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बुलेट ट्रेन के पहले दिल्ली-वाराणसी के बीच नई वंदे भारत चलेगी, प्रयागराज, कानपुर समेत ये रूट, दिवाली-छठ पूजा के पहले सौगात

वंदे भारत एक्सप्रेस के पहले वंदेभारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली-वाराणसी रूट पर चलने की तैयारी है. प्रयागराज, कानपुर समेत दिल्ली-हावड़ा रूट पर कई ठहराव हो सकते हैं.

बुलेट ट्रेन के पहले दिल्ली-वाराणसी के बीच नई वंदे भारत चलेगी, प्रयागराज, कानपुर समेत ये रूट, दिवाली-छठ पूजा के पहले सौगात
Delhi Varanasi Vande Bharat Sleeper
नई दिल्ली:

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट भले ही अभी दूर का सफर हो, लेकिन इस बिजी रेल मार्ग पर एक और सुपरफास्ट वंदे भारत ट्रेन दौड़ाने की तैयारी हो गई है.दिल्ली-वाराणसी के बीच एक वंदे भारत ट्रेन पहले ही चल रही है. दोनों शहरों के बीच 12-14 घंटे की जगह 8 घंटे में सफर इस ट्रेन के जरिये होगा. ये दूसरी भारत  ट्रेन वंदे भारत स्लीपर होगी, यानी इसका टिकट भी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के मुकाबले सस्ता होगा.सूत्रों का कहना है कि दिवाली और छठ पूजा के त्योहारों के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए ये ट्रेन शुरू की जा सकती है, जो बिहार तक सीधी ट्रेन न पाने वाले यात्रियों के लिए पूर्वांचल तक का एक विकल्प बनेगी. 

वंदे भारत ट्रेन का रूट, टाइमिंग

नई दिल्ली से वाराणसी के बीच करीब 770 किमी की दूरी वंदे भारत ट्रेन 8 घंटे में पूरा करेगी. अभी की सुपरफास्ट ट्रेनों से ये दूरी तय करने में 14 घंटे तक लगते हैं. दिल्ली-हावड़ा रूट पर ये वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज जंक्शन पर भी ठहराव मिलने के आसार हैं. ट्रेन देर शाम दिल्ली से चलेगी और सुबह तड़के वाराणसी पहुंचेगी. अपडाउन में ट्रेन रात को वाराणसी से चलकर सुबह दिल्ली पहुंचेगी.

स्लीपर वंदे भारत के कोच, सुविधाएं कैसी

रेलवे की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन राजधानी या अन्य प्रीमियम ट्रेनों के डिब्बों की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक है. इसमें 16 कोच होंगे, जिसमें एक फर्स्ट एसी, 4 एसी टियर-2 और 11 थर्ड एसी कोच होंगे. इसमें 823 यात्री सवार होंगे. ये ट्रैक पर 130 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. टक्कर से सुरक्षा के लिए ये ट्रेन स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच से लैस होगी.सेमीपरमानेंट कपलर से ट्रेन में आपको ज्यादा झटके नहीं लगेंगे.

  • आरामदायक चौड़ी बर्थ:  ज्यादा गद्देदार सीट के साथ हर बर्थ पर पढ़ने की लाइट, मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट
  • टच फ्री वैक्यूम टॉयलेट: बदबू रोकने के लिए तकनीक और सेंसर से खुलने बंद होने वाले नल
  • ऑटोमैटिक दरवाजे: स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद ही एक साथ दरवाजे खुलेंगे, दुर्घटना से सुरक्षा
  • दिव्यांगों के लिए व्यवस्था:विशेष रूप से डिजाइन शौचालय और सुगम आवागमन की व्यवस्था

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वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली ट्रेन 7 साल पहले

देश की सबसे पहली वंदे भारत एक्सप्रेस चेयर कार 7 साल पहले 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर शुरू की गई थी. दिल्ली-वाराणसी रूट पर काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज, मड़ुवाडीह जैसी ट्रेनों के बावजूद रेलवे ने दो चेयर कार वंदे भारत ट्रेनें चलाई हैं.दिल्ली-वाराणसी रूट पर शिवगंगा एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और डिब्रूगढ़/हावड़ा राजधानी जैसी ट्रेनों में हमेशा लंबी वेटिंग रहती है. स्लीपर वंदे भारत से कारोबारी और टूरिस्ट को आरामदायक यात्रा मिलेगी.वाराणसी उत्तर प्रदेश और बिहार का सबसे प्रमुख जंक्शन है. वंदे भारत स्लीपर से चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर और भभुआ, बक्सर के यात्रियों को फायदा मिलेगा.

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