बंगाल के बांकुड़ा जिले के जॉयपुर और कोटुलपुर में आलू के किसान भारी संकट में फंस गए हैं. इस साल भरपूर पैदावार होने के बावजूद व्यापारी खेतों से सीधे आलू खरीदने से इंकार कर रहे हैं. नतीजतन, सैकड़ों बोरे आलू खेतों में ही सड़ रहे हैं. व्यापारी भी आलू खरीदने से बच रहे हैं.
कोल्ड स्टोरेज 80% फुल
स्थानीय कोल्ड स्टोरेज पहले से ही लगभग 80% क्षमता तक आलू से भर चुके हैं. किसानों का कहना है कि एक बीघा पर उत्पादन लागत लगभग 30 हजार रुपये आती है, जबकि आलू की बिक्री कीमत मात्र 50 रुपये प्रति बोरा रह गई है, इससे किसानों को प्रति बीघा लगभग 20 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है.

तांगे पर आलू लादकर कोल्ड स्टोरेज ले जाते किसान. सड़क पर लगा जाम.
कोलकाता-बांकुड़ा मार्ग पर जाम
निराश किसान ट्रैक्टर और बैलगाड़ी से आलू को कोल्ड स्टोरेज तक ले जा रहे हैं, इससे कोलकाता-बांकुड़ा मार्ग पर लंबा जाम लग गया. स्थिति तब और बिगड़ गई, जब कोटुलपुर पुलिस ने वाहनों को मोड़ने की कोशिश की, जिससे कोल्ड स्टोरेज के मुख्य द्वार पर तनाव उत्पन्न हो गया.
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