- बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है
- सातवें वेतन आयोग के तहत डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा
- छठे वेतन आयोग के तहत डीए 257% से बढ़ाकर 262 % और पांचवें वेतन आयोग का 474 प्रतिशत से 483 प्रतिशत किया गया
बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. उनकी तनख्वाह जल्द बढ़ने वाली है. सरकार ने 2 प्रतिशत DA बढ़ा दिया है. ये बड़ा फैसला सम्राट कैबिनेट की बैठक में लिया गया. बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सम्राट कैबिनेट की ये पहली बैठक थी, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा मिला है. बैठक में 18 एजेंडो पर मुहर लगाई गई, जिनमें डीए बढ़ाने का फैसला भी शामिल है. बिहार में सरकारी कर्मचारियों का DA 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया है. सम्राट कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले से करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को सीधा फायदा पहुंचेगा. DA बढ़ने से न सिर्फ सैलरी बढ़ेगी बल्कि पेंशन भी बढ़ेगी.
बिहार के सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले
- सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन और पेंशन पा रहे बिहार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से अब 58% की जगह पर 60% DA मिलेगा.
- वहीं छठे वेतन आयोग में वेतन, पेंशन पा रहे राज्य सरकार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से अब 257 प्रतिशत की जगह पर 262% महंगाई भत्ता मिलेगा.
- पांचवें वेतन आयोग के तहत सैलरी और पेंशन पा रहे राज्य सरकार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से 474% की जगह पर 483 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा.
कब से प्रभावी होगा बढ़ा हुआ DA?
राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) बढ़ा दिया गया है. सातवें वेतन आयोग के तहत काम कर रहे कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं, छठे वेतनमान के कर्मियों का डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत और पांचवें वेतनमान के कर्मियों का डीए 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया है. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी.सरकार ने कहा कि महंगाई भत्ते में वृद्धि का मकसद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति को बनाए रखना है.
72,901 करोड़ रुपये तक लोन लेगी बिहार सरकार
सम्राट कैबिनेट की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य सरकार को 72,901 करोड़ रुपये तक लोन लेने की अनुमति दी गई, जिसमें 64,141 करोड़ रुपये का बाजार ऋण शामिल हैं. इस पैसे को राज्य में विभिन्न तरह की विकास योजनाओं पर खर्च किया जाएगा.
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