विज्ञापन
This Article is From Oct 23, 2025

मां सरपंच, पिता जेल में... दिल्ली में मारा गया बिहार का गैंगस्टर रंजन पाठक, गांव वाले बोले- सब दारू के चक्कर में हुआ

Ranjan Pathak Encounter: ग्रामीण विमल मुखिया ने बताया कि रंजन पाठक के पिता मनोज कुमार पाठक उसी के कारण जेल में है. रंजन की मां अनीता देवी 10 साल से सरपंच हैं. रंजन का एक भाई दिल्ली में रहता है. दोनों बहनों की शादी हो चुकी है.

मां सरपंच, पिता जेल में... दिल्ली में मारा गया बिहार का गैंगस्टर रंजन पाठक, गांव वाले बोले- सब दारू के चक्कर में हुआ
दिल्ली में मारे गए बिहार के गैंगस्टर रंजन पाठक के बारे में उसके गांव वालों ने क्या कुछ बताया.
  • बिहार के सीतामढ़ी के गैंगस्टर रंजन पाठक को दिल्ली के रोहिणी इलाके में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था.
  • रंजन पाठक की मां दो टम से सरपंच हैं. उसके पिता भी पहले सरपंच रह चुके हैं. वह दो महीने से जेल में है.
  • मुठभेड़ में रंजन के साथ उसके तीन साथी भी मारे गए, जिनमें उसका दाहिना हाथ विमलेश सहनी भी शामिल था.
सीतामढ़ी:

Bihar Gangester Ranjan Pathak Encounter: गुरुवार सुबह दिल्ली में मारे गए बिहार के गैंगस्टर रंजन पाठक के बारे में उसके गांव वालों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. रंजन पाठक अपने तीन अन्य साथियों के साथ दिल्ली के रोहिणी इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था. रंजन पाठक बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड के मलाही गांव का रहने वाला था. गुरुवार दोपहर बाद जब NDTV की टीम इस गांव में पहुंची तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. रंजन पाठक के पिता मनोज कुमार पाठक बीते दो महीने से जेल में है. उसकी मां अनीता देवी बीते दो टर्म से मलाही की सरपंच हैं. हालांकि एनकाउंटर में रंजन पाठक की मौत के बाद मलाही में उसके घर पर कोई नहीं मिला. 

गांव के लोग बोले- रंजन पहले अच्छा लड़का था

रंजन पाठक सीतामढ़ी के मलाही गांव का रहने वाला था. गुरुवार को मलाही पहुंचे NDTV के रिपोर्टर को स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रंजन पाठक का घर मलाही के वार्ड नंबर-7 में था. अजीत कुमार सिंह नामक स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि रंजन का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है. वो पहले अच्छा लड़का था.

रंजन पाठक के बारे में बताते उसके गांव के अजीत कुमार सिंह.

रंजन पाठक के बारे में बताते उसके गांव के अजीत कुमार सिंह.

गांव के लोग बोले- सब दारू के चक्कर में हुआ

अजीत सिंह ने आगे बताया कि ये सब दारू के चक्कर में हुआ है. बिहार में शराबबंदी के बाद मलाही गांव से दारू ढोने की शुरुआत हुई. जिसके बाद इस गांव के युवा भी इस धंधे में कूद पड़े. फिर वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई. हम भी कमाएंगे, हम की कमाएंगे की शुरुआत हुई. फिर बाहरी बदमाशों से भी यहां के लड़कों की दोस्ती हुई. गार्जियन कितना भी समझाया ये लोग नहीं माने और आज मारे गए.

रंजन के पिता बेटे के कारण ही दो माह से जेल में

एक दूसरे ग्रामीण विमल मुखिया ने बताया कि रंजन पाठक के पिता मनोज कुमार पाठक उसी के कारण जेल में है. रंजन की मां अनीता देवी 10 साल से सरपंच है. रंजन चोरी-डकैती करने गया था. उसी के चक्कर में पिता दो माह से जेल में है. रंजन का एक भाई दिल्ली में रहता है. दोनों बहनों की शादी हो चुकी है.

रंजन के गांव वालों ने बताया कि बिहार में शराबबंदी के बाद राज्य में शराब की चोरी-छिपे तस्करी खूब हो रही है. युवा इस धंधे में कूद पड़े हैं. इस धंधे में अपराधियों से भी संपर्क होता है.

सीतामढ़ी का मोस्ट वांटेड था रंजन पाठक

मालूम हो कि सीतामढ़ी के मोस्ट वांटेड रंजन पाठक समेत चार बदमाश दिल्ली के रोहिणी में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए. दिल्ली और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में रंजन पाठक का दाहिना हाथ विमलेश सहनी भी मारा गया. ये बदमाश सीतामढ़ी में कई आपराधिक घटनाओं में शामिल थे.

सिग्मा गैंग चलाया करता था रंजन पाठक

दिल्ली के रोहिणी सेक्टर में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात ‘सिग्मा गैंग' का अंत हो गया. गिरोह के मुख्य सरगना रंजन पाठक समेत चार मोस्ट वांटेड बदमाश मार गिराए गए. यह संयुक्त ऑपरेशन दिल्ली और बिहार पुलिस ने मिलकर किया.

Latest and Breaking News on NDTV

रोहिणी में गुरुवार तड़के हुआ एनकाउंटर

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया. यह मुठभेड़ 22 और 23 अक्टूबर की रात करीब 2:20 बजे रोहिणी के बहादुर शाह मार्ग से लेकर पंसाली चौक के बीच हुआ.

