इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई बैठक के बाद 28 से 30 सितंबर तक देशभर में होने वाली बैंक हड़ताल टाल दी गई है. पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और अन्य लंबित मांगों को लेकर बैंक यूनियन ने सोमवार से तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल बुलाया था. यह तीन दिवसीय हड़ताल 11 सितंबर को आयोजित एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद की जा रही थी.
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के सात संगठनों के शीर्ष निकाय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने इस हड़ताल का आह्वान किया था. यूएफबीयू ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी.

बैंक कर्मचारी अपनी मुख्य मांग - सभी बैंकों में 'फाइव-डे बैंकिंग' (हफ्ते में 5 दिन काम) लागू करने के समर्थन में हड़ताल पर जाने वाले थे.
लगभग 8 लाख बैंक अधिकारी और कर्मचारी 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेने वाले थे. यह हड़ताल देश भर में 1.81 लाख से ज़्यादा बैंक शाखाओं में होने वाली थी.
भारत सरकार और बैंक कर्मचारियों के बीच 'फाइव-डे बैंकिंग' लागू करने को लेकर फिलहाल सहमति नहीं है.

सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग की मांग कई सालों से लंबित है. यूनियन नेताओं के अनुसार मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हाल में हुई सुलह बैठकों के दौरान सरकार ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया. यूनियनों का तर्क है कि कई सरकारी और वित्तीय संस्थानों में पहले से ही सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू है.
इस बीच, वित्त मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में बैंक कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता न अपनाने और बातचीत के जरिए बाकी मांगों को सुलझाने की अपील की थी. मंत्रालय ने कहा था कि यूनियनों की ज्यादातर चिंताओं का पहले ही काफी हद तक समाधान किया जा चुका है.
मंत्रालय ने यह भी कहा था कि प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को वापस लेने की मांग पर विस्तृत चर्चा के बाद इस महीने की शुरुआत में इसे स्थगित कर दिया गया था.
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