस्थान से जोड़ेंगे. यह एक पूरी तरह से सीधा और हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 80 से 100 किलोमीटर कम हो जाएगी. इस रास्ते पर कोई लोकल ट्रैफिक, चौराहे या स्पीड ब्रेकर नहीं होंगे, जिससे गाड़ियां बिना रुके 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी.
भोपाल से ग्वालियर का सफर 5 घंटे में होगा
भोपाल ग्वालियर एक्सप्रेसवे के बनने से दोनों शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी. अभी भोपाल से ग्वालियर आने जाने में 425 किलोमीटर का सफर तय करना होता है. लेकिन अब यह सफर घटकर 320 से 350 किलोमीटर रह जाएगा. वर्तमान में 8 घंटे का समय लगता है, लेकिन अब यात्रियों के समय में 3 घंटे तक की बचत होगी. मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) की तरफ से इस प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है. 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर की सितंबर 2026 में विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) रिपोर्ट तैयार हो चुकी है. यह कॉरिडोर भोपाल के बाहरी छोर पर स्थित सूखी सेवनिया से शुरू होकर ग्वालियर बाईपास पर सुसेरा गांव के पास खत्म होगा.
एमपी-यूपी-राजस्थान तक कनेक्टिविटी
- मध्य प्रदेश: भोपाल, ब्यावरा, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना
- राजस्थान: धौलपुर जिले से होकर कॉरिडोर गुजरेगा.
- उत्तर प्रदेश: आगरा, मथुरा जाने के बाद यह पूरा रूट नोएडा दिल्ली से कनेक्ट हो जाएगा.

ग्वालियर में जमीन अधिग्रहण तेज
ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे पर ताजा अपडेट यह है कि ग्वालियर जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है. प्रोजेक्ट के तहत 5.23 करोड़ की लागत की जमीन अधिग्रहित हुई है. 4600 करोड़ रुपए की लागत का यह 90 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ग्वालियर शहर के सुसेरा बायपास से शुरू होगा और आगरा के इनर रिंग रोड पर जाकर खत्म होगा. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने के बाद अब काम में और तेजी आने की उम्मीद है.
तीन राज्यों की 549 हेक्टेयर जमीन
ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे के लिए तीन राज्यों की 549 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है. जिसमें 87.0530 हेक्टेयर सरकारी और 458.7237 हेक्टेयर प्राइवेट जमीन शामिल है. तीनों राज्यों में जमीन अधिग्रहण पूरा होने के बाद अब काम में तेजी आ सकती है. यह 'एक्सेस कंट्रोल्ड' एक्सप्रेसवे होगा, जिस पर यात्रियों को ट्रैफिक पर इंटरचेंज, फ्लाईओवर, अंडरपास का निर्माण होगा. ताकि तेज रफ्तार मिल सके. दिसंबर 2028 तक यह दोनों प्रोजेक्ट शुरू होने की पूरी संभावना है.
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