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This Article is From Feb 12, 2024

Timeline: भारत की बड़ी जीत, कतर जेल से रिहा हुए 8 पूर्व नौसैनिक

पीएम मोदी की अगुवाई में भारत सरकार को एक बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है... कतर ने सोमवार को उन 8 पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को रिहा कर दिया है.

Timeline: भारत की बड़ी जीत, कतर जेल से रिहा हुए 8 पूर्व नौसैनिक
कतर की एक अदालत ने सभी आठ भारतीयों को मौत की सजा सुनाई थी
नई दिल्‍ली:

कतर ने मौत की सजा पाए भारतीय नौसेना के पूर्व आठ कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया है. विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि उनमें से सात भारत लौट आए हैं. सात भारतीयों में नवतेज सिंह गिल, सौरभ वशिष्ठ, पूर्णेंदु तिवारी, बीरेंद्र कुमार वर्मा, सुगुनाकर पकाला, संजीव गुप्ता, अमित नागपाल और रागेश. ये भी एक निजी कंपनी 'अल दहरा 'कंपनी के लिए काम कर रहे थे.

ये भारतीय कर्मचारी इटली में बनी छोटी स्टील्थ पनडुब्बियों U2I2 के कतरी नौसेना में इंडक्शन की प्रक्रिया पर काम कर रहे थे. U2I2 पनडु्ब्बी को इटली की कंपनी फिनकैंटिएरी ने विकसित और निर्मित किया है। यह पनडुब्बी पारंपरिक पनडुब्बियों के मुकाबले काफी छोटी और स्टील्थ तकनीक से लैस है.

साल 2022 में शुरू हुआ मामला 

30 अगस्त : आठ भारतीयों को अज्ञात कारणों से गिरफ्तार किया गया और एकान्त कारावास में रखा गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन्हें कतर की खुफिया एजेंसी ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था.
1 अक्टूबर: दोहा में भारतीय राजदूत और मिशन के उप प्रमुख ने नौसेना के पूर्व दिग्गजों से मुलाकात की. 
3 अक्टूबर: पहली काउंसलर पहुंच प्रदान की गई. दहरा ग्लोबल के सीईओ ने भी अपने अधिकारियों की मदद करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने दो महीने एकान्त कारावास में बिताए और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.

2023 में बढ़ गई थीं मुश्किलें 

1 मार्च: इन आठ भारतीयों में से कई की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं. इसके बाद इन्‍हें जेल में डाल दिया गया.
25 मार्च: कतर की अदालत में आठ लोगों के खिलाफ आरोप दायर किये गए.
29 मार्च: कतरी कानून का पालन करते हुए मुकदमा शुरू हुआ.
30 मई: दाहरा ग्लोबल ने दोहा में अपना परिचालन बंद कर दिया और इसके पूर्व कर्मचारी, जो ज्यादातर भारतीय थ, घर लौट आए.
4 अगस्त: गिरफ्तार लोगों को उनके सहकर्मियों के साथ एकान्त कारावास से जेल वार्ड में ले जाया गया, प्रत्येक सेल में दो आदमी थे.
26 अक्टूबर: कतर की एक अदालत ने सभी आठ भारतीयों को मौत की सजा सुनाई.
9 नवंबर: भारत ने कहा कि उसने आठ पूर्व नौसेना कर्मियों को मौत की सजा पर कतर में अपील दायर की है.
23 नवंबर: अदालत ने मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ भारत की अपील स्वीकार कर ली.
28 दिसंबर: भारत ने कहा कि आठ पूर्व नौसेना कर्मियों को अब कम सजा का सामना करना पड़ेगा.

2024 में हुई रिहाई 

12 फरवरी: भारत ने घोषणा की कि भारतीय नौसेना के आठ दिग्गजों को रिहा कर दिया गया है. अमीर के आदेश पर रिहाई हो गई. सात भारतीय देश लौट गए हैं. भारत ने क़तर के अमीर का शुक्रिया किया है.

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