मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर यानी दिल्ली की पहली बुलेट ट्रेन के जमीनी सर्वे का काम तेज हो गया है. दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन की डीपीआर रेल मंत्रालय को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने सौंप दी है. सरकार ने इस कॉरिडोर को दो चरणों में बनाने की तैयारी की है. इसमें दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन पहले चरण में और फिर दूसरे चरण में इसे आगे बढ़ाते हुए पटना से सिलीगुड़ी तक विस्तार दिया जाएगा. डीपीआर को फाइनल मंजूरी के बाद कैबिनेट से मंजूर कराया जा सकता है. पीएम मोदी की सरकार ने पिछले बजट में सात बुलेट ट्रेन रूट को हाई प्रायोरिटी घोषित किया था, जिसमें वाराणसी रूट भी शामिल है.
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर रूट
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की लंबाई 813 किलोमीटर है. यह ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही होते हुए वाराणसी तक जाएगी. जबकि दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 1557 किलोमीटर होगी.
- दिल्ली से वाराणसी बुलेट ट्रेन: 756 किमी
- वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी: 744 किमी
- दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट
- वाराणसी से सिलीगुड़ी : 2 घंटे 55 मिनट
- पटना से सिलीगुड़ी: करीब 2 घंटे
- दिल्ली से वाराणसी: 11 से 12 घंटे : 3 घंटे 40 मिनट
- दिल्ली से पटना : 12 से 14 घंटे : 4 घंटे 41 मिनट
- दिल्ली से सिलीगुड़ी: 20 से 24 घंटे : 6 घंटे 45 मिनट
दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन रूट
दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड रेल के ग्राउंड सर्वे के लिए रेलवे के सीनियर तकनीकी अधिकारियों से आवेदन मांगे गए हैं. इसके लिए NHSRCL ने वरिष्ठ टेक्नोक्रेट की तैनाती के लिए 7 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें तीन विशेष कार्य अधिकारी और तीन अपर महाप्रबंधक तैनात होंगे.अगले 30 दिनों में ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.दिल्ली,नोएडा, नई दिल्ली, आगरा, लखनऊ, वाराणसी और पटना में नियुक्ति के साथ परियोजना के ग्राउंड ऑपरेशन संभालेंगे. डीपीआर फाइनल में तुरंत मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा.
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन के स्टेशन कहां होंगे
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट की बात करें तो ये दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या (लिंक लाइन), रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी जैसे स्टेशनों से गुजरेगी.
दिल्ली से पटना सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में
अभी पटना से दिल्ली की यात्रा में एक्सप्रेस ट्रेनों से 12 से 13 घंटे का कम से कम समय लगता है. बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद यह सफर घटकर मात्र 4 घंटे 41 मिनट यानी एक तिहाई रह जाएगा. बिहार में बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, हाथीदह, बेगूसराय, महेशखूंट, कटिहार और किशनगंज जैसे स्टेशन बनाए जा सकते हैं. बिहार में इसके लिए एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा.इसके लिए लगभग 1900 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी.पटना जिले में बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए 21 एकड़ भूमि की जरूरत होगी.स्टेशन के लिए पहले फुलवारी शरीफ एम्स पटना के पास जमीन का निरीक्षण किया गया था.NHSRCL सर्वे टीम ने बिहटा के पास स्टेशन का भी आइडिया दिया है. बिहटा में नया एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल हब बन रहा है.
बुलेट ट्रेन टॉप स्पीड (Bullet Train Top Speed)
भारत बी28 स्वदेशी बुलेट ट्रेन कोच बना रहा है, जो 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले होंगे. जबकि जापान के शिंकानसेन बुलेट ट्रेन कोच 2029-30 तक मिलेंगे, इनकी टॉप स्पीड 350 किमी प्रति घंटा होगी. उधर, जापान और चीन मैग्लेव ट्रेन बना रहे हैं, जिनकी स्पीड 600 किमी प्रति घंटे तक है. वहीं रूस ने 360 किमी प्रति घंटे की बुलेट ट्रेन की गति से दौड़ने वाली Ivolga मालगाड़ी ट्रेनें भारत को देने की पेशकश की है.
Vadodara Moves Closer to More Opportunities
— NHSRCL (@nhsrcl) September 13, 2026
The Bullet Train will strengthen the city's connectivity with key economic centres, bringing opportunities in education, employment, business and technology closer to its people.
With improved regional access and integration with… pic.twitter.com/KUXrWAZvH4
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बिहार-बंगाल से दिल्ली की दूरी घटेगी
बिहार, बंगाल से दिल्ली की दूरी बेहद कम रह जाएगी. व्यापारी या छात्र लोग सुबह दिल्ली जाकर शाम को पटना वापस लौट सकेंगे. बिहार के बक्सर, बेगूसराय, आरा और कटिहार जैसे छोटे शहर सीधे तेज ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. इससे नई इंडस्ट्री, रियल एस्टेट और पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. आगे इस कॉरिडोर को सिलीगुड़ी से आगे गुवाहाटी तक बढ़ाया जा सकता है.रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए विशेष सर्वे टीम बनाई गई है. उत्तर प्रदेश के आगरा, प्रयागराज, वाराणसी जैसे जिलों में भूमि अधिग्रहण के प्रस्तावों पर काम हो रहा है. बिहार में ग्राउंड सर्वे और सॉइल टेस्टिंग का काम हो लहा है.
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