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बारापुला जाम 15 दिन में होगा खत्म, दिल्ली सरकार ने बनाया महाप्लान; यू-टर्न, एक्स्ट्रा लेन, मैप अपडेट तक शामिल

बारापुला फ्लाईओवर पर लगने वाले जाम को लेकर मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस और विशेषज्ञों के साथ बैठक में कई तात्कालिक उपायों पर सहमति बनी है. मंत्री ने 10 से 15 दिनों में राहत मिलने की उम्मीद जताई है.

बारापुला जाम 15 दिन में होगा खत्म, दिल्ली सरकार ने बनाया महाप्लान; यू-टर्न, एक्स्ट्रा लेन, मैप अपडेट तक शामिल
बारापुला फ्लाईओवर पर भीषण जाम लग रहा है. इसे खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा प्लान बनाया है.
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  • बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर के उद्घाटन के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ गई है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है
  • दिल्ली सरकार ने ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की सिफारिशों के आधार पर बड़ा प्लान बनाया है.
  • जिसमें गुरुद्वारा बाला साहिब के पास नया यू-टर्न, अतिरिक्त ट्रैफिक लेन और मर्जिंग पॉइंट्स में बदलाव शामिल हैं.
नई दिल्ली:

दिल्ली-नोएडा की नई लाइफलाइन कही जाने वाली बारापुला फेज-3 के जरिए यह दावा किया जा रहा था कि मयूर विहार से एम्स मात्र 15 मिनट में पहुंचा जा सकेगा. 29 सितंबर को इसी उम्मीद के साथ बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का उद्घाटन किया गया. लेकिन इस फ्लाईओवर की शुरुआत के बाद जाम की समस्या खत्म होने के बदले और बढ़ गई. बारापुला फेज-III फ्लाईओवर के तीन लेन वाले हिस्से को दो लेन वाले मौजूदा कॉरिडोर से जोड़ने वाले मर्जर पॉइंट पर बहुत ज्यादा जाम लग रहा है. मिनटों की दूरी तय करने के लिए लोगों को घंटों का समय लग रहा है. इस जाम के कारण निर्माण कार्य पर सवाल उठ रहे हैं. अब दिल्ली सरकार ने बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर पर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए महाप्लान बनाया है. इस प्लान के जरिए अगले 15 दिन में बड़ी राहत मिलने की बात कही जा रही है.  

बारापुला फेज-III कॉरिडोर पर लग रहे भारी ट्रैफिक जाम को लेकर दिल्ली सरकार के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को कहा कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सिफारिशों पर काम शुरू कर दिया गया है और अगले 10 से 15 दिनों में लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है.

मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और विशेषज्ञों के साथ बैठक में कई तात्कालिक उपायों पर सहमति बनी है. इनमें गुरुद्वारा बाला साहिब के पास नया यू-टर्न, कुछ हिस्सों में अतिरिक्त ट्रैफिक लेन का निर्माण और महत्वपूर्ण मर्जिंग प्वाइंट्स पर बदलाव शामिल हैं. साथ ही, नए मार्ग पर ट्रैफिक डेटा को सही ढंग से दिखाने के लिए गूगल मैप के साथ भी बातचीत की गई है.

मंत्री बोले- 15 दिन में दिखेगा असर

मंत्री ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस ने गुरुद्वारा बाला साहिब के पास यू-टर्न बनाने का सुझाव दिया है, जिस पर काम शुरू हो चुका है. इससे सिद्धार्थ एक्सटेंशन से आने वाले वाहन चालकों को गलत दिशा में रैंप का उपयोग किए बिना पुराने बारापुला कॉरिडोर तक पहुंचने में मदद मिलेगी.

इसके अलावा, सराय काले खां से आईटीओ के बीच एक हिस्से में फुटपाथ हटाकर अतिरिक्त लेन बनाने का प्रस्ताव है. वर्मा के अनुसार, कई स्थानों पर चार लेन की सड़क अचानक तीन लेन में बदल जाती है और फिर चार लेन हो जाती है, जिससे जाम की स्थिति बनती है.

दिल्ली की जाम से जुड़ा ये वीडियो भी देखें

ट्रैफिक पुलिस ने बताई जाम की वजह

ड्रोन सर्वे के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने पाया कि कई जगहों पर दो अलग-अलग तीन-लेन सड़कों का ट्रैफिक एक ही तीन-लेन कॉरिडोर में प्रवेश कर रहा है. वहीं, सनडायल पार्क के पास नए और पुराने बारापुला फ्लाईओवर के मिलन बिंदु पर सड़क का मोड़ पर्याप्त रूप से स्मूद नहीं है, जिससे ट्रैफिक बाधित हो रहा है. मंत्री ने कहा कि सरकार ने गूगल से भी संपर्क किया है. Google का कहना है कि किसी नई सड़क के ट्रैफिक पैटर्न को समझने में उसके सिस्टम को करीब 15 दिन का समय लगता है, जिसके बाद रियल-टाइम ट्रैफिक जानकारी अधिक सटीक दिखाई देने लगती है.

मंत्री ने स्वीकार किया कि सरकार ने इतनी बड़ी ट्रैफिक समस्या की संभावना नहीं आंकी थी. उन्होंने कहा कि नई सड़क खुलने के कारण भी लोग उत्सुकतावश बड़ी संख्या में इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं.

डिजाइन विवाद पर AAP को घेरा

बारापुला फेज-III के डिजाइन को लेकर आम आदमी पार्टी की आलोचना पर जवाब देते हुए वर्मा ने कहा कि परियोजना की लेन संख्या, तकनीकी विनिर्देश और विस्तृत डिजाइन पूर्ववर्ती AAP सरकार के कार्यकाल में तय किए गए थे. उन्होंने दावा किया कि फरवरी 2025 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने तक परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और 298 में से 288 पिलर बन चुके थे. ऐसे में उस चरण पर डिजाइन बदलना संभव नहीं था.

मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए. उनके मुताबिक, यदि शुरुआत में दो अतिरिक्त लेन जोड़ी गई होतीं तो यह फ्लाईओवर आने वाले कई दशकों तक ट्रैफिक दबाव संभाल सकता था.

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लागत बढ़कर 1,635 करोड़ रुपये पहुंची

मंत्री ने परियोजना में हुई देरी और लागत बढ़ने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि निर्माण का टेंडर लगभग 964 करोड़ रुपये का था, जबकि बाद में लागत बढ़कर 1,635 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. उनका आरोप है कि एस्केलेशन और आर्बिट्रेशन भुगतान के कारण खर्च में भारी वृद्धि हुई. बारापुला फेज-III परियोजना को 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था. इसे 2017 तक पूरा होना था, लेकिन कई वर्षों की देरी के बाद यह सितंबर 2026 में जनता के लिए खोली गई.

एलिवेटेड रिंग रोड से खत्म होगी समस्या

प्रवेश वर्मा ने कहा कि यमुना पार से आने वाले ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड रिंग रोड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इसके लिए DPR तैयार हो चुकी है और इसमें यमुना पर दो नए क्रॉसिंग बनाने का भी प्रस्ताव है. अब देखना होगा कि मंत्री के दावे के अनुसार 15 दिन में बारापुला फ्लाईओवर का जाम समाप्त होता है या नहीं?

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