दोनों तरफ से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

पुलिस के मुताबिक, अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा भी गोली चलाई गई, जो चारों बदमाशों को लगी. बाद में उन्हें डॉ. बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया. ऑपरेशन में पुलिस के किसी जवान को गंभीर जख्म नहीं आया.

रंजन पाठक के गांव मलाही में लोग.

रंजन पाठक के गांव मलाही में लोग.

रंजन पाठक के साथ मारे गए तीनों अपराधी को जानिए

एनकाउंटर में मारे गए चारों अपराधियों की पहचान हो चुकी है. सीतामढ़ी जिले के सुरसंड थाना क्षेत्र के मलाही गांव निवासी मनोज पाठक का पुत्र रंजन पाठक (25), बाजपट्टी थाना क्षेत्र के रतवारा गांव निवासी बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी (25), शिवहर जिले के दोस्तियां गांव निवासी अमन ठाकुर (21) और दिल्ली के करावल नगर का शेरपुर गांव निवासी मनीष पाठक (33) शामिल हैं.

बिमलेश महतो रंजन पाठक का दाहिना हाथ

दूसरा मारा गया बदमाश बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी रंगदारी और हथियार तस्करी में सक्रिय था. वह रंजन का दाहिना हाथ माना जाता था. तीसरा अपराधी मनीष पाठक कई हत्याओं और अपहरण के मामलों में वांटेड था.

चौथा अपराधी अमन ठाकुर दिल्ली में रहते हुए गिरोह को राजधानी से लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान करता था. वह अपराधियों के ठिकाने और हथियारों की व्यवस्था करता था.

रंजन पाठक पर 50 हजार का इनाम

रंजन पाठक पर बिहार पुलिस ने 50 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था. वही अमन ठाकुर और विमलेश सहनी पर भी 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था.चारों बदमाशों पर हत्या, लूट, रंगदारी और अपहरण जैसे दर्जनों संगीन मुकदमे दर्ज थे.

मर्डर के बाद मीडिया को भेजा था अपना क्रिमिनल बायोडाटा

गैंग का सरगना रंजन पाठक बिहार के अपराध जगत का जाना-पहचाना नाम था. बताया जाता है कि सीतामढ़ी में एक हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद उसने मीडियाकर्मियों को अपना ‘क्रिमिनल बायोडाटा' तक भेज दिया था. उसका मकसद आमलोगों में डर और अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाना था.

बुलेट पर हाथ में पिस्टल लिए लेटा रंजन पाठक.

बुलेट पर हाथ में पिस्टल लिए लेटा रंजन पाठक.

बिहार चुनाव में दहशत फैलाने की थी साजिश

बिहार पुलिस के मुताबिक हाल ही में इस गैंग का एक आडियो काल भी सामने आया था, जिसमें रंजन अपने साथियों से बिहार चुनाव से पहले दहशत फैलाने की बात कर रहा था. इतना ही नहीं अपने साथियों से यह भी कहते नजर आ रहा था कि इतनी हत्या करो कि चुनाव से पहले एसपी का तबादला हो जाए.

सिग्मा गैंग' की क्राइम कुंडली खंगाल रही पुलिस

‘सिग्मा एंड कंपनी' के नाम से कुख्यात यह गिरोह बिहार-नेपाल सीमा तक फैला हुआ था. गिरोह का सरगना और मास्टरमाइंड रंजन पाठक इंटरनेट मीडिया के जरिए भी अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करता था. गैंग के बदमाश बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में रंगदारी, सुपारी किलिंग और हथियार सप्लाई जैसे अपराधों में संलिप्त थे.

नेपाल के रास्ते फंडिंग, दिल्ली में भी ठिकाना

सूत्रों के मुताबिक गैंग की फंडिंग नेपाल के रास्ते होती थी और इसकी जड़ें सीमावर्ती जिलों में गहरी हो गई थीं. पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की निगरानी पिछले कई महीनों से की जा रही थी. गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली में उनका ठिकाना चिह्नित किया गया.

ऑपरेशन की योजना पूरी तरह से चुनावी सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई थी ताकि बिहार में चुनाव से पहले किसी बड़े अपराध को रोका जा सके.

पुलिस का दावा- सिग्मा गैंग का अंत

अधिकारियों का कहना है कि इस आपरेशन से न सिर्फ ‘सिग्मा गैंग' का अंत हुआ, बल्कि चुनाव के दौरान राज्य में शांति बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. पुलिस ने दावा किया है कि गैंग के बचे हुए बदमाशों की भी पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा.

रंजन की मौत के बाद इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और गश्त बढ़ा दी गई है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें. यह कार्रवाई अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून से बचना अब नामुमकिन है. एनकाउंटर ने पुलिस के दृढ़ संकल्प और त्वरित कार्रवाई की मिसाल पेश की है.

यह ऑपरेशन बिहार चुनाव से पहले अपराध के खिलाफ सरकार और पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का साफ संकेत देता है. जनता में अब यह विश्वास मजबूत हुआ है कि अपराधी चाहे जहां छिप जाएं, न्याय उनका पीछा नहीं छोड़ेगा.

यह भी पढ़ें - सोशल मीडिया से खुलेआम पुलिस को चुनौती, अब मुठभेड़ में ढेर, जानिए कौन था गैंगस्टर रंजन पाठक

यह भी पढ़ें -  दिल्ली के रोहिणी में एनकाउंटर, सिग्मा एंड कंपनी का खात्मा, बिहार के 4 मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हुए ढेर

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ranjan Pathak Encounter, Bihar Gangester, Bihar Gangester Ranjan Pathak, Sitamarhi, Delhi Police Encounter
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